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होली की खुशियां कहीं खराब न करने दें नकली ऑर्गेनिक रंग, खरीदने से पहले जरूर जान लें यह बात

होली रंगों का त्योहार है, लेकिन इस त्योहार को अपनी सूझबूझ और सतर्कता से मनाएं, वरना खुशियों का त्योहार दुख में बदल सकता है...

How to identify fake organic color, be sure to know this before buying
Etv Bharatहोली की खुशियां कहीं खराब न करने दें नकली ऑर्गेनिक रंग, खरीदने से पहले जरूर जान लें यह बात (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Lifestyle Team

Published : March 3, 2026 at 7:32 PM IST

5 Min Read
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होली रंगों, उत्साह और भाईचारे का प्रमुख भारतीय त्योहार है, जिसे हर वर्ग, उम्र और समुदाय के लोग आपसी मतभेद भुलाकर बहुत जोश, उमंग और मस्ती के साथ मनाते हैं. इस त्योहार के दौरान, लोग एक-दूसरे को रंग और अबीर लगाकर होली की शुभकामनाएं देते हैं. इसलिए, अगर सही सावधानी न बरती जाए तो होली के रंग खतरनाक हो सकते हैं. वे आपकी सारी खुशी छीन सकते हैं. क्योंकि आजकल के रंगों और अबीर-गुलालों में ऐसे केमिकल होते हैं जो आपकी स्किन को नुकसान पहुंचा सकते हैं और अगर वे आपकी आंखों में चले जाएं तो आंखों की रोशनी भी जा सकती है. इसलिए, सही, ऑर्गेनिक रंग और गुलाल चुनना बहुत जरूरी है.

पहले के जमाने में होली नेचुरल फूलों, केसर, हल्दी और चंदन से मनाई जाती थी. लेकिन, अब हर चीज में केमिकल मिलाए जा रहे हैं और मार्केट में आकर्षक रंग उपलब्ध कराए जा रहे हैं. इन रंगों में छिपे खतरों को नजरअंदाज किया जा रहा है. इस वजह से यह त्योहार स्किन की बीमारियों और आंखों की समस्याओं का कारण बन रहा है. एक्सपर्ट्स इस त्योहार को दुखद घटना में बदलने से रोकने के लिए रंगों का चुनाव करते समय कुछ सावधानियां बरतने की सलाह देते हैं...

How to identify fake organic color, be sure to know this before buying
होली की खुशियां कहीं खराब न करने दें नकली ऑर्गेनिक रंग, खरीदने से पहले जरूर जान लें यह बात (GETTY IMAGES)

अबीर-गुलाल और रंग खरीदते समय इन बातों का ध्यान रखें...
होली पर ऑर्गेनिक गुलाल या अबीर इस्तेमाल करने के कई फायदे हैं. सबसे पहले, नेचुरल रंग बायोडिग्रेडेबल होते हैं और एनवायरनमेंटल पॉल्यूशन नहीं बढ़ाते हैं. क्योंकि रंग प्लांट-बेस्ड इंग्रीडिएंट्स से बने होते हैं, इसलिए वे स्किन-फ्रेंडली होने के साथ-साथ एक सस्टेनेबल चॉइस भी हैं. इन रंगों का इस्तेमाल आपकी स्किन, आंखों और पूरी हेल्थ के लिए सेफ है.

वैसे, मार्केट में ऐसे कई प्रोडक्ट हैं जिन पर "ऑर्गेनिक," "नेचुरल," "प्योर," या "केमिकल-फ्री" लिखा होता है. लेकिन, हमें कैसे पता चलेगा कि वे सच में ऑर्गेनिक हैं? आजकल, असली ऑर्गेनिक प्रोडक्ट की पहचान करना मुश्किल हो गया है. असलियत यह है कि इंडियन मार्केट नकली ऑर्गेनिक प्रोडक्ट, गुमराह करने वाले लेबल, "अनहेल्दी" इंग्रीडिएंट्स और चालाक मार्केटिंग टैक्टिक्स से भरा पड़ा है. ऐसे में अगर आप सच में हेल्थ कॉन्शस हैं और असली ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स की पहचान करने को लेकर परेशान हैं, तो इस खबर में हम आपको बताएंगे कि असली ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स की पहचान कैसे करें...

