Explainer: जानिए अमेरिका के उस 'डेल्टा फोर्स' के बारे में, जिसने मादुरो को उसके घर से उठा लिया
अमेरिका के डेल्टा फोर्स के गठन, इसकी चयन प्रक्रिया और इसके चर्चित मिशनों के बारे में विस्तार से समझते हैं.


Published : January 6, 2026 at 5:18 PM IST
|Updated : January 7, 2026 at 1:37 PM IST
3 जनवरी 2026 को अमेरिकी विशेष बलों ने कराकस में एक नाटकीय सैन्य ऑपरेशन 'एब्सोल्यूट रिजॉल्व' को अंजाम दिया. इस छापेमारी के दौरान वेनेजुएला के राष्ट्रपति (अब पूर्व) निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को उनके आवास से हिरासत में ले लिया गया. इस सफल अभियान के तुरंत बाद मादुरो को कानूनी कार्यवाही के लिए न्यूयॉर्क ले जाया गया.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के आदेश पर किए गए इस ऑपरेशन में 150 से अधिक विमानों का उपयोग किया गया. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी सेना की सबसे घातक और गुप्त स्पेशल मिशन यूनिट 'डेल्टा फोर्स' (Delta Force) ने निकोलस मादुरो को पकड़ने के इस बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया था.
इस स्पेशल यूनिट (Delta Force) का नाम सामने आने के बाद अब हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर ये फोर्स है क्या, इसमें भर्ती कैसे होती है और इसने इतिहास में कौन-कौन से बड़े कारनामों को अंजाम दिया है. आइए, डेल्टा फोर्स के गठन, इसकी कड़ी चयन प्रक्रिया और इसके कुछ सबसे चर्चित मिशनों के जरिए इस जांबाज यूनिट की पूरी कहानी को विस्तार से समझते हैं.

डेल्टा फोर्स क्या है?
डेल्टा फोर्स, जिसे आधिकारिक तौर पर '1st स्पेशल फोर्सेज ऑपरेशनल डिटैचमेंट-डेल्टा' कहा जाता है, अमेरिकी सेना की एक बेहद खास और चुनिंदा आतंकवाद-विरोधी यूनिट है. इसे अक्सर 'द यूनिट', 'टास्क फोर्स ग्रीन', 'डी-बॉयज', या बस 'डेल्टा' के नाम से जाना जाता है. हाल ही में इसे 'कॉम्बैट एप्लीकेशन्स ग्रुप' (CAG) का नाम भी दिया गया है. यह इकाई अपनी गोपनीयता के लिए जानी जाती है. दुनिया के सबसे खतरनाक और चुनौतीपूर्ण मिशनों को अंजाम देने के लिए मशहूर है.
क्यों बनाया गया
नेवी सील की एलीट टीम 'डेवग्रु' (Naval Special Warfare Development Group- DEVGRU) की तरह ही, डेल्टा फोर्स का गठन भी चुस्त और फुर्तीली विशेष सेना समूहों की ज़रूरत के कारण हुआ. 1970 के दशक में, दुनिया भर में हुए कई आतंकवादी हमलों के बाद, अमेरिकी रक्षा एजेंसियों के बीच चर्चा हुई और यह माना गया कि गैर-सरकारी तत्वों, विशेषकर आतंकवादी समूहों से निपटना जरूरी है. एक समर्पित और बेहद कुशल आतंकवाद-विरोधी इकाई की आवश्यकता महसूस हुई और इसी के परिणामस्वरूप डेल्टा फोर्स का गठन किया गया.

ये किस तरह के ऑपरेशनों को अंजाम देते हैं
डेल्टा फोर्स को दुनिया भर में तुरंत कार्रवाई (Rapid global response) करने के लिए डिज़ाइन किया गया है. गुप्त छापेमारी, बंधकों को छुड़ाना, आमने-सामने की सीधी जंग और आतंकवाद-विरोधी अभियान इनके सबसे प्रमुख कार्यों में शामिल हैं. इस यूनिट के सदस्यों को कभी-कभी "साइन पारी वारियर्स" (Sine Pari Warriors) भी कहा जाता है.
यह नाम अमेरिकी सेना के 'स्पेशल ऑपरेशंस कमांड' के आदर्श वाक्य "साइन पारी" (Sine Pari) से लिया गया है, जिसका अर्थ है-"अतुलनीय" या "जिसके समान कोई दूसरा न हो". डेल्टा फोर्स के पेशेवर व्यवहार, गोपनीयता और सफलताओं के शानदार रिकॉर्ड ने इसे अमेरिकी सेना और समग्र रूप से अमेरिकी सेना की सबसे प्रमुख 'स्पेशल मिशन यूनिट' के रूप में स्थापित किया है.

