पाकिस्तान का दावा- हवाई हमलों में अफगानिस्तान के 300 लड़ाके मारे गए
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तारड़ ने कहा कि सुरक्षा बलों ने अफगान तालिबान शासन के 297 लड़ाकों को मार गिराया.

By PTI
Published : February 28, 2026 at 1:55 PM IST
इस्लामाबाद: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पार संघर्ष तीसरे दिन भी जारी है. पाकिस्तान ने शनिवार को दावा किया कि उसके ऑपरेशन में अब तक लगभग 300 अफगान तालिबान लड़ाके और उनके सहयोगी आतंकवादी समूहों के सदस्य मारे गए हैं. पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तारड़ ने एक अपडेट में कहा कि सुरक्षा बलों ने अफगान तालिबान शासन के 297 लड़ाकों को मार गिराया, और 450 से अधिक अफगान लड़ाके घायल हुए हैं.
मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान ने ऑपरेशन गजब लिल-हक के दौरान तालिबान की 89 चौकियां तबाह कर दीं, और 18 अन्य चौकियों पर कब्जा कर लिया, जबकि लगभग 135 टैंक और सैन्य वाहन भी तबाह कर दिए गए. मंत्री ने कहा कि पाकिस्तानी वायु सेना ने अफगानिस्तान में लगभग 29 जगहों को प्रभावी तरीके से निशाना बनाया.
पाकिस्तान के हवाई हमलों के जवाब में अफगानिस्तान ने 26 फरवरी गुरुवार की रात को 2,600 किमी से अधिक लंबी सीमा पर एक साथ 53 जगहों पर हमला किया. इसके तुरंत बाद, पाकिस्तान ने ऑपरेशन गजब लिल हक नाम से अफगानिस्तान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू कर दिया.
शुक्रवार शाम को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि अफगान तालिबान को पाकिस्तान और आतंकवादी संगठनों में से किसी एक को चुनना होगा. उन्होंने कहा, "मैं एक बात स्पष्ट करना चाहता हूं, जुल्म करने वाले अफगान तालिबान शासन को एक स्पष्ट चुनाव करना होगा. यह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP), बलूच लिबरेशन आर्मी, दाएश, अल कायदा, आतंकवादियों तथा आतंकवादी संगठनों और पाकिस्तान के बीच चुनाव है."
चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान सरकार ने यह साफ कर दिया है. चाहे वे आतंकवादियों और आतंकवाद को चुनें या पाकिस्तान को. हम स्पष्ट हैं...यह बता दें कि हमारा चुनाव बिल्कुल साफ है. हर चीज से ऊपर हमेशा पाकिस्तान ही रहेगा.
पाकिस्तान लंबे समय से अफगान तालिबान पर आरोप लगाता रहा है कि वह TTP और दूसरे आतंकवादी समूहों को पाकिस्तान के खिलाफ हमले करने के लिए आश्रय, ट्रेनिंग और लॉजिस्टिक्स के लिए अपनी जमीन इस्तेमाल करने दे रहा है।. अफगानिस्तान ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है और पाकिस्तान से आतंकवादियों से बातचीत करके अपने घर को ठीक करने को कहा है.
इस बीच, एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने आतंकवादियों से बचाव के पाकिस्तान के अधिकार का समर्थन किया. राजनीतिक मामलों की अवर सचिव एलिसन हुकर ने कहा कि उन्होंने पाकिस्तान के विदेश मंत्री से बात की और पाकिस्तान और तालिबान के बीच हाल ही में हुए संघर्ष में मारे गए लोगों के लिए दुख जताया. उन्होंने एक्स पोस्ट में कहा, "हम हालात पर करीब से नजर रख रहे हैं और तालिबान के हमलों से खुद को बचाने के पाकिस्तान के अधिकार का समर्थन करते हैं."
संघर्ष बढ़ता देख अफगान तालिबान ने पाकिस्तान के साथ बातचीत करने की इच्छा दिखाई. अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी के हवाले से कहा, "अफगानिस्तान...ने हमेशा आपसी समझ और सम्मान के आधार पर मुद्दों को सुलझाना पसंद किया है."
मुत्तकी ने कतर के जूनियर विदेश मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल अजीज अल-खलीफी को फोन पर जानकारी दी.
तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने भी यही बात दोहराते हुए कहा, "अब हम भी इस मामले को बातचीत से सुलझाना चाहते हैं.
दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव कम करने की कोशिशें भी चल रही हैं. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सऊदी अरब और कतर शांति लाने के लिए अपनी तरफ से कोशिश कर रहे हैं. सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान ने पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार के साथ-साथ अफगान कार्यवाहक विदेश मंत्री आमिर मुत्तकी से बात की. तुर्की भी दोनों पक्षों के संपर्क में है और दुश्मनी खत्म करने की कोशिश कर रहा है.
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