इन फूलों से बनता है ऑर्गेनिक रंग
ऑर्गेनिक का मतलब केमिकल से मुक्त होता है. ऑर्गेनिक सूखे रंग बनाने के लिए फूलों और जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया जाता है. उदाहरण के लिए, पीला रंग हल्दी से, हरा रंग पालक से और नारंगी रंग गेंदे से आता है. लाल रंग चुकंदर, मेहंदी और गुलाब के अलग-अलग शेड्स से आता है.

इन नेचुरल इनग्रेडिएंट्स का होता है इस्तेमाल
ऑर्गेनिक रंग हल्के होते हैं और स्किन पर भारी नहीं लगते. ऑर्गेनिक रंग स्किन-सेफ, हल्के होते हैं और कॉर्नस्टार्च जैसी नैचुरल चीजों से बने होते हैं, जो जलन पैदा नहीं करते. इनका टेक्सचर महीन और चिकना होता है, इनमें दाने या मोटे कण नहीं होते, इसलिए ये स्किन पर भारी नहीं लगते. इनमें शिमर नहीं होता और ये बहुत ज्यादा चमकदार भी नहीं होते है.

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होली की खुशियां कहीं खराब न करने दें नकली ऑर्गेनिक रंग, खरीदने से पहले जरूर जान लें यह बात (GETTY IMAGES)

सेंसिटिव स्किन पर नहीं होगी जलन
यह जांचने का एक अच्छा तरीका है कि कोई रंग ऑर्गेनिक है या नहीं, इसे कुछ मिनट के लिए खुली त्वचा पर लगाएं, फिर पानी से धो लें. अगर रंग ऑर्गेनिक है, तो त्वचा पर कोई निशान नहीं रहेगा. अगर किसी की त्वचा सेंसिटिव है, तो ऑर्गेनिक रंगों का इस्तेमाल करने से एलर्जी या खुजली नहीं होगी.

पैकेजिंग पर दिए गए अच्छे सर्टिफिकेशन जरूर देखें
कोई भी ऑर्गेनिक चीज आमतौर पर ज्यादा महंगी आती है. क्योंकि ऑर्गेनिक गुलाल बनाने में इस्तेमाल होने वाली चीजें पूरी तरह से नेचुरल होती हैं, और बनाने के प्रोसेस में एक पूरा लाइफ साइकिल होता है. सामग्री लाने से लेकर, उन्हें साफ करने और सुखाने तक, पाउडर बनाने और पैकेजिंग करने तक. लेकिन सावधान रहें, हर महंगा गुलाल जरूरी नहीं कि ऑर्गेनिक हो, महंगा होने से गुलाल "ऑर्गेनिक" या सुरक्षित नहीं हो जाता. असली ऑर्गेनिक गुलाल की पहचान सिर्फ पैकेजिंग पर दिए गए अच्छे सर्टिफिकेशन (जैसे NPOP - नेशनल प्रोग्राम फॉर ऑर्गेनिक प्रोडक्शन) से ही हो सकती है.

ब्रांड मायने रखता है
होली पर ऑर्गेनिक रंग खरीदते समय जाने-माने और भरोसेमंद ब्रांड खरीदने की सलाह दी जाती है. अगर रंग पॉपुलर वेंडर या ऐसे ब्रांड से खरीदे जाते हैं जो ऑर्गेनिक रंगों में स्पेशलाइज करते हैं, तो आप ऐसे सर्टिफिकेट मांग सकते हैं जो रंगों के असली होने की गारंटी देते हैं.