अमेरिका कुछ 'बुरा' कर सकता है: राष्ट्रपति ट्रंप की ईरान को सख्त चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ डील पर बातचीत आखिरी चरण में है.

By ANI
Published : May 21, 2026 at 9:43 AM IST
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार (स्थानीय समय) को कहा कि अमेरिका ईरान के साथ आखिरी दौर की बातचीत में है. साथ ही चेतावनी दी कि अगर ईरान समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करता है तो वह कुछ "बुरा" कर सकते हैं.
मैरीलैंड से कनेक्टिकट जाते समय जॉइंट बेस एंड्रयूज में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, "हम ईरान के साथ आखिरी चरण में हैं. देखते हैं क्या होता है. या तो वे डील कर लें या हम कुछ ऐसे काम करने जा रहे हैं जो थोड़े बुरे हैं, लेकिन उम्मीद है कि ऐसा नहीं होगा."
ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिका पहले भी कई युद्धों में शामिल रहा है, लेकिन ईरान के खिलाफ युद्ध सिर्फ तीन महीने से चल रहा है. उन्होंने कहा, "देखते हैं क्या होता है. इसे ऐसे देखो: आप 19 साल वियतनाम में थे, आप 10 साल अफगानिस्तान में थे, आप 12 साल इराक में थे, आप 7 साल कोरिया में थे. दूसरा विश्व युद्ध अलग था, वो चार साल का था. मैं तीन महीने से ईरान युद्ध में हूं, और ज्यादातर समय युद्धविराम रहा है. हमने इन दूसरे युद्धों में लाखों सैनिक खोए हैं."
उन्होंने आगे कहा कि उनके राष्ट्रपति कार्यकाल के अगले तीन वर्षों में बड़ी चीजें होने वाली हैं. उन्होंने कहा, "दो युद्धों में, वेनेजुएला, जहां हमने किसी को नहीं खोया, और यहां (ईरान में), हमने 13 लोगों को खो दिया. अब, 13 लोग बहुत ज्यादा हैं. दूसरे युद्धों में, आपने लाखों लोगों को खो दिया. इसलिए लोगों को यह पसंद नहीं आता जब आप कहते हैं, "ओह, क्या आपको पता है कि आपने 13 लोगों को खो दिया है?" मैंने 13 लोगों को खोया है. उन्होंने एक एयरपोर्ट से निकलते समय 13 लोगों को खो दिया. ओबामा ने तब 13 बहुत अच्छे लोगों को खो दिया था, जिनके परिवारों को मैं जान पाया. हमने जो किया है वह कमाल का है. हमने उन्हें खत्म कर दिया है. ईरान खत्म हो गया है. आप कमाल की चीजें देखने वाले हैं. आप अगले तीन वर्षों में हमारे देश के लिए बहुत सी कमाल की चीजें देखने वाले हैं."
ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि कूटनीति में आपसी सम्मान युद्ध से ज्यादा टिकाऊ है. एक्स पोस्ट में उन्होंने कहा, "ईरान ने हमेशा अपने वादे पूरे किए हैं और युद्ध टालने के लिए हर रास्ता आज़माया है; हमारी तरफ से सभी रास्ते खुले हैं. ईरान को जबरदस्ती सरेंडर करने के लिए मजबूर करना सिर्फ एक भ्रम है. कूटनीति में आपसी सम्मान, युद्ध से कहीं ज्यादा समझदारी भरा, सुरक्षित और टिकाऊ है."
डील में देरी पर सैन्य कार्रवाई की चेतावनी
व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने बातचीत में कोई प्रगति न होने के कारण चल रहे गतिरोध के बारे में ईरानी लीडरशिप को कड़ी चेतावनी दी है. फॉक्स न्यूज से बात करते हुए, मिलर ने कहा कि तेहरान में मौजूदा सरकार को अमेरिका से अल्टीमेटम का सामना करना पड़ रहा है. मिलर ने कहा, "ईरान की इस नई टीम के पास एक विकल्प है."
उन्होंने कहा, "वे या तो एक ऐसे कागज पर सहमत हो सकते हैं जो अमेरिका के लिए उचित हो, या उन्हें हमारी मिलिट्री से ऐसी सजा मिल सकती है, जैसी आधुनिक इतिहास में पहले कभी नहीं देखी गई. उनके सामने यही विकल्प है."
अमेरिका के नए प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा ईरान
उधर, ईरान की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वॉशिंगटन और तेहरान, प्रस्तावित सीजफायर डॉक्यूमेंट के शब्दों पर पाकिस्तान के जरिये संदेशों का आदान-प्रदान कर रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा, "ईरान के 14 पॉइंट्स की मूल सामग्री के आधार पर, कई मौकों पर मैसेज का लेन-देन किया गया है." उन्होंने कहा, "हमें अमेरिकी पक्ष के विचार मिले हैं और हम उनकी समीक्षा कर रहे हैं."
बकाई ने यह बात पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी के ईरान दौरे के दौरान कही. पाकिस्तान, वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत में मध्यस्थता कर रहा है.
यह भी पढ़ें- ईरान युद्ध पर ट्रंप को अपनों ने दिया धोखा, वोटिंग में रिपब्लिकन ने दिया डेमोक्रेट्स का साथ

