नेपाल बाढ़ अपडेट: मृतकों की संख्या 1003 हुई, जलस्तर बढ़ने के बीच बाढ़ का नया अलर्ट जारी

Published : September 1, 2026 at 10:00 AM IST
|Updated : September 1, 2026 at 2:39 PM IST
नेपाल में आए खतरनाक अचानक बाढ़ (flash floods) के बाद खोज और बचाव अभियान का आज सातवां दिन है. अब तक 1003 से ज़्यादा लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और लगभग 4000 लोग अभी भी लापता हैं. 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने के बाद बर्फ और चट्टानों का मलबा (avalanche) नीचे की ओर पानी, कीचड़ और मलबे की तेज धारा के साथ बह निकला, जिससे उत्तरी और मध्य नेपाल में कई कस्बे और गांव तबाह हो गए. जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुँचा और हाइड्रोपावर स्टेशन बह गए. नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) की आधिकारिक पुष्टि के अनुसार, मरने वालों की संख्या बढ़कर 903 हो गई है और प्रभावित आठ ज़िलों से शव बरामद किए गए हैं. कम से कम 4400 लोग लापता हैं, जबकि बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 10,451 लोगों को बचाया गया. नेपाली प्रधान मंत्री बालेंद्र शाह ने कहा कि पिछले सप्ताह हिमालय में आई घातक बाढ़ कोई सामान्य घटना नहीं थी, बल्कि जलवायु परिवर्तन के कारण थी. शाह ने कहा, 'यह घटना इंगित करती है कि जलवायु परिवर्तन के साथ-साथ हिमालयी क्षेत्र में हमारे सामने आने वाले खतरे भी बढ़ रहे हैं. इसलिए, इस क्षेत्र को सतर्क रहना चाहिए.'
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नेपाल ने टनल रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए अंतरराष्ट्रीय मदद मांगी
नेपाल में बाढ़ के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन जारी हैं, जिसमें सैकड़ों लोगों की मौत हो गई है और हज़ारों लोग लापता हैं. इसे देखते हुए नेपाल ने टनल रेस्क्यू और फॉरेंसिक काम के लिए खास उपकरणों और तकनीकी मदद समेत और अंतरराष्ट्रीय सहायता मांगी है. सोमवार को काठमांडू में एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान, नेपाल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर छेत्री ने बताया कि देश ने अमेरिका से फ्रीजर, डीएनए टेस्टिंग किट और एलआईडीएआर (LiDAR) जैसी जरूरी गैर-खाद्य चीजें और सेवाएं, सिंगापुर से डीवीआई जैसी राहत से जुड़ी चीजें और चीन व सिंगापुर से बेली ब्रिज और ज़्यादा क्षमता वाले ड्रोन की मांग की है. अब तक, नेपाल को शवों के प्रबंधन के लिए एयरटाइट बैग मिल चुके हैं, और और भी बैग पहुंचाए जा रहे हैं.
नुवाकोट में एक घर से 24 शव मिले
जिला पुलिस कार्यालय के एसपी बिपिन रेग्मी ने बताया कि सोमवार को बाढ़ से प्रभावित नुवाकोट जिले के बेत्रावती में बचाव कर्मियों ने एक घर से 24 शव बरामद किए. रेग्मी ने कहा कि घर के अंदर तलाशी अभियान अभी भी जारी है. उन्होंने कहा कि तलाशी पूरी होने के बाद ही शवों की अंतिम संख्या की पुष्टि हो पाएगी. माना जा रहा है कि तलाशी जारी रहने पर यह संख्या और बढ़ सकती है.
नेपाल कई जिलों में बाढ़ का नया अलर्ट जारी
कई जिलों में जलस्तर बढ़ने के कारण नेपाल ने बाढ़ का नया अलर्ट जारी किया है. जबरदस्त अचानक आई बाढ़ के कारण त्रिशूली को रसुवा से जोड़ने वाली सड़क बह गई. अधिकारियों ने बताया कि त्रिशूली की ओर पानी बहुत तेजी से बह रहा है, जिससे यह रास्ता बेहद खतरनाक हो गया है. इसके अलावा, त्रिशूली से रसुवा की ओर सड़क संपर्क भी बाधित है, क्योंकि बाढ़ ने इलाके में सड़कों और बुनियादी ढांचे को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया है.
चीन आपदा प्रभावित इलाकों में DNA टेस्टिंग एक्सपर्ट्स भेजेगा
चीन के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि चीन नेपाल-चीन सीमा पर आपदा प्रभावित इलाकों में डीएनए टेस्टिंग एक्सपर्ट्स भेजेगा. इसके साथ ही राहत सामग्री का दूसरा बैच भी भेजा जाएगा, जिसमें ड्रोन और पानी साफ करने वाले उपकरण शामिल होंगे.
