क्या आप भी अंकुरित आलू, प्याज और लहसुन खाते हैं? तो जाए सावधान! जानें वजह
विशेषज्ञों का कहना है कि अंकुरित सब्जियों से सावधान रहना जरूरी है. क्योंकि ये आपके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं. विस्तार से जानें...

Published : November 14, 2025 at 7:36 PM IST
प्याज, लहसुन और आलू अक्सर भारतीय घरों के भोजन का एक अनिवार्य हिस्सा होते हैं. हर भारतीय घरों में इन तीन चीजों का सेवन लोग काफी अधिक करते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि ये बहुमुखी, किफायती और भारतीय व्यंजनों में स्वाद और सुगंध जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण हैं. ये सब्जियां विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाने के लिए उपयोग की जाती हैं, जो भारतीय घरों में नियमित भोजन का मुख्य आधार बनती हैं. इसके साथ ये सब्जियां लंबे समय तक चलती भी हैं. लेकिन अगर इन सब्जियों को लंबे समय तक रखा जाए तो ये अंकुरित हो जाती हैं. ऐसे में कई लोग असमंजस में पड़ जाते हैं कि इन अंकुरित आलू-प्याज को खा लेना चाहिए या फेंक देना चाहिए. इस खबर में विस्तार से जानिए कि इन अंकुरित सब्जियों को खाना चाहिए या नहीं...
कुछ लोग अंकुरित आलू, प्याज और लहसुन को फेंकने के बजाय खाना पकाने में उपयोग करते हैं. हालांकि, विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसी अंकुरित सब्जियां न खाना ही बेहतर है. अंकुरित आलू, प्याज और लहसुन नहीं खाना चाहिए. क्योंकि अंकुरित होने पर आलू में सोलनिन नामक जहरीला तत्व बढ़ जाता है, जिससे मतली, उल्टी और पेट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. अंकुरित होने पर प्याज और लहसुन में भी हाई मात्रा में सल्फर कंपाउंड होते हैं, जो गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं का कारण बन सकते हैं. इस ऐसे समझे...

- आलू: आलू को लंबे समय तक स्टोर करने से उन पर छोटे-छोटे अंकुर निकलने लगते हैं, जो धीरे-धीरे बड़े हो जाते हैं. हालांकि, कई लोग इन्हें निकालकर इस्तेमाल करते हैं. लेकिन, एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसा करना सेहत के लिए अच्छा नहीं है. विशेषज्ञों के अनुसार, पौधों में कुछ प्रकार के विषैले ग्लाइकोअल्केलोड्स उगने लगते हैं. अगर ये जहरीले पदार्थ पेट में चले जाएं तो मतली, उल्टी, सिरदर्द, पेट दर्द और दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं. अंकुरित आलू को फेंक देना ही बेहतर है. आलू पर अंकुरण होने का मुख्य कारण यह है कि हम इन्हें बहुत अधिक रोशनी और गर्मी वाली जगह पर रखते हैं. उन्हें ठंडी, अंधेरी और सूखी जगह पर रखने से वे अंकुरित नहीं हो पाएंगे, जबकि ऐसी जगहों पर उनका भंडारण करना वर्जित है. नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के एक अध्ययन में कहा गया है कि जो माताएं गर्भावस्था के दौरान अंकुरित आलू खाती हैं, उनमें न्यूरल ट्यूब दोष और ओरोफेशियल क्लेफ्ट का खतरा बढ़ जाता है.
- प्याज और लहसुन: लंबे समय तक भंडारित किए गए प्याज में अंकुर निकलते हैं जो प्याज के डंठल की तरह दिखते हैं. कुछ लोग इन्हें प्याज के डंठल समझने की भूल कर बैठते हैं. इनका उपयोग अचार बनाने में भी किया जाता है. हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि ये स्वास्थ्यवर्धक नहीं हैं. इन्हें अंकुरित होने से रोकने के लिए विशेषज्ञ प्याज को अंधेरी, ठंडी और नमी रहित जगह पर रखने की सलाह देते हैं. इसके अलावा, जो लोग अचार में प्याज के डंठल का उपयोग करना चाहते हैं, उन्हें विशेष रूप से उगाए गए अंकुरित प्याज का चयन करना चाहिए. कभी-कभी हम लहसुन पर प्याज के डंठल जैसे अंकुर देखते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी चीजों को छीलने से अंदर ब्लैक फंगस पनप जाता है. उनका कहना है कि ऐसी चीजों को फेंक देना ही बेहतर है.


- इन्हें कच्चा न खाएं: कई लोगों को अंकुरित अनाज और बीज कच्चे खाने की आदत होती है. कुछ लोग इनसे तरह-तरह के व्यंजन बनाते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ प्रकार के अंकुरित अनाजों को कच्चा न खाना ही बेहतर है. खास तौर पर, वे चेतावनी देते हैं कि अल्फाल्फा के बीज और अंकुरित फलियों को कच्चा खाने से कुछ लोगों में फूड पॉइजनिंग हो सकती है. इसलिए, ऐसे अंकुरित अनाजों को कच्चा खाने की बजाय अच्छी तरह पकाकर खाना बेहतर है. इसलिए, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्व-प्रतिरक्षित बीमारियों से ग्रस्त लोगों को अंकुरित सब्जियों के साथ-साथ अंकुरित अनाज और बीजों से भी दूर रहने की सलाह दी जाती है.
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी स्वास्थ्य जानकारी और सुझाव केवल आपकी जानकारी के लिए हैं.. हम यह जानकारी वैज्ञानिक शोध, अध्ययनों और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सिफारिशों के आधार पर प्रदान कर रहे हैं. हालांकि, इनका पालन करने से पहले अपने निजी चिकित्सक से सलाह करना हमेशा बेहतर होता है.)

