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अंगोला को वंदे भारत ट्रेनें दे सकता है भारत, राष्ट्रपति मुर्मू ने लुआंडा में लौरेंको के साथ की वार्ता

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अंगोला के अपने समकक्ष लौरेंको के साथ द्विपक्षीय वार्ता में तकनीकी और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की.

President Murmu holds bilateral talks with Lourenco India Angola Relations Vande Bharat trains
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और अंगोला के राष्ट्रपति जोआओ मैनुअल गोंकाल्वेस लौरेंको (X/ @MEAIndia)
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By ANI

Published : November 9, 2025 at 10:12 PM IST

4 Min Read
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लुआंडा (अंगोला): राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अफ्रीकी देश अंगोला की राजकीय यात्रा पर हैं. रविवार को उन्होंने लुआंडा में राष्ट्रपति जोआओ मैनुअल गोंकाल्वेस लौरेंको (João Manuel Goncalves Lourenco) के साथ द्विपक्षीय वार्ता की. यह वार्ता इस बात पर केंद्रित थी कि हाई-स्पीड रेल प्रणालियों में सहयोग के अवसरों की खोज, भारत की विशेषज्ञता का प्रदर्शन और उन्नत बुनियादी ढांचे के समाधानों से अंगोला को कैसे लाभ हो सकता है.

इस दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने रेल प्रौद्योगिकी में भारत की प्रगति और कौशल विकास के महत्व पर प्रकाश डाला. राष्ट्रपति मुर्मू ने तकनीकी सहयोग और ज्ञान साझा करने की संभावनाओं को रेखांकित करते हुए कहा, भारत में निर्मित हाई-स्पीड वंदे भारत ट्रेनें हमारे रेल क्षेत्र में क्रांति ला रही हैं. हम अंगोला को भी ऐसी ट्रेनें प्रदान कर सकते हैं. दोनों देशों में युवाओं की आबादी अधिक है. यह जरूरी है कि हमारे युवा भविष्य के लिए प्रासंगिक कौशल हासिल करें."

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लौरेंको के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान अफ्रीका में शांति और स्थिरता के लिए भारत की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया और दोनों देशों की साझा प्राथमिकताओं पर प्रकाश डाला. राष्ट्रपति मुर्मू ने शांतिपूर्ण समाधानों के लिए भारत के दीर्घकालिक समर्थन पर जोर देते हुए कहा, "भारत अफ्रीका में शांति, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने के आपके प्रयासों की सराहना करता है. भारत ने हमेशा बातचीत और संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान की वकालत की है."

उन्होंने वैश्विक मंच पर भारत और अंगोला के बीच सहयोग पर भी प्रकाश डाला और कहा, "भारत और अंगोला संयुक्त राष्ट्र सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक-दूसरे का समर्थन करते हैं."

वैश्विक संस्थाओं में सुधारों पर जोर
राष्ट्रपति मुर्मू ने वैश्विक संस्थाओं में सुधारों की आवश्यकता पर भी जोर दिया. उन्होंने प्रभावी बहुपक्षीय शासन के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा, "हम दोनों इस बात पर सहमत हैं कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार जरूरी है. हम इस दिशा में हमारे प्रयासों में अंगोला के निरंतर समर्थन की आशा करते हैं."

दोनों नेताओं के बीच वार्ता में भारत-अंगोला संबंधों के सुदृढ़ीकरण और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर उनके समन्वय पर प्रकाश डाला गया, जिससे शांति, सुरक्षा और प्रभावी बहुपक्षीय जुड़ाव को बढ़ावा देने में आपसी सहयोग को बल मिला. इस औपचारिक शुरुआत के आधार पर, वार्ता में उन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया जो भारत और अंगोला की साझा प्राथमिकताओं और पूरकताओं को दर्शाते हैं. संभावित सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में संसदीय सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान, कृषि, विशेष रूप से बीज और उर्वरक, तेल खोज और शोधन, संपर्क और परिवहन अवसंरचना, दुर्लभ मृदा खनिज और हीरा प्रसंस्करण शामिल थे.

राष्ट्रपति मुर्मू ने इन क्षेत्रों में भारत की विशेषज्ञता पर जोर दिया और पारस्परिक विकास के इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए अंगोला के साथ मिलकर काम करने की तत्परता व्यक्त की. उन्होंने क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और रक्षा सहयोग पर विशेष जोर दिया.

विकास संबंधी और तकनीकी सहयोग के अलावा, राष्ट्रपति मुर्मू ने सतत विकास के प्रति अंगोला की प्रतिबद्धता की सराहना की और भारत के नेतृत्व वाली दो प्रमुख वैश्विक पहलों, वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन और अंतरराष्ट्रीय बिग कैट गठबंधन में शामिल होने के लिए अफ्रीकी देश को बधाई दी.

समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायवास ने एक्स पोस्ट में बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज लुआंडा स्थित राष्ट्रपति भवन में अंगोला के राष्ट्रपति जोआओ मैनुअल गोंजाल्विस लौरेंको से मुलाकात की. दोनों नेताओं ने ऊर्जा साझेदारी, बुनियादी ढांचे, रक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और डिजिटल प्रौद्योगिकियों सहित सहयोग को और गहरा करने के तरीकों पर व्यापक चर्चा की.

उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच मत्स्य पालन, जलीय कृषि और समुद्री संसाधनों में सहयोग तथा वाणिज्य दूतावास संबंधी मामलों पर समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर और आदान-प्रदान हुए.

राष्ट्रपति मुर्मू रविवार को अंगोला की राजधानी लुआंडा पहुंची, जो किसी भारतीय राष्ट्रपति की इस अफ्रीकी देश की पहली राजकीय यात्रा है. राष्ट्रपति मुर्मू ने अपनी यात्रा की शुरुआत लुआंडा के राष्ट्रपति भवन में एक भव्य औपचारिक स्वागत के साथ की और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 8 से 11 नवंबर तक विदेश दौरे पर हैं. अंगोला में अपने कार्यक्रमों के समापन के बाद, राष्ट्रपति मुर्मू 11 से 13 नवंबर तक बोत्सवाना की यात्रा करेंगी.

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