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ईरान के कई इलाकों में अमेरिका का बड़ा हमला, चाबहार समेत तटीय शहरों में सुनी गई धमाकों की आवाज

सेंटकॉम ने कहा कि हमले का मकसद ईरान की उस क्षमता को कम करना था, जिससे वह अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर और हमले कर सकता था.

US strikes Iran again
प्रतीकात्मक फोटो (IANS)
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By ANI

Published : July 9, 2026 at 8:20 AM IST

4 Min Read
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वॉशिंगटन: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बुधवार (स्थानीय समय) को कहा कि कमर्शियल शिपिंग और आम नागरिकों के क्रू पर हालिया हमलों के बाद, उसकी सेनाओं ने ईरान के खिलाफ अतिरिक्त हमले शुरू कर दिए हैं. इन हमलों का मकसद होर्मुज में जहाजों की आवाजाही की आजादी के लिए खतरा पैदा करने की तेहरान की क्षमता को और कम करना है.

एक्स पर किए गए एक पोस्ट में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा, 'कमांडर-इन-चीफ के निर्देश पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड की सेनाओं ने ईरान के खिलाफ अतिरिक्त हमले शुरू कर दिए हैं, ताकि होर्मुज में जहाजों की आवाजाही की आजादी के लिए खतरा पैदा करने की उनकी क्षमता को और कम किया जा सके.'

इसमें आगे कहा गया, 'अमेरिका, एक अहम अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर आजादी से चल रहे कमर्शियल जहाजों और आम नागरिकों वाले क्रू के खिलाफ हाल ही में की गई बिना वजह की आक्रामकता के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहरा रहा है.'

इस बीच, ईरानी सरकारी मीडिया का हवाला देते हुए सीएनएन ने बताया कि ईरान के दक्षिणी बंदरगाह शहर चाबहार में बिजली कटौती हुई, जब अमेरिका ने ईरान के खिलाफ हवाई हमलों के एक और दौर की घोषणा की. ईरान की सरकारी इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज़ एजेंसी (IRNA) ने बताया कि चाबहार और पास के तटीय शहर कोनारक में लगभग 10 धमाकों की आवाज सुनी गई.

ईरना ने कहा, 'चाबहार शहर के कुछ हिस्सों में बिजली भी काट दी गई है और साथ ही बताया कि घटना की जांच की जा रही है. इस बीच सीएनएन ने अर्ध-आधिकारिक फार्स न्यूज एजेंसी का हवाला देते हुए बताया कि ईरान के बुशहर शहर में भी धमाकों की खबर मिली है.

फार्स ने बताया कि धमाकों की सटीक जगह का तुरंत पता नहीं चल सका. बुशहर में ईरान का बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट स्थित है. अल जजीरा ने प्रेस टीवी का हवाला देते हुए बताया कि ईरान के अबू मूसा द्वीप पर भी धमाके हुए और दक्षिणी शहर सिरिक के तहरौयी गांव के पास तीन और धमाके सुने गए.

ये ताजा हमले 7 जुलाई को हुए अमेरिकी सेना के ऑपरेशन के बाद हुए हैं. उस समय सेंटकॉम ने कहा था कि उसकी सेनाओं ने ईरान के खिलाफ हमले का एक नया दौर चलाया था. इसमें होर्मुज से गुजरने वाले कमर्शियल जहाज़ों पर ईरान के कथित हमलों के जवाब में सटीक हथियारों से 80 से ज़्यादा ठिकानों को निशाना बनाया गया था.

एक बयान में सेंटकॉम ने कहा कि इन हमलों में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, कमांड-एंड-कंट्रोल नेटवर्क, तटीय रडार साइट, एंटी-शिप मिसाइल क्षमता और होर्मुज़ जलडमरूमध्य के आस-पास इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा चलाई जा रही 60 से ज़्यादा छोटी नावों को निशाना बनाया गया.

अमेरिकी सेना ने कहा कि इस ऑपरेशन का मकसद ईरान की उस क्षमता को कम करना था, जिससे वह अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर और हमले कर सकता था. वॉशिंगटन ने आरोप लगाया था कि ईरान ने हाल ही में एक अहम समुद्री रास्ते से गुजर रहे तीन कमर्शियल जहाज़ों को निशाना बनाया था. मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले एमटी अल रेकाय्यत, सऊदी अरब के झंडे वाले एमटी वेद्यान और लाइबेरिया के झंडे वाले एमटी साइप्रस प्रॉस्पेरिटी.

इन कथित हमलों को सीजफायर समझौते का उल्लंघन बताते हुए सेंटकॉम ने कहा, 'ईरानी सेना की तरफ से बिना वजह की आक्रामकता सीजफायर का साफ और खतरनाक उल्लंघन है और यह समुद्री आवाजाही की आजादी को कमजोर करती है.' उसने आगे कहा, 'जब समझौते का पालन नहीं किया जाता है, तो ईरान को जवाबदेह ठहराने के लिए सेंटकॉम की सेनाएं तैयार और मुस्तैद रहती हैं.'

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