अमेरिका ने ईरान के खिलाफ हमलों में B-2 बॉम्बर के साथ जानें कौन से हथियार का किया इस्तेमाल
अमेरिका ने ईरान पर हमले के दौरान एंथ्रोपिक की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेवाओं का इस्तेमाल किया.

By ANI
Published : March 2, 2026 at 11:00 AM IST
वाशिंगटन: अमेरिका ने शनिवार को ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत ईरान के खिलाफ किए गए हमलों में कई तरह के हथियारों का इस्तेमाल किया. इसमें एंथ्रोपिक की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सर्विस भी शामिल थी.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार स्थिति से परिचित एक सूत्र के हवाले से बताया कि पेंटागन ने ईरान पर हमले के दौरान एंथ्रोपिक की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेवाओं का इस्तेमाल किया. इसमें उसके क्लाउड टूल्स भी शामिल थे.
U.S. forces are taking bold action to eliminate imminent threats posed by the Iranian regime. Strikes continue. pic.twitter.com/z1x07D7APl
— U.S. Central Command (@CENTCOM) March 2, 2026
एंथ्रोपिक का इस्तेमाल अमेरिका के इसे सप्लाई चेन रिस्क और नेशनल सिक्योरिटी के लिए खतरा बताने के कुछ ही समय बाद हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक यह पता नहीं चल सका कि युद्ध में इन टूल्स का इस्तेमाल कैसे किया गया और पेंटागन और एंथ्रोपिक ने कमेंट के लिए रिक्वेस्ट का तुरंत जवाब नहीं दिया.
रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि अमेरिका ने अपने B-2 स्टेल्थ बॉम्बर्स को 2,000 पाउंड के बमों से ईरान की मजबूत जमीन के नीचे बनी मिसाइल फैसिलिटी पर हमला करने के लिए तैनात किया था. वॉशिंगटन ने पिछले साल जून में ईरान की न्यूक्लियर फैसिलिटीज पर अपने हमलों के दौरान भी स्टेल्थ बॉम्बर को तैनात किया था.
Operation Epic Fury: The first 24 hours pic.twitter.com/VRcoc5G1Hd
— U.S. Central Command (@CENTCOM) March 1, 2026
रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी मिलिट्री ने कहा कि उसने सुसाइड ड्रोन का इस्तेमाल किया, जो पेंटागन की जारी तस्वीरों के आधार पर, फीनिक्स, एरिजोना की स्पेक्ट्रेवर्क्स के बनाए नए LUCAS (लो-कॉस्ट अनमैन्ड कॉम्बैट अटैक सिस्टम) जैसे ही दिखते हैं, हालांकि, कंपनी ने कमेंट के लिए रिक्वेस्ट का जवाब नहीं दिया. लुकास (LUCAS) कम लागत वाला मानवरहित लड़ाकू हमला सिस्टम, या ड्रोन है.
पेंटागन ने कहा कि पहली बार अमेरिकी मध्य कमान (CENTCOM) ने ईरान के शाहेद ड्रोन की तरह वन-वे अटैक ड्रोन का भी इस्तेमाल किया. अमेरिका सेंट्रल कमांड ने तस्वीरें और वीडियो फुटेज भी जारी किए, जिनमें ईरान पर हमलों में इस्तेमाल किए जा रहे F/A-18 और F-35 फाइटर जेट दिखाए गए. अमेरिका सेंट्रल कमांड ने ऑप एपिक फ्यूरी के एक्स पर एक पोस्ट में और विज़ुअल शेयर किए, जिसमें बताया गया कि 'हमले जारी हैं.'
इसने एक्स पर एक पोस्ट में ऑपरेशन के पहले 24 घंटों में हथियारों और टारगेट के टाइप की लिस्ट शेयर की. सोमवार सुबह भी इजराइली एयर फोर्स ने कहा कि इजराइली सुरक्षा बलों ने ईरान में बड़े पैमाने पर हमलों में ईरान के ठिकानों पर हमला करना जारी रखे हुए है. इसमें आगे कहा गया, 'एयर फोर्स ने मिलिट्री इंटेलिजेंस के गाइडेंस में अब तेहरान के बीचों-बीच ईरानी 'आतंकी' शासन के एसेट्स को टारगेट करते हुए हमलों की बौछार कर दी.
28 फरवरी को इजराइल और अमेरिका ने ईरान के खिलाफ ऑपरेशन रोरिंग लायन/ऑपरेशन एपिक फ्यूरी नाम से एक जॉइंट मिसाइल हमला किया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान की सरकारी मीडिया ने कन्फर्म किया कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई, उनकी बेटी, नाती, बहू और दामाद मारे गए.

