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भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' को और मजबूती देने प्रधानमंत्री मोदी इंडोनेशिया पहुंचे

इंडोनेशिया से मोदी ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के निमंत्रण पर मेलबर्न जाएंगे.

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By ETV Bharat Hindi Team

Published : July 6, 2026 at 6:52 PM IST

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जकार्ता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों की अपनी यात्रा के पहले चरण में सोमवार को इंडोनेशिया पहुंचे. उनकी इस यात्रा का उद्देश्य भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी', 'महासागर विजन' तथा एक स्वतंत्र, खुले एवं समावेशी हिंद-प्रशांत के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को और मजबूत करना है.

विशेष सद्भावना के तहत हवाई अड्डे पर मोदी का स्वागत इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने किया. इसके अलावा, प्रधानमंत्री की अगवानी करने के लिए चार मंत्री भी मौजूद थे. प्रधानमंत्री मोदी का इस दौरान पारंपरिक ढंग से स्वागत किया गया और उन्होंने सलामी गारद का निरीक्षण किया.

मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, "जकार्ता पहुंच गया हूं. हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो द्वारा मेरा स्वागत किए जाने की सद्भावना से मैं बहुत प्रभावित हूं." वर्ष 2018 में संबंधों को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक ले जाए जाने के बाद से इंडोनेशिया की यह मोदी की पहली द्विपक्षीय यात्रा है.

मोदी ने कहा, "2018 में इंडोनेशिया की मेरी पहली यात्रा के दौरान भारत और इंडोनेशिया ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक बढ़ाया, जिससे हमारे लोगों को लाभ हुआ है."उन्होंने कहा कि वह राष्ट्रपति सुबियांतो के साथ बातचीत करेंगे, जिसका उद्देश्य "अलग-अलग क्षेत्रों में इस साझेदारी को और गति देना" है.

मोदी ने कहा, "राष्ट्रपति प्रबोवो और मैं योग्याकार्ता में प्रम्बानन मंदिर परिसर का दौरा करेंगे. इससे हमारे देशों के बीच सांस्कृतिक संबंध और मजबूत होंगे. इंडोनेशिया में रहने के दौरान, मैं भारतीय समुदाय के लोगों से मिलने के लिए भी उत्सुक हूं."योग्याकार्ता शहर से लगभग 17 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित यह सदियों पुराना मंदिर इंडोनेशिया का सबसे विशाल हिंदू मंदिर माना जाता है.

दिल्ली से रवाना होने से पहले, मोदी ने कहा कि इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की उनकी यात्रा भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’, 'महासागर विजन' और साथ ही 'मुक्त एवं खुले हिंद-प्रशांत के प्रति हमारे नजरिए' को और मजबूत करेगी.

महासागर, यानी 'सभी क्षेत्रों में सुरक्षा के लिए पारस्परिक एवं समग्र विकास', सभी क्षेत्रों की सुरक्षा और विकास के लिए भारत का विजन है. मोदी की यह यात्रा जनवरी 2025 में गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर राष्ट्रपति प्रबोवो की भारत की राजकीय यात्रा के बाद हो रही है. उन्होंने कहा, "भारत और इंडोनेशिया के बीच सभ्यतागत एवं लोगों के आपसी संबंध बहुत मजबूत हैं, तथा मेरी यह यात्रा हमारी बहुआयामी साझेदारी के सभी पहलुओं को और मजबूत करेगी."

इंडोनेशिया से मोदी ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के निमंत्रण पर मेलबर्न जाएंगे. यात्रा के आखिरी चरण में वह न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के न्योते पर ऑकलैंड पहुंचेंगे.

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