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इजराइल के पीएम नेतन्याहू बोले, 'अगर हम ईरान पर हमला नहीं करते तो आगे ऐसा करना कभी भी संभव नहीं हो पाता'

हमने हमला इसलिए किया क्योंकि ईरान कुछ ही महीनों में परमाणु प्रतिरक्षा प्राप्त कर लेता : नेतन्याहू

Netanyahu
इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (AP (File Picture))
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By PTI

Published : March 3, 2026 at 5:11 PM IST

3 Min Read
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यरूशलम : इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को कहा कि इजराइल और अमेरिका ने ईरान पर हमला इसलिए किया क्योंकि तेहरान ने अपना परमाणु कार्यक्रम फिर से शुरू कर दिया था और वह "कुछ ही महीनों में परमाणु प्रतिरक्षा प्राप्त कर लेता."

नेतन्याहू ने मंगलवार को फॉक्स न्यूज से कहा कि ईरान पर हमला करना बेहद जरूरी था क्योंकि तेहरान अपने मिसाइल एवं परमाणु कार्यक्रमों को हमलों से बचाने के लिए नए भूमिगत ठिकाने बना रहा था. उन्होंने कहा,"ईरान ने नए ठिकाने, नए स्थल, भूमिगत बंकर बनाना शुरू कर दिया, जो उसके बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और परमाणु बम कार्यक्रम को कुछ ही महीनों में सुरक्षित कर देते. अगर अभी कोई कार्रवाई नहीं की जाती, तो भविष्य में भी कोई कार्रवाई नहीं हो पाती."

इजराइली प्रधानमंत्री ने टीवी चैनल से कहा, "हमें अभी कार्रवाई करनी पड़ी, इसका कारण यह है कि पिछले साल जून में हुए 12 दिवसीय युद्ध में उनके परमाणु ठिकानों और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर हमला करने के बाद... उन्होंने नए ठिकाने और भूमिगत बंकर बनाने शुरू कर दिए, जो कुछ ही महीनों में उनके बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और परमाणु बम कार्यक्रम को सुरक्षित कर देते."

उन्होंने कहा, "अगर अभी कोई कार्रवाई नहीं की जाती, तो भविष्य में भी कोई कार्रवाई नहीं हो पाती." यह नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पिछले साल किए गए दावों के विपरीत है.

इजराइली नेता ने कहा था कि इजराइल ने ईरान पर "ऐतिहासिक विजय" हासिल की है जो "पीढ़ियों तक कायम रहेगी." वहीं, ट्रंप ने दावा किया था कि ईरानी परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से ‘‘नष्ट’’ हो गया है.

साक्षात्कार में नेतन्याहू ने इस बात से इनकार किया कि अमेरिका और इजराइल ईरान के खिलाफ "अंतहीन युद्ध" में लगे हुए हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि यह अभियान जल्द ही समाप्त हो जाएगा. इजराइली प्रधानमंत्री ने कहा, "मैंने लोगों को यह कहते सुना है कि यहां एक अंतहीन युद्ध होने वाला है - लेकिन ऐसा नहीं है क्योंकि... ईरान में यह आतंकी शासन अपनी स्थापना के बाद से सबसे कमजोर दौर में है."

उन्होंने कहा, "यह एक त्वरित और निर्णायक कार्रवाई होने वाली है." नेतन्याहू ने यह भी कहा कि अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों से ईरान में सत्ता परिवर्तन की परिस्थितियां उत्पन्न होंगी.

उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया की "95 प्रतिशत" समस्याएं ईरान के कारण उत्पन्न होती हैं, और शासन के पतन से इजराइल तथा उसके अरब और मुस्लिम पड़ोसियों के बीच शांति समझौतों की बाढ़ आ जाएगी. नेतन्याहू ने यह भी कहा कि अमेरिका-इजराइल के अभियान से "शांति के एक ऐसे युग की शुरुआत होगी जिसकी हमने कभी कल्पना भी नहीं की थी."

इजराइली नेता ने इन आरोपों का खंडन किया कि इजराइन ने अमेरिका को युद्ध में घसीटा है. उन्होंने कहा, "यह हास्यास्पद है. डोनाल्ड ट्रंप दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेता हैं. वह वही करते हैं जो उन्हें अमेरिका के लिए सही लगता है.वह वही करते हैं जो उन्हें आने वाली पीढ़ियों के लिए सही लगता है." नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति इस्लामी गणराज्य से उत्पन्न खतरों को समझते हैं.

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