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ईरान ने सीजफायर के लिए ट्रंप के दबाव को खारिज किया, कहा- कोई आखिरी समझौता नहीं हुआ

समझौते की सबसे जरूरी बात पर बोलते हुए, बघाई ने कहा कि न्यूक्लियर मुद्दे के बारे में, हमारी कोई बातचीत नहीं है.

IRAN REJECTS PRESSURE FOR CEASEFIRE
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई (ANI)
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By ANI

Published : May 30, 2026 at 9:11 AM IST

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तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर जारी है. समय-समय पर दोनों देश युद्ध को समाप्त करने के लिए बयान देते रहते हैं. इसी संबंध में ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया कि सीजफायर डील पर थकाऊ बातचीत जारी है, क्योंकि ईरान ने कहा है कि कोई अभी तक आखिरी समझौता नहीं हुआ है. उसने इस बात को भी खारिज कर दिया कि तेहरान बाहरी दबाव में काम करेगा.

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि तेहरान ने 47 साल पहले 'जरूरी' की भाषा को अलविदा कह दिया है. कोई भी पश्चिमी पार्टी इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के बारे में बात करते समय 'जरूरी' की भाषा का इस्तेमाल नहीं कर सकती. हम ईरानी राष्ट्र के हितों और अधिकारों के आधार पर अपने फैसले लेते हैं. उनकी यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सोशल मीडिया पर किए गए दावे के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट में नेवल ब्लॉकेड हटाया जा रहा है और ईरान के साथ एग्रीमेंट पर जल्द ही फैसला लिया जाएगा.

ट्रंप ने कहा कि नेवल ब्लॉकेड, जो पहले कभी नहीं हुए, वे हट जाएंगे. ऐसा होते ही स्ट्रेट में फंसे जहाजों के 'घर लौटने' की प्रक्रिया शुरू हो सकती हैं! ईरानी मीडिया के मुताबिक बघाई ने अमेरिका के समुद्र को लेकर फैसलों को 'शुरू से ही गैर-कानूनी' बताया और आरोप लगाया कि 8 अप्रैल को लागू हुए सीजफायर और नेविगेशन की आजादी को कंट्रोल करने वाले इंटरनेशनल सिद्धांतों का उल्लंघन हुआ है. उन्होंने कहा कि हमें असल में देखना होगा कि क्या वे अपनी बातों पर अमल करेंगे या यह सिर्फ एक प्रोपेगैंडा का दावा है. उन्होंने आगे कहा कि इन कदमों को वापस लेने का मतलब होगा एक ऐसा काम खत्म करना जो 'शुरू में कभी नहीं किया जाना चाहिए था.'

ईरानी अधिकारियों के अनुसार, 28 फरवरी को शुरू हुए संघर्ष और उसके बाद ईरानी जहाजों और बंदरगाहों को निशाना बनाने वाले अमेरिकी फैसलों के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में नियंत्रण कड़ा कर दिया था. बघाई ने कहा कि तेहरान अमेरिकी की कार्रवाई को सीजफायर की शर्तों के खिलाफ मानता है और दावा किया कि वॉशिंगटन ने कुछ उपायों को एकतरफा तौर पर बढ़ा दिया है. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच मीडिएटर्स के जरिए अप्रत्यक्ष बातचीत जारी है, जिसमें दुश्मनी खत्म करने, समुद्री मुद्दों को सुलझाने और विदेश में ईरानी एसेट्स से जुड़े मामलों को सुलझाने पर फोकस किया जा रहा है.

समझौते की सबसे जरूरी बात पर बोलते हुए, बघाई ने कहा कि न्यूक्लियर मुद्दे के बारे में, हमारी कोई बातचीत नहीं है. दूसरी ओर, ट्रंप ने बार-बार दावा किया है कि अमेरिका ने तेहरान को यह साफ कर दिया है कि वह न्यूक्लियर हथियार बनाने के लिए अपना यूरेनियम एनरिचमेंट प्रोग्राम जारी नहीं रख सकता. ईरानी मीडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट का जिक्र करते हुए, बघेई ने कहा कि यह पानी का रास्ता ईरान और ओमान के इलाके के पानी में आता है. उन्होंने ऐसे सिस्टम की जरूरत पर जोर दिया जो दोनों तटीय देशों के हितों और सुरक्षा की रक्षा करें और साथ ही इंटरनेशनल शिपिंग के लिए सुरक्षित रास्ता पक्का करें.

उन्होंने कहा कि जरूर, ईरान और ओमान, दो जिम्मेदार देशों के तौर पर, ऐसे तरीके अपनाने चाहिए जो तटीय देशों के तौर पर उनके राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा को बनाए रखें और इंटरनेशनल कम्युनिटी को यह भरोसा भी दिलाएं कि इस रास्ते से शिपिंग सुरक्षित तरीके से हो रही है. हालांकि, अमेरिका ने पहले ओमान को ईरान के साथ होर्मुज स्ट्रेट में टोलिंग सिस्टम को बढ़ावा देने में किसी भी तरह की भूमिका के खिलाफ चेतावनी दी थी. साथ ही कहा था कि वॉशिंगटन ऐसी कोशिशों को बर्दाश्त नहीं करेगा और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगा.

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