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ब्रिटेन पर 'उखड़े' ट्रंप, बोले, 'उन्होंने अच्छा नहीं किया', फ्रांस की तारीफ की

ईरान युद्ध पर ब्रिटिश पीएम के रूख से ट्रंप नाराज हैं. उन्होंने कहा, ऐसा नहीं करना चाहिए था.

British PM
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर (AFP)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : March 3, 2026 at 4:39 PM IST

3 Min Read
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लंदन/वाशिंगटन : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें इस बात से "बहुत निराशा" हुई कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर ने ब्रिटिश सैन्य ठिकानों के उपयोग को लेकर अपना निर्णय बदलने में "बहुत अधिक समय" लिया.

ट्रंप ने कहा कि ब्रिटेन के साथ संबंधों में आई दरार आना "दुखद" है, क्योंकि प्रधानमंत्री स्टार्मर ने शुरुआत में ईरान के खिलाफ हमलों में सैन्य सहायता देने से इनकार कर दिया था. ट्रंप ने कहा कि फ्रांस जैसे देशों ने अधिक समर्थन दिया था और उन्होंने कभी भी "सबसे मजबूत" माने जाने वाले संबंधों में इस तरह के बदलाव की उम्मीद नहीं की थी.

ट्रंप ने कहा कि मध्य पूर्व में युद्ध छेड़ने के लिए अमेरिका को ब्रिटेन की जरूरत नहीं है, लेकिन उन्होंने आगे कहा: "इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन (स्टारमर) को मदद करनी चाहिए थी... उन्हें करनी ही चाहिए थी. मेरा मतलब है, फ्रांस ने बहुत अच्छा काम किया है. सभी देशों ने बहुत अच्छा काम किया है. ब्रिटेन बाकी देशों से बहुत अलग रहा है."

हालांकि, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर ने ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमलों में शामिल नहीं होने के अपने फैसले का सोमवार को बचाव किया. उन्होंने कहा कि उनकी लेबर पार्टी सरकार “हवाई हमलों के जरिये सत्ता परिवर्तन” में विश्वास नहीं करती.

स्टार्मर ने संसद को जानकारी देते हुए बताया कि ब्रिटेन ने पश्चिम एशिया में “सीमित रक्षात्मक उद्देश्य” के लिए अमेरिकी सेना को ब्रिटिश सैन्य ठिकानों के उपयोग की अनुमति दी है. उन्होंने संसद के निचले सदन ‘हाउस ऑफ कॉमंस’ में सांसदों को संबोधित करते हुए यह बात कही.

स्टार्मर ने कहा, “यह सरकार हवाई हमलों के जरिये सत्ता परिवर्तन में विश्वास नहीं करती.”

स्टार्मर ने कहा, " ईरान पर अमेरिका और इजराइल के शुरूआती हमलों में ब्रिटेन शामिल नहीं था. यह निर्णय जानबूझकर लिया गया था. हम मानते हैं कि इस क्षेत्र और पूरी दुनिया के लिए सबसे अच्छा तरीका यह है कि एक समझौता किया जाए, जिसमें ईरान परमाणु हथियार विकसित करने की अपनी इच्छाओं को छोड़ने पर सहमति जताए और क्षेत्र में अस्थिरता पैदा करने वाली अपनी गतिविधियां बंद कर दे."

उन्होंने कहा, "ब्रिटेन की अलग अलग सरकारों का यह दीर्घकालिक रुख रहा है. राष्ट्रपति ट्रंप ने हमारे उस फैसले पर असहमति जताई है, जिसमें हमने प्रारंभिक हमलों में शामिल होने से इनकार किया था, लेकिन यह मेरा कर्तव्य है कि मैं यह तय करूं कि क्या चीज ब्रिटेन के राष्ट्रीय हित में है. यही मैंने किया है, और मैं इस निर्णय पर कायम हूं.”

स्टार्मर किसी कार्रवाई में ब्रिटिश सेनाओं के शामिल होने से पहले बार-बार "कानूनी आधार" और "एक व्यावहारिक, सोची-समझी योजना" की आवश्यकता पर जोर देते रहे हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि यह इराक पर हुए हमले से मिला एक सबक है.

स्टारमर ने रविवार देर रात कहा कि ईरान पर शुरुआती हमले में ब्रिटिश सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल न किए जाने के बाद, वह अमेरिका को रक्षात्मक हमलों के लिए इन ठिकानों का इस्तेमाल करने की अनुमति देंगे.

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