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शैडो फ्लीट टैंकर क्या हैं, पश्चिमी प्रतिबंधों से बचने के लिए रूस की नई चाल, जानें कितने देश हैं शामिल

यूक्रेन पर हमले के बाद पश्चिमी प्रतिबंधों के जवाब में रूस ने कच्चे तेल के परिवहन के लिए जहाजों का शैडो फ्लीट खड़ा किया है.

WHAT ARE SHADOW FLEET TANKERS WHICH COUNTRIES ARE USING IT RUSSIA TACTICS TO EVADE WESTERN SANCTIONS
प्रतीकात्मक तस्वीर (AP)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : January 10, 2026 at 3:02 PM IST

7 Min Read
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हैदराबाद: अमेरिका ने हाल ही में नॉर्थ अटलांटिक और कैरेबियन सागर में बड़े ऑपरेशन में वेनेजुएला के तेल एक्सपोर्ट से जुड़े दो ऑयल टैंकर जब्त करने का दावा किया है. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने 7 जनवरी को कहा कि ट्रंप प्रशासन उन सभी "शैडो फ्लीट" टैंकरों पर रोक लगाना जारी रखेगा, जिन पर अमेरिका ने गैर-कानूनी तरीके से तेल परिवहन करने का आरोप लगाया है.

शैडो फ्लीट वेसल के बारे में: अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के मुताबिक, 'शैडो फ्लीट' को ऐसे जहाजों का एक गुप्त बेड़ा होता है जो प्रतिबंध, सुरक्षा या पर्यावरणीय नियम, बीमा लागत, या अवैध कामों से बचने के लिए गैर-कानूनी तरीके से संचालित किए जाते हैं. शैडो फ्लीट को पुराने, घटिया वेसल (जहाज) के तौर पर जाना जाता है जिनमें सेफ्टी इक्विपमेंट कम होते हैं और इंश्योरेंस होता ही नहीं या काफी नहीं होता. एक समय पर, शैडो फ्लीट दुनिया के लगभग 20% ऑयल टैंकर थे. 'शैडो फ्लीट' से अवैध या गुप्त तरीके से तेल और अन्य वस्तुओं की तस्करी की जाती है.

शैडो फ्लीट की शुरुआत: 2022 में यूक्रेन पर रूस के हमले के जवाब में, G7 और यूरोपीय संघ (EU) समेत पश्चिमी देशों ने आर्थिक प्रतिबंधों के तहत रूसी तेल की कीमत पर कैप (Price Cap) लगा दिया था. यानी रूसी कच्चे तेल की बिक्री की अधिकतम सीमा 60 डॉलर प्रति बैरल तय की गई थी. इसके बाद, प्राइस कैप का पालन किए बिना रूसी तेल का परिवहन करने वाले तेल टैंकरों को समुद्री नाकेबंदी का सामना करना पड़ा, जिसमें पोर्ट एंट्री बैन, समुद्र में सीमित पहुंच और जहाज से जहाज ट्रांसफर पर रोक शामिल थी. रूस ने तेल टैंकरों का एक शैडो फ्लीट बनाकर इसका जवाब दिया. यूक्रेन पर हमला करने के बाद से, रूस ने तेल टैंकरों के अपने शैडो फ्लीट को काफी बढ़ाया है, जिसमें 40% से अधिक नए शैडो फ्लीट जहाज यूरोपीय संघ- खासकर ग्रीक- सेलर्स (बेचने वाले) से आ रहे हैं.

शैडो फ्लीट का इस्तेमाल करने वाले देश: पश्चिमी प्रतिबंधों से बचने के लिए 'शैडो फ्लीट' या 'डार्क फ्लीट' जहाजों का इस्तेमाल कोई नई बात नहीं है - ईरान, नॉर्थ कोरिया, वेनेजुएला और रूस जैसे देश (यूक्रेन पर हमले से पहले भी) पहले भी इसका नियमित रूप से इस्तेमाल करते रहे हैं. हालांकि, यूक्रेन पर हमले के जवाब में अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगने के बाद से, रूस ने 'शैडो फ्लीट' के इस्तेमाल को काफी बढ़ा दिया है.

पश्चिमी प्रतिबंधों से बचने के लिए शैडो फ्लीट का इस्तेमाल कैसे कर रहा रूस
रूसी शैडो फ्लीट: साल 2022 के आखिर में प्रतिबंधों की वजह से तेल निर्यात पर रोक लगने के बाद से, रूस ने एक गैर-कानूनी फ्लीट खरीदा है, जिसमें सहायक पोत को मिलाकर कुल 155 टैंकर और 435 जहाज होने का अनुमान है, और यह 591 जहाज तक हो सकता है. इस शैडो फ्लीट ने हर दिन लगभग 3.7 मिलियन बैरल तेल परिवहन किया, जो रूस के समुद्री तेल व्यापार का 65 प्रतिशत है, और इससे हर साल लगभग 87 से 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर की आय होती है.

रूस ने शैडो फ्लीट कैसे खड़ा किया: मार्च 2022 से, रूस ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध और खासकर तेल की कीमतों की सीमा से बचने के लिए बहुत कोशिशें की हैं. KSE रिपोर्ट का अनुमान है कि रूस ने अपने शैडो फ्लीट को बनाने में 10 बिलियन अमेरिकी डॉलर निवेश किए हैं, ताकि G7 या EU देशों के जहाजों, पोर्ट और वित्तीय और समुद्री सेवाओं से बचकर मार्केट प्राइस पर रूसी तेल का ट्रेड जारी रखा जा सके.

