Janmashtami 2026: आज रात कब है कृष्ण पूजा का शुभ मुहूर्त, राशि के हिसाब से ऐसे करें लड्डू गोपाल का पूजन
मान्यता है कि श्रद्धा और भक्ति के साथ की गई पूजा से भगवान कृष्ण की कृपा भक्तों पर बनी रहती है. बालकृष्ण शर्मा की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : September 3, 2026 at 2:23 PM IST
|Updated : September 4, 2026 at 10:50 AM IST
कुल्लू: भगवान विष्णु के अवतार भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव इस साल आज (शुक्रवार, 4 सितंबर को) देशभर में धूमधाम से मनाया जा रहा है. जन्माष्टमी की रात भक्त भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा करेंगे और मध्यरात्रि में उनका जन्मोत्सव मनाएंगे. आचार्य दीप कुमार के अनुसार भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 4 सितंबर को रात 2 बजकर 25 मिनट से शुरू होकर 5 सितंबर को रात 12 बजकर 13 मिनट तक है. उदयातिथि के अनुसार जन्माष्टमी 4 सितंबर को ही मनाई जा रही है. इस दिन रोहिणी नक्षत्र रात 11 बजकर 4 मिनट तक है. भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मध्यरात्रि में माना जाता है, इसलिए इस दौरान अष्टमी तिथि का होना विशेष महत्व रखता है.
पूजा का शुभ मुहूर्त
जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण की जन्म पूजा के लिए 4 सितंबर की मध्यरात्रि का समय सबसे शुभ एवं महत्वपूर्ण है. पूजा का शुभ मुहूर्त रात 11:57 बजे से 12:43 बजे तक है. इसी अवधि में बाल गोपाल का जन्मोत्सव मनाकर विधि-विधान से पूजा की जा सकती है. वहीं, ब्रह्म मुहूर्त 5 सितंबर को सुबह 4:30 बजे से 5:15 बजे तक है. इस समय व्रत रखने वाले श्रद्धालु स्नान और पूजा के बाद व्रत का पारण कर सकते हैं. अब जानते हैं कि 12 राशियों के जातक अपनी राशि के अनुसार भगवान कृष्ण की पूजा कैसे करें? ताकि भगवान का आशीर्वाद उन पर बना रहे.
12 राशियों के लिए खास उपाय
मेष राशि: मेष राशि के जातक जन्माष्टमी पर लाल या केसरिया रंग के वस्त्र पहनें. भगवान गोपाल को लाल चंदन का तिलक लगाएं और 'ॐ क्लीं कृष्णाय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें. भगवान को गुड़ और मिश्री का भोग लगाना शुभ माना जाता है. इससे नकारात्मकता दूर होने की मान्यता है.
वृषभ राशि: वृषभ राशि के जातक सफेद या चमकीले रंग के वस्त्र पहनें. भगवान कृष्ण का पंचामृत से अभिषेक करें और सफेद मक्खन-मिश्री का भोग लगाएं. 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें. मान्यता है कि इससे आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं.
मिथुन राशि: मिथुन राशि के जातक हरे रंग के वस्त्र पहनकर भगवान कृष्ण की पूजा करें. उन्हें तुलसी दल और हरे फल अर्पित करें. पूजा के दौरान गोपाल मंत्र का जाप करें. इससे रोजगार और करियर में उन्नति के योग बनने की मान्यता है.
कर्क राशि: कर्क राशि के जातक सफेद या हल्के पीले वस्त्र पहनें. भगवान कृष्ण को दूध से बनी खीर का भोग लगाएं. रात में चंद्रमा को अर्घ्य दें. इससे मन में चल रहे नकारात्मक विचार दूर होने और मानसिक शक्ति बढ़ने की मान्यता है.