डेल्टा फोर्स का सदस्य कैसे चुने जाते हैं
डेल्टा फोर्स अनुभवी सैनिकों की भर्ती करता है. उम्मीदवार आमतौर पर E-4 से E-8 ग्रेड के सैन्य कर्मी या कैप्टन और मेजर स्तर के अधिकारी होते हैं. आवेदकों की आयु कम से कम 22 वर्ष होनी चाहिए, उनके पास 'एयरबोर्न' योग्यता (या जंप स्कूल जाने की इच्छा) होनी चाहिए. उम्मीदवार 'रेंजर रेजिमेंट' या 'स्पेशल फोर्सेज' से आते हैं.
चयन कोर्स साल में दो बार वेस्ट वर्जीनिया के 'कैंप डॉसन' में आयोजित किया जाता है और यह लगभग चार सप्ताह तक चलता है. उम्मीदवारों को लंबी दौड़, भारी बोझ के साथ मार्च, कठिन लैंड-नेविगेशन अभ्यास और भारी बैग के साथ 40 मील की "लंबी पैदल यात्रा" से गुजरना पड़ता है. मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन और साक्षात्कार बोर्ड उम्मीदवारों की मानसिक मजबूती की जांच करते हैं. आवेदकों का केवल एक छोटा हिस्सा ही इसे पार कर पाता है.
जो सैनिक चुन लिए जाते हैं, वे छह महीने के 'ऑपरेटर ट्रेनिंग कोर्स' में शामिल होते हैं. OTC में स्वाभाविक शूटिंग और करीबी लड़ाई, घुसपैठ और विस्फोट, बंधक बचाव के एकीकृत अभ्यास, जासूसी कौशल और उन्नत ड्राइविंग सिखाई जाती है. इसके बाद, वे एक ऑपरेशनल स्क्वाड्रन में शामिल हो जाते हैं. लेकिन अपने पूरे करियर के दौरान प्रशिक्षण जारी रखते हैं, जो अक्सर मित्र देशों की विशेष-अभियान इकाइयों के साथ होता है.