पहले रूसी कंपनियों के मालिकाना हक वाले टैंकरों को नई प्रबंधन कंपनियों को सौंपना. इस तरह के लगभग 90 टैंकर, जो पहले रूस की सरकारी कंपनी सोवकॉमफ्लोट के मालिकाना हक में थे, 5 दिसंबर 2022 से पहले यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) और अन्य देशों में मौजूद कंपनियों को मैनेजमेंट सौंप दिया गया.

15 साल से अधिक पुराने जहाज उस क्लियर्ड फ्लीट से खरीदे गए, जिसके पास पहले इंटरनेशनल ग्रुप (IG) से P&I इंश्योरेंस था. अब, 15 साल की 'इंश्योरेंस एज' से ज्यादा होने के कारण, लगभग 100 जहाज रूसी शैडो फ्लीट का हिस्सा हैं.

शैडो और क्लियर्ड फ्लीट,से 20 साल से अधिक पुराने जहाज लेना: अगर रूस के शैडो फ्लीट में इन्हें दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जाता, तो इनमें से 200 से अधिक टैंकर शायद रिटायर हो चुके होते. पुराने जहाजों का इस्तेमाल एक योजनाबद्ध रणनीति हो सकती है, क्योंकि अगर ये कम कीमती जहाज प्रतिबंधों या नियामक मामलों में फंस जाते हैं, तो उन्हें कबाड़ में डालना आसान होता है, जिससे जहाज मालिकों के लिए वित्तीय जोखिम और संभावित जुर्माना कम हो जाता है.

शैडो फ्लीट के लिए ग्रीस सबसे बड़ा योगदानकर्ता: ग्रीस और यूरोपीय संघ के दूसरे देशों के मालिकों द्वारा जहाजों को बेचने से शैडो फ्लीट बढ़ रहे हैं. ग्रीस 2022 की शुरुआत से शैडो फ्लीट टैंकर्स का सबसे बड़ा स्रोत था, जो बाकी यूरोप के योगदान से दोगुने से भी ज्यादा है.

शैडो फ्लीट के तरीके: रिपोर्ट के मुताबिक रूसी शैडो फ्लीट प्रतिबंधों से बचने के लिए कई तरह के धोखे वाले तरीके इस्तेमाल कर रहे हैं, जिनमें शामिल हैं: शिप-टू-शिप (STS) ट्रांसफर; AIS (ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम) ब्लैकआउट; स्पूफिंग - अपनी स्थिति बताना और गलत डेटा भेजना, जिसमें जहाज के मालिकाना हक के बारे में भी जानकारी शामिल है; और अन्य धोखाधड़ी वाले या गैर-कानूनी तरीके, जैसे नाम या पहचान बदलना (IMO नंबर).

शिप-टू-शिप ट्रांसफर: शैडो फ्लीट अंतरराष्ट्रीय जल में शिप-टू-शिप ट्रांसफर जैसे तरीके अपनाता है, जहां पोर्ट कंट्रोल अथॉरिटी की निगरानी कमजोर होती है, और जालसाजी करता है, जिसमें नकली शिप आइडेंटिफिकेशन नंबर, नकली लोकेशन डेटा, और कम निगरानी वाले देशों के ध्वज का इस्तेमाल करना शामिल है.

सुविधा के लिए झंडे का इस्तेमाल: कई शैडो फ्लीट जहाज सुविधा के लिए उन देशों के झंडे का इस्तेमाल करते हैं जो या तो पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों को लागू करने के लिए कम इच्छुक हैं या असमर्थ हैं. रूसी कच्चा तेल ले जाने वाले शैडो टैंकर जिन शीर्ष देशों के ध्वज का इस्तेमाल करते हैं, उनमें कुक आइलैंड्स (Cook Islands), एस्वातीनी (Eswatini), गबोन, लाइबेरिया, माल्टा, मार्शल आइलैंड्स, पनामा और खुद रूस शामिल हैं.

अधिकांश टैंकर दुबई जैसे शहरों में स्थित शेल कंपनियों के हैं, जिन्हें गुमनाम या नई कंपनियां तेजी से खरीद-बिक्री करती हैं, जिससे जवाबदेही और मुश्किल हो जाती है.

क्या हैं जोखिम: नॉर्वे के अधिकारियों के अनुसार, फ्लीट में ज्यादा पुराने जहाज हैं जो गैर-पश्चिमी या नकली इंश्योरेंस पर निर्भर हैं. इससे रखरखाव, सेफ्टी स्टैंडर्ड और पर्यावरणीय जोखिम को लेकर चिंता बढ़ गई है. खराब विनियमन वाले, पुराने टैंकरों से रिसाव, मैकेनिकल खराबी और रिसाव होने का खतरा रहता है, जिससे समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को खतरा होता है.

शैडो फ्लीट पर प्रतिबंध: मार्च 2025 तक, यूरोपीय संघ, ब्रिटेन (UK) और अमेरिकी अधिकारियों ने मिलकर 264 शैडो जहाजों पर प्रतिबंध लगाया है.

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