सिंह राशि: सिंह राशि के जातक लाल, गुलाबी या सुनहरे रंग के वस्त्र पहन सकते हैं. भगवान गोपाल को केसरयुक्त खीर या पीले मिष्ठान्न का भोग लगाएं. सूर्य देव का स्मरण करते हुए भगवान कृष्ण की आराधना करें. इससे साहस और आत्मविश्वास बढ़ने की मान्यता है.
कन्या राशि: कन्या राशि के जातक हरे रंग के वस्त्र पहनें. दिन में गाय को हरा चारा खिलाएं और भगवान कृष्ण को मखाने का भोग लगाएं. मान्यता है कि इससे धन संबंधी परेशानियां दूर होती हैं.
तुला राशि: तुला राशि के जातक सफेद या गुलाबी रंग के वस्त्र पहनें. पूजा के दौरान भगवान कृष्ण को चंदन का इत्र और सुगंधित पुष्प अर्पित करें. इसके साथ श्रीसूक्त का पाठ करें. मान्यता है कि इससे आर्थिक स्थिति बेहतर होती है और वैवाहिक जीवन की परेशानियां कम होती हैं.
वृश्चिक राशि: वृश्चिक राशि के जातक लाल या गहरे लाल रंग के वस्त्र पहनें. भगवान कृष्ण को लाल फूलों की माला अर्पित करें और ब्राह्मण को काले तिल का दान करें. इससे मंगल ग्रह से जुड़े अशुभ प्रभाव कम होने की मान्यता है.
धनु राशि: धनु राशि के जातक पीले रंग के वस्त्र पहनें. भगवान कृष्ण को पीले फल, पीले फूल और बेसन के लड्डू अर्पित करें. 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें. मान्यता है कि इससे नौकरी और करियर में पदोन्नति के योग बनते हैं.
मकर राशि: मकर राशि के जातक नीले रंग के वस्त्र पहनें. जरूरतमंदों को अन्न या वस्त्र का दान करें और भगवान कृष्ण को मक्खन का भोग लगाएं. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इससे शनि ग्रह से जुड़ी परेशानियां कम हो सकती हैं.
कुंभ राशि: कुंभ राशि के जातक बैंगनी या नीले रंग के वस्त्र पहनें. भगवान कृष्ण का अभिषेक करें और पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का दीपक जलाएं. मान्यता है कि इससे रोजगार और व्यापार में लाभ के योग बनते हैं.
मीन राशि: मीन राशि के जातक पीले वस्त्र पहनें. भगवान कृष्ण को बृहस्पति से जुड़ी पीली मिठाई और पीले फल अर्पित करें. इसके बाद विष्णु सहस्रनाम या 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः' का जाप करें. मान्यता है कि इससे वैवाहिक जीवन में उन्नति और सौभाग्य की प्राप्ति होती है.
जन्माष्टमी पर ऐसे करें बाल गोपाल की पूजा
आचार्य दीप कुमार के अनुसार जन्माष्टमी की तैयारी पहले से शुरू कर देनी चाहिए. अगर घर में भगवान गोपाल विराजमान हैं तो उनके लिए सुंदर वस्त्र, मुकुट, बांसुरी और अन्य पूजन सामग्री तैयार रखें. जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्ण को पीले वस्त्र अर्पित करें. इसके बाद गंगाजल से उनका स्नान करवाकर नए वस्त्र पहनाएं और मुकुट व बांसुरी अर्पित करें.
माखन-मिश्री का लगाएं भोग
भगवान कृष्ण को माखन-मिश्री का भोग लगाना जन्माष्टमी की पूजा में विशेष माना जाता है. पूजा के दौरान बाल गोपाल को झूले में विराजमान कर उनका जन्मोत्सव मनाया जा सकता है. मध्यरात्रि के शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से पूजा करने के बाद आरती करें और प्रसाद वितरित करें. माना जाता है कि श्रद्धा और भक्ति के साथ की गई पूजा से भगवान कृष्ण की कृपा भक्तों पर बनी रहती है.
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