16 नवंबर 2025 का पंचांग: आज वृश्चिक संक्रांति पर द्वि पुष्कर, सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग का संयोग
मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि पर बनाएं शुभ कार्यों की योजना. होंगे सफल. विस्तार से जानिए.

Published : November 16, 2025 at 12:02 AM IST
हैदराबाद: आज 16 नवंबर, 2025 रविवार, के दिन मार्गशीर्ष महीने की कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि है. इस तिथि पर शुभ ग्रह शुक्र का अधिकार है. यह दिन दान देने के लिए अच्छा माना जाता है. इस दिन शुभ कार्यों की योजना बनाई जानी चाहिए. आज उत्पन्ना एकादशी का पारण है. आज वृश्चिक संक्रांति हो रही है. आज द्वि पुष्कर योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग बन रहा है.
16 नवंबर का पंचांग
- विक्रम संवत : 2081
- मास : मार्गशीर्ष
- पक्ष : कृष्ण पक्ष द्वादशी
- दिन : रविवार
- तिथि : कृष्ण पक्ष द्वादशी
- योग : विष्कुंभ
- नक्षत्र : हस्त
- करण : कौलव
- चंद्र राशि : कन्या
- सूर्य राशि : तुला
- सूर्योदय : सुबह 06:53 बजे
- सूर्यास्त : शाम 05:55 बजे
- चंद्रोदय : देर रात 04.02 बजे (17 नवंबर)
- चंद्रास्त : दोपहर 03.04 बजे
- राहुकाल : 16:32 से 17:55
- यमगंड : 12:24 से 13:46
उद्योग शुरू करने के लिए अच्छा है नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा कन्या राशि और हस्त नक्षत्र में रहेंगे. यह नक्षत्र कन्या राशि में 10:00 से लेकर 23:20 डिग्री तक फैला हुआ है. इसके देवता सूर्य और नक्षत्र स्वामी चंद्रमा हैं. खेल संबंधी काम, विलासिता की वस्तुओं का आनंद लेने, उद्योग शुरू करने, कुशल श्रम, चिकित्सा उपचार, शिक्षा शुरू करने, यात्रा शुरू करने, दोस्तों से मिलने आदि काम इस नक्षत्र में किए जा सकते हैं.
आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 16:32 से 17:55 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् से भी परहेज करना चाहिए.

