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नई पीढ़ी जेन-जेड और जेन- अल्फा ज्यादा ईमानदार और देशभक्त: मोहन भागवत

लंदन में भागवत ने कहा कि उन्हें आने वाली पीढ़ियों पर ज्यादा भरोसा है. उनमें दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने की चाहत है.

Mohan Bhagwat future generations
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत (फाइल फोटो) (IANS)
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By ANI

Published : September 7, 2026 at 7:11 AM IST

4 Min Read
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लंदन: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने युवा पीढ़ी की तारीफ जारी रखी है. लंदन में अपनी ताजा बातों में उन्होंने आने वाली पीढ़ियों पर ज़्यादा भरोसा जताया. उन्होंने आने वाली पीढ़ियों को ज़्यादा ईमानदार और दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने के लिए मतभेदों को दूर करने को तैयार बताया.

लंदन में रविवार (लोकल टाइम) को 'सेलिब्रेशन ऑफ वननेस' थीम पर कम्युनिटी लीडर्स के रिसेप्शन और सिविलाइजेशनल डायलॉग को संबोधित करते हुए, भागवत ने कहा कि युवा लोग उन आशंकाओं और अनुभवों से कम बंधे होते हैं जो पुरानी पीढ़ियों पर असर डालते हैं और जब उन्हें लगता है कि कुछ सही है तो वे काम करने के लिए ज़्यादा तैयार रहते हैं.

भागवत ने कहा, 'मुझे आने वाली पीढ़ियों पर ज़्यादा भरोसा है. उनमें दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने की चाहत है. और वे इस मकसद के लिए हर तरह के अपने छोटे-मोटे मतभेदों को छोड़ने के लिए तैयार हैं. वे ज़्यादा ईमानदार हैं.'

यह समझाते हुए कि उन्हें क्यों लगता है कि युवा पीढ़ी में ये गुण होते हैं. आरएसएस प्रमुख ने कहा कि जैसे-जैसे लोग बड़े होते हैं, वे ज़्यादा सावधान हो जाते हैं क्योंकि वे अनुभव जमा करते हैं, जबकि युवा लोग संभावित नतीजों के बारे में कम चिंतित होते हैं.

उन्होंने कहा, 'यह स्वाभाविक रूप से होता है. जब हम बूढ़े होते हैं, तो हम भी कई अनुभवों से गुज़रते हैं. इसलिए, हम सावधानी बरतते हैं और हम हमेशा खुलकर बात नहीं करते हैं. हम हमेशा सोचते हैं कि क्या होगा. क्योंकि हम जानते हैं कि क्या हो सकता है. युवा पीढ़ी, वे यह नहीं जानते.' भागवत ने कहा, 'अगर उन्हें कुछ सही लगता है, तो वे बस उसमें लग जाते हैं. वे ऐसा करेंगे. उन्हें नतीजों की चिंता नहीं है. क्योंकि वे युवा हैं.'

उन्होंने कहा कि पुरानी पीढ़ी का काम युवाओं को अपने अनुभव और जानकारी का फ़ायदा देना होना चाहिए, बिना यह बताए कि उन्हें अपने लक्ष्य कैसे हासिल करने चाहिए. तो, युवा पीढ़ी, अगर हम उन्हें यह मकसद दें और हम अपने अनुभव से जरूरी जानकारी उन पर थोपे बिना दें, उन्हें एक रास्ता खोजने दें, लक्ष्य तय करें, तरीका नहीं, और उन्हें ऐसा करने दें. वे इसे हमसे ज़्यादा फायदेमंद तरीके से और तेजी से करेंगे. मुझे ऐसा लगता है,' उन्होंने कहा.

लंदन में भागवत की ताजा बातें अगस्त में मुंबई में एक इवेंट में की गई उनकी बातों से मिलती-जुलती हैं, जो नई दिल्ली के जंतर-मंतर और झारखंड में स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बैकग्राउंड में थी, जहाँ उन्होंने इसी तरह जेन-जेड और जेन अल्फा को मौजूदा पीढ़ी से ज़्यादा ईमानदार बताया था और युवाओं के साथ ज़्यादा बातचीत की अपील की थी. भागवत ने कहा था, 'मुझे लगता है कि नई पीढ़ी जेन-जेड और जेन अल्फा हमारी मौजूदा पीढ़ी से ज़्यादा ईमानदार है, और देशभक्ति और सेवा की ईमानदार अपील उनके साथ काम करती है.'

सार्वजनिक मुद्दों के प्रति युवा पीढ़ी के दृष्टिकोण के बारे में बात करते हुए भागवत ने कहा था कि जेन-जेड और जेन अल्फा पिछली जेनरेशन से अलग हैं क्योंकि वे पहले से बने विचारों पर सवाल उठाते हैं और लॉजिकल जवाब चाहते हैं. उन्होंने कहा, 'जहां तक जेन-जेड के बारे में मेरा एक्सपीरियंस है, जब हम उनकी उम्र के थे, तो हमें बड़ों की कही हर बात मानने की आदत थी, हमने कभी उन पर सवाल नहीं उठाया. अब, जेन-जेड और जेन अल्फा सवाल पूछते हैं, वे लॉजिकल जवाब और प्यार चाहते हैं.'

भागवत आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सौ साल पूरे होने के सेलिब्रेशन और इसके बड़े ओवरसीज आउटरीच प्रोग्राम के हिस्से के तौर पर लंदन में हो रहे 'सेलिब्रेशन ऑफ वननेस' डायलॉग के दौरान बोल रहे थे. इस इवेंट की शुरुआत हिंदू स्वयंसेवक संघ यूके (एचएसएस यूके) ने की थी, जो एक हिंदू सोशल और कल्चरल ऑर्गनाइज़ेशन है जिसे 1966 में ब्रिटेन में इंटीग्रल के सपोर्ट से बनाया गया था.

इस प्रोग्राम में ब्रिटेन से 310 से ज़्यादा कम्युनिटी ऑर्गनाइज़ेशन और एसोसिएशन के हिस्सा लेने की उम्मीद है. लंदन का यह इवेंट भागवत के तीन शहरों में सौ साल पूरे होने के मौके पर किए जा रहे कार्यक्रम का हिस्सा है. इसके तहत वे न्यूयॉर्क से टोरंटो और अब लंदन जा चुके हैं. भागवत अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन की अपनी यात्रा के आखिरी पड़ाव के लिए 2 सितंबर को लंदन पहुंचे थे.

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