PM मोदी मुझसे खुश नहीं हैं, रूस से तेल खरीदने पर ट्रंप का भारत पर बड़ा बयान
ट्रंप की यह टिप्पणी रूस के साथ चल रहे एनर्जी ट्रेड को लेकर नई दिल्ली को दी गई कई चेतावनियों के बाद आई है.

By ANI
Published : January 7, 2026 at 7:07 AM IST
वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने अच्छे रिश्ते दोहराए. हालांकि, उन्होंने रूस से तेल खरीदने पर भारत पर लगाए गए भारी टैरिफ पर पीएम मोदी की नाखुशी पर जोर दिया.
हाउस जीओपी मेंबर रिट्रीट में ट्रंप ने अमेरिका रक्षा बिक्री और टैरिफ उपायों के बारे में पीएम मोदी के साथ अपनी बातचीत पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि हालांकि रिश्ते अच्छे बने हुए हैं, लेकिन टैरिफ के मुद्दे ने तनाव पैदा कर दिया है. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'पीएम मोदी के साथ मेरे बहुत अच्छे रिश्ते हैं, लेकिन वह मुझसे खुश नहीं हैं क्योंकि भारत अधिक टैरिफ दे रहा है. लेकिन अब उन्होंने रूस से तेल खरीद काफी कम कर दिया है.'
US President Donald Trump says, " ... india ordered 68 apaches, and prime minister modi came to see me. may i see you please?... i have a very good relationship with pm modi, but he is not happy with me as india is paying high tariffs. but now they have reduced it very… https://t.co/rw9RJPvfZD
— ANI (@ANI) January 7, 2026
कुल 50 फीसदी टैरिफ भारत के रूस से तेल खरीदने की वजह से लगाए गए थे, जिसे अमेरिका यूक्रेन विवाद के बीच रूस की इकॉनमी को सपोर्ट करने वाला मानता है. ट्रंप की यह बात उस चेतावनी के एक दिन बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर नई दिल्ली ने रूस के तेल आयात पर अमेरिकी की चिंताओं को दूर नहीं किया तो वॉशिंगटन भारतीय सामान पर टैरिफ और बढ़ा सकता है.
उन्होंने कहा, 'असल में वे मुझे खुश करना चाहते थे. मोदी बहुत अच्छे आदमी हैं. वह एक अच्छे इंसान हैं. उन्हें पता था कि मैं खुश नहीं हूँ, और मुझे खुश करना जरूरी था.' ट्रंप ने अपने भाषण के दौरान टैरिफ पॉलिसी का भी बचाव किया और कहा कि इन उपायों से अमेरिका को फाइनेंशियल फायदा हो रहा है.
ट्रंप की यह टिप्पणी मॉस्को के साथ चल रहे एनर्जी ट्रेड को लेकर नई दिल्ली को दी गई कई चेतावनियों के बाद आई है. इससे पहले उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर भारत रूसी तेल के मुद्दे पर मदद नहीं करता है तो अमेरिका टैरिफ और बढ़ा सकता है. उन्होंने इस दबाव को सीधे रूस-यूक्रेन युद्ध से जोड़ा.
उन्होंने भारत पर डिस्काउंट पर रूसी क्रूड ऑयल खरीदकर मॉस्को को मजबूत करने का आरोप लगाया है और इसी को भारतीय सामान पर तेजी से अधिक टैरिफ लगाने का आधार बताया है. ट्रंप ने भारत के कामों पर असर डालने के लिए टैरिफ प्रेशर का भी इस्तेमाल किया है. इससे पता चलता है कि नई दिल्ली को उनकी नाराजगी का पता था और वह स्थिर ट्रेड रिलेशन बनाए रखना चाहता था.
साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने रूस-यूक्रेन झगड़े में खुद को एक संभावित बिचौलिए के तौर पर पेश किया है. रूसी प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी प्रेसिडेंट वोलोडिमिर जेलेंस्की के साथ बातचीत की है, हालांकि कोई ठोस कामयाबी नहीं मिली है. भारत ने पहले ट्रंप के इस दावे को खारिज कर दिया था कि पीएम नरेंद्र मोदी ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि नई दिल्ली रूसी तेल खरीदना बंद कर देगी, और साफ किया था कि ऐसी कोई बातचीत या भरोसा नहीं मिला था.

