ETV Bharat / international

भारत को लेकर ट्रंप के बदले सुर, बोले-वे मुझे पसंद नहीं करते, लेकिन फिर से करने लगेंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के भारत को लेकर सुर बदले हैं. उन्होंने टैरिफ कम करने के साथ ही व्यापार समझौते के भी संकेत दिए.

Trump trade talks with India
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो) (AP)
author img

By ANI

Published : November 11, 2025 at 10:08 AM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को लेकर बड़ी बातें कहीं. उन्होंने टैरिफ कम करने और व्यापार समझौते के संकेत दिए. साथ ही कटाक्ष भी किया. उन्होंने कहा कि वे (भारतवासी) अभी मुझे पसंद नहीं करते लेकिन वे हमें फिर से पसंद करने लगेंगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को भारत के साथ व्यापार समझौते के और करीब आने के संकेत दिए. उन्होंने यह भी कहा कि किसी समय अमेरिका भारत पर टैरिफ कम करेगा. ट्रंप ने यह टिप्पणी सर्जियो गोर के भारत में राजदूत के रूप में शपथ ग्रहण समारोह के दौरान की.

अपने भाषण में ट्रंप ने कहा, 'हम भारत के साथ एक समझौता कर रहे हैं. यह पहले से काफी अलग है. अभी वे मुझे पसंद नहीं करते, लेकिन वे हमें फिर से पसंद करेंगे. हमें एक उचित समझौता मिल रहा है. वे बहुत अच्छे वार्ताकार हैं, इसलिए सर्जियो, आपको इस पर ध्यान देना होगा. मुझे लगता है कि हम एक ऐसे समझौते के काफी करीब हैं जो सबके लिए अच्छा है.'

गोर के शपथ ग्रहण के बाद ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने इस सवाल का जवाब दिया कि भारत के साथ व्यापार समझौता कितना करीब है और क्या वह नई दिल्ली पर टैरिफ कम करने पर विचार करेंगे. इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, 'फिलहाल, रूसी तेल के कारण भारत पर टैरिफ बहुत ज्यादा है और उन्होंने रूसी तेल का व्यापार बंद कर दिया है. इसमें काफी कमी की गई है. हाँ, हम टैरिफ कम करने जा रहे हैं. किसी न किसी समय, हम इन्हें कम कर ही देंगे.'

इससे पहले 5 नवंबर को केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने संकेत दिया था कि भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत बहुत अच्छी तरह से चल रही है. लेकिन कहा कि कई संवेदनशील और गंभीर मुद्दे हैं. इसमें समय लगेगा. बातचीत बहुत अच्छी तरह से चल रही है. स्वाभाविक रूप से इसमें कुछ समय लगता है.

23 अक्टूबर को दोनों देशों के वार्ताकारों ने वर्चुअल चर्चा की. द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के लिए मार्च से अब तक पाँच दौर की वार्ताएँ पूरी हो चुकी हैं. शुरुआत में 2025 की शरद ऋतु तक हस्ताक्षर करने का निर्णय लिया गया था. दोनों देशों के नेताओं के निर्देशों के बाद फरवरी में औपचारिक रूप से प्रस्तावित इस द्विपक्षीय व्यापार समझौते का लक्ष्य 2030 तक व्यापार को वर्तमान 191 अरब अमेरिकी डॉलर से दोगुना से भी अधिक बढ़ाकर 500 अरब अमेरिकी डॉलर करना है.

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल सितंबर में अमेरिका में थे, जहाँ उन्होंने उच्च-स्तरीय व्यापार वार्ता का नेतृत्व किया और दोनों देश एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर पहुँचने की दिशा में काम कर रहे हैं. गोयल के साथ मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल भी था, जिसमें विशेष सचिव और भारत के मुख्य वार्ताकार राजेश अग्रवाल भी शामिल थे.

मध्य सितम्बर में दक्षिण और मध्य एशिया के लिए सहायक अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच के नेतृत्व में अमेरिका के अधिकारियों के एक दल ने नई दिल्ली में भारत के वाणिज्य विभाग के अधिकारियों के साथ सकारात्मक और दूरदर्शी चर्चा की, तथा पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते को शीघ्र पूरा करने के लिए प्रयासों को तीव्र करने का निर्णय लिया गया.

ये भी पढ़ें- 'टैरिफ विरोधी मूर्ख': ट्रंप का दावा- हरेक अमेरिकी को मिलेगा 2,000 डॉलर का डिविडेंड