डेल्टा फोर्स के कुछ प्रमुख ऑपरेशन
- 1979 - पैन अमेरिकन गेम्स: प्यूर्टो रिको में आयोजित पैन अमेरिकन गेम्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए डेल्टा ने एफबीआई (FBI) के साथ मिलकर काम किया.
- 1980 - थाईलैंड विमान अपहरण: बैंकॉक में इंडोनेशियाई विमान के अपहरण के दौरान उसे आतंकवादियों से छुड़ाने में डेल्टा ने सहायता की थी
- 1980 - ईरान (ऑपरेशन ईगल क्लॉ): यह डेल्टा का पहला लड़ाकू मिशन था. ईरान से अमेरिकी नागरिकों को बचाने का यह प्रयास ईरानी रेगिस्तान में एक दूरदराज की हवाई पट्टी पर हादसे के साथ विफल हो गया था
- 1983 - ग्रेनाडा (ऑपरेशन अर्जेंट फ्यूरी): डेल्टा ने रिचमंड हिल जेल पर हेलीकॉप्टर के जरिए किए गए एक हमले में हिस्सा लिया था, जिसे बीच में ही रोकना पड़ा
- 1989 - पनामा (ऑपरेशन एसिड गैम्बिट): डेल्टा और '160th SOAR' (स्पेशल ऑपरेशंस एविएशन रेजिमेंट) के एक साहसी रेस्क्यू मिशन ने पनामा की जेल में बंद एक अमेरिकी नागरिक को मुक्त कराया
- 1991 - कुवैत / इराक (ऑपरेशन डेजर्ट स्टॉर्म): डेल्टा फोर्स ने दुश्मन की सीमाओं के पीछे जाकर सद्दाम हुसैन के 'स्कड' (SCUD) मिसाइल लॉन्चर्स को खोजने और नष्ट करने का काम किया
- 1993 - सोमालिया (ऑपरेशन रीस्टोर होप / गोथिक सर्पेंट): डेल्टा ने, रेंजर्स और 160th SOAR के साथ मिलकर, युद्धग्रस्त अफ्रीकी देश में विद्रोही नेताओं की तलाश की
- 2001 - ऑपरेशन एंड्योरिंग फ्रीडम: 19 अक्टूबर 2001 की रात को, रेंजर्स के समर्थन से, डेल्टा फोर्स ने एक बड़े हेलीकॉप्टर-आधारित हमले को अंजाम दिया. यह कार्रवाई उस ठिकाने पर की गई जहाँ तालिबान नेता मुल्ला उमर कभी-कभी रुका करता था
- 2001- दिसंबर में ओसामा बिन लादेन को ट्रैक करने (ढूंढने) के प्रयासों में डेल्टा ऑपरेटरों को तोरा बोरा के पहाड़ों में तैनात किया गया था
- 2002- 'ऑपरेशन एनाकोंडा' सहित तालिबान और अल कायदा के खिलाफ अभियान के दौरान सक्रिय 'एडवांस फोर्स ऑपरेशंस' (AFO) टोही इकाइयों में डेल्टा ने अपने ऑपरेटरों का योगदान दिया
- 2003 - ऑपरेशन इराकी फ्रीडम : हवाई हमलों के लिए लक्ष्यों को सटीक रूप से निर्धारित (पिनपॉइंट) करने हेतु डेल्टा फोर्स को गुप्त रूप से इराक में दाखिल कराया गया
- 2004 - इराक बंधक बचाव: डेल्टा फोर्स ने अपहरण किए गए 2 नागरिकों को कैद से मुक्त कराया
- 2005 - रॉय हलम्स का बचाव: डेल्टा फोर्स के एक और बचाव अभियान ने अगवा किए गए एक अमेरिकी नागरिक को छुड़ाया
- 2012 - लीबिया: बेंगाजी हमले के दौरान अमेरिकी दूतावास को खाली कराने में मदद की
- 2013 - लीबिया में आतंकवादी को पकड़ा : डेल्टा फोर्स ने सीआईए (CIA) और एफबीआई (FBI HRT) के साथ मिलकर त्रिपोली की सड़कों से एक वांटेड आतंकवादी को दबोचा
- 2014 - लीबिया में आतंकवादी को पकड़ा : डेल्टा फोर्स और एफबीआई का एक और साझा ऑपरेशन, जिसमें 2012 के बेंगाजी हमलों के संदिग्ध सरगना को पकड़ा गया.
- 2015 - अबू सय्याफ: डेल्टा फोर्स ने पूर्वी सीरिया में आईएस (IS) के एक वरिष्ठ वित्तपोषक (फाइनेंसर) को मार गिराया
- 2019 - आईएसआईएस नेता पर छापा: डेल्टा फोर्स ने उस छापेमारी का नेतृत्व किया जिसमें आईएसआईएस प्रमुख अबू बक्र अल-बगदादी मारा गया. ऑपरेटर हेलीकॉप्टर से उसके ठिकाने में घुसे और जब बगदादी ने आत्मसमर्पण करने से इनकार कर दिया, तो उसने आत्मघाती जैकेट में विस्फोट कर खुद को और दो बच्चों को मार डाला.

डेल्टा फोर्स के गठन के पीछे किसका दिमाग था
कर्नल चार्ली बेकविथ 'ग्रीन बेरेट' के सदस्य और डेल्टा फोर्स के संस्थापक थे. उन्होंने सेना के 7वें स्पेशल फोर्सेज ग्रुप के साथ वियतनाम के भीषण युद्ध का अनुभव लिया था और 'मलायन इमरजेंसी' के दौरान ब्रिटेन की 22 स्पेशल एयर सर्विस (SAS) के साथ भी अपनी सेवाएं दी थीं. इन अनुभवों के आधार पर उन्होंने महसूस किया कि युद्ध के बदलते स्वरूप का मुकाबला करने के लिए एक विशेष सेना समूह की ज़रूरत है. इसके परिणामस्वरूप, उनका पूरा ध्यान अमेरिकी रणनीति को बड़ी सेनाओं के बजाय छोटे और अधिक फुर्तीले 'स्पेशल ऑपरेटर्स' के समूहों की ओर मोड़ने पर रहा.
इसे भी पढ़ेंः
- अमेरिका-वेनेजुएला में संघर्ष क्यों? क्या ये 'तेल-सोने' की लड़ाई है या फिर कुछ और
- भारत ने वेनेजुएला के घटनाक्रम पर जताई गहरी चिंता, स्थिति पर नजर, मुद्दों को बातचीत से सुलझाने का आग्रह
- वेनेजुएला पर एक्शन की दुनिया के नेताओं ने की निंदा, चीन बोला- मादुरो को तुरंत रिहा करे अमेरिका
- वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले से भारत के नजरिए पर क्या असर पड़ेगा? यहां जानें