एक शव, तीन परिवार: नेपाल में बाढ़ पीड़ितों की पहचान करने के लिए परिवारों का संघर्ष
नेपाल के पोखरा में सरकारी अस्पताल में रखे शव नंबर 1003 पर तीन परिवारों ने अपना दावा जताया. हर परिवार का मानना था कि विनाशकारी बाढ़ के बाद उन्हें अपना लापता रिश्तेदार मिल गया है. बर्दिया के हाइड्रोपावर वर्कर गोपाल डाहित और रूपनदेही के टूरिस्ट गाइड दामोदर बस्याल के परिवार भी इस शव पर दावा करने वालों में शामिल थे. रविवार को एक और परिवार ने भी इस पर दावा किया. 'नेपाल न्यूज' की सोमवार की रिपोर्ट के मुताबिक, डाहित और बस्याल के परिवार अभी भी शव की पहचान को लेकर दावा कर रहे थे. तीसरा परिवार पीछे हटता हुआ दिखा. (PTI)
नेपाल से 158 भारतीय नागरिकों को बचाया गया: विदेश मंत्रालय
भारतीय विदेश मंत्रालय (एमईए) ने सोमवार को घोषणा की कि पिछले सप्ताह के दौरान हिमालयी राष्ट्र में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद 158 भारतीय नागरिकों को नेपाल से सुरक्षित निकाला गया. मंत्रालय द्वारा सोमवार रात 9 बजे तक उपलब्ध कराए गए आधिकारिक अपडेट के अनुसार, भारत से तैनात विशेष फोरेंसिक और सुरंग बचाव दस्तों द्वारा चल रहे खोज, राहत और उत्खनन कार्यों का नेतृत्व जारी रखा जा रहा है. चिकित्सा और तकनीकी तैनाती पर प्रकाश डालते हुए, विदेश मंत्रालय ने कहा, 'भारत की विशेष फोरेंसिक टीम ने नेपाल पुलिस की फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला के समकक्षों के साथ समन्वय में आज काठमांडू में अपना काम जारी रखा. उन्होंने विभिन्न प्रोटोकॉल और दस्तावेजीकरण के अनुकूलन पर चर्चा की.'
नेपाल के रसुवा में बाढ़ के बाद चिलिमे हाइड्रोपावर टनल में बचाव अभियान जारी
नेपाल के रसुवा जिले में स्याब्रूबेसी गांव के पास चिलिमे हाइड्रोपावर टनल में बचाव अभियान चल रहा है. इलाके में आई भयानक बाढ़ के कारण कई मजदूर टनल के अंदर फंस गए. नेपाल पुलिस के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल डी. रेग्मी ने बताया कि टनल के पास कई इमारतें हैं. हाइड्रोपावर सुविधा होने के कारण काम के घंटों के दौरान वहां कई मजदूर मौजूद रहते हैं. टनल को भी नुकसान पहुंचा है और बाढ़ का पानी टनल के अंदर घुस गया है.' उन्होंने बताया कि बचाव दलों ने मंगलवार सुबह करीब 7 बजे यह पता लगाने के लिए अभियान शुरू किया कि असल में कितने लोग अंदर फंसे हुए हैं. उन्होंने कहा, 'हम बचाव दल के पहुंचने से पहले ही वहां पहुंच गए थे. बचाव दल हेलीकॉप्टर से वहां पहुंचा. अब बचाव दल ने टनल के अंदर जाना शुरू कर दिया है.' यह टनल भोतेकोशी नदी के किनारे बनी कई ऐसी संरचनाओं में से एक है, जो तिब्बत से नेपाल में प्रवेश करती है. इसी नदी के कारण बाढ़ आई थी.
त्रिशूली इलाके में भारी तबाही से बाजार बर्बाद
नेपाल के नुवाकोट जिले के बिदुर में बचाव कार्य जारी है. सेना लोगों को उस इलाके से सुरक्षित बाहर निकाल रही है. भोटेकोशी और त्रिशूली नदी प्रणालियों में बाढ़ आने से त्रिशूली इलाके के बाजार में कई दुकानें बर्बाद हो गई. एक पोल्ट्री फार्म के मालिक रामकृष्ण ने एएनआई को बताया, 'हम यहीं रहते हैं और हमारा एक पोल्ट्री फार्म था. हमारे 420 बोरियों का कंसाइनमेंट (माल) बह गया. हमने कूदकर अपनी जान बचाई. बहुत नुकसान हुआ है. हम कार तो ठीक करवा लेंगे, लेकिन 22,000 मुर्गियों वाला पोल्ट्री फ़ार्म बाढ़ में बह गया. कर्ज चुकाने के लिए हमें अपना कारोबार फिर से शुरू करना होगा.' अब तक चितवन से 279, नवलपरासी ईस्ट से 216, नवलपरासी वेस्ट से 168, गोरखा से 65, धाडिंग से 55, तनहुन से 38 और रसुवा से 23 शव बरामद किए गए हैं.
मृतकों की संख्या बढ़कर 1000 पहुंची
चीन-नेपाल बॉर्डर से ग्लेशियर के पानी के तेज बहाव से आई 'अकल्पनीय' तबाही के बाद सातवें दिन भी बचावकर्मी कीचड़ और मलबे के बीच संघर्ष कर रहे हैं. मरने वालों की संख्या 1,000 के करीब पहुँच गई है और लापता लोगों की संख्या 4,400 से ज्यादा हो गई है.

