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14 या 15 कब मनाएं मकर संक्रांति? यहां जानें सही तारीख और शुभ मुहूर्त

लखनऊ के ज्योतिषाचार्य डॉ. उमाशंकर मिश्र के अनुसार, 14 जनवरी को दोपहर 3 बजकर 13 मिनट से पुण्यकाल प्रारंभ होगा.

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By ETV Bharat Hindi Team

Published : January 10, 2026 at 2:55 PM IST

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हैदराबाद: मकर संक्रांति हिंदू धर्म में एक अत्यंत महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तब इसे मकर संक्रांति कहते हैं. इस दिन सूर्य उत्तरायण हो जाते हैं, जिसे देवताओं का दिन भी कहा जाता है. उत्तरायण से खरमास समाप्त होता है और शुभ कार्यों की शुरुआत होती है. इस अवसर पर सूर्योदय से पहले गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है. इसके साथ ही दान-पुण्य का भी विशेष महत्व है.

मकर संक्रांति 2026 कब है?
संक्रांति का दिन सूर्य के गोचर पर निर्भर करता है. पंचांग के अनुसार, 14 जनवरी 2026, बुधवार को दोपहर 3 बजकर 13 मिनट के समय सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करेंगे. इस समय को ध्यान में रखते हुए पूरे देश में मकर संक्रांति का त्योहार 14 जनवरी को मनाया जाएगा.

शुभ मुहूर्त और पुण्यकाल
लखनऊ के ज्योतिषाचार्य डॉ. उमाशंकर मिश्र के अनुसार, 14 जनवरी को दोपहर 3 बजकर 13 मिनट से पुण्यकाल प्रारंभ होगा, जो लगभग 2 घंटे 32 मिनट तक रहेगा. इस पुण्यकाल में किया गया स्नान, दान और सूर्य को अर्घ्य देना विशेष फलदायी होता है. मान्यता है कि इस दिन किए गए दान से दोगुना पुण्य प्राप्त होता है और परिवार में समृद्धि व सुख-शांति का वातावरण बनता है.

मांगलिक कार्यों की होगी शुरुआत
मकर संक्रांति पर सूर्य के उत्तरायण होने से न केवल खरमास समाप्त होता है, बल्कि विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे शुभ और मांगलिक कार्यों की शुरुआत भी इस दिन से की जाती है. इस दिन से मौसम में धीरे-धीरे सुधार आने लगता है और सूर्य की किरणों का स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है.

मकर संक्रांति पर ऐसे करें सूर्य देव की पूजा
मकर संक्रांति के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठें औरभगवान विष्णु और सूर्य देव के ध्यान से करें. इस दिन पवित्र नदी में स्नान करें. नहाने के बाद तांबे के लोटे में अक्षत और फूल डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें. इस दौरान ऊँ सूर्याय नम: ऊँ खगाय नम:, ऊँ भास्कराय नम:, ऊँ रवये नम:, ऊँ भानवे नम:, ऊँ आदित्याय नम: मंत्र का जाप करें. इसके बाद सूर्य स्तुति का पाठ करें.

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