'ईरान पर टिप्पणी के बजाय अपना देश संभालें US राष्ट्रपति': खामेनेई का ट्रंप पर तीखा वार
खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति पर अपने घर की गंभीर समस्याओं को सुलझाने में विफल रहने और ईरान में अशांति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया.


By ANI
Published : January 11, 2026 at 8:44 PM IST
तेहरान (ईरान): ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने रविवार 11 जनवरी को ईरान विरोधी प्रदर्शनों का समर्थन करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोला. उन्होंने ट्रंप को सलाह दी कि वे ईरान के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने के बजाय अपना देश संभालें.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किए गए एक संदेश में, खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति पर अपने घर (अमेरिका) की गंभीर समस्याओं को सुलझाने में विफल रहने और ईरान में अशांति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया. खामेनेई ने लिखा, "संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति ने घोषणा की है कि यदि ईरानी सरकार ने ऐसा या वैसा किया, तो वह दंगाइयों का साथ देंगे. यदि वे इतने ही सक्षम हैं, तो पहले अपने देश को संभालकर दिखाएं."
खामेनेई की यह टिप्पणी तब आई जब ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका ईरानी प्रदर्शनकारियों की "मदद के लिए तैयार" है. दरअसल, ईरान में विरोध प्रदर्शन अब दूसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुके हैं. ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर अपनी पोस्ट में कहा था, "ईरान आजादी की ओर देख रहा है, जैसा शायद पहले कभी नहीं देखा. अमेरिका मदद के लिए तैयार है!!!"
यहां बता दें कि खामेनेई ने अमेरिका में हो रहे विरोध प्रदर्शन पर निशाना साधा है. शनिवार को मिनीपोलिस की सड़कों पर हजारों लोगों ने इस हफ्ते की शुरुआत में एक संघीय आप्रवासन एजेंट द्वारा एक महिला की हत्या के विरोध में मार्च निकाला था. CNN के अनुसार, शनिवार शाम लॉस एंजिल्स के डाउनटाउन में संघीय इमारतों के बाहर प्रदर्शनकारी जमा हुए. मिनेसोटा में एक ICE एजेंट द्वारा महिला की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद, अमेरिका के कई शहरों में लोग आप्रवासन अभियानों के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं.

CNN की रिपोर्ट के अनुसार, अल्मेडा स्ट्रीट पर प्रदर्शनकारियों को उल्टे अमेरिकी झंडे और हाथ से बने 'एंटी-आईसीई' (आप्रवासन विरोधी) पोस्टर लिए हुए देखा गया. पिछले साल जून में भी इसी सड़क पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुई थीं, जब भीड़ आप्रवासन छापों और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 'नेशनल गार्ड' की तैनाती के विरोध में जुटी थी.
ईरान के राष्ट्रपति मसऊद पेजेश्कियन ने अमेरिका और इजरायल पर देश को अस्थिर करने का आरोप लगाया है. अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि वे "दंगों" का आदेश देकर ईरान में "अराजकता और अव्यवस्था फैलाना" चाहते हैं. उन्होंने नागरिकों से "दंगाइयों और आतंकवादियों" से दूरी बनाने का आग्रह किया है.
ईरानी सरकारी मीडिया ने आर्थिक संकट के कारण हो रहे इन प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों के बीच बढ़ती मौतों की खबर दी है. AP की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान में देश भर में हुए विरोध प्रदर्शनों में कम से कम 203 लोग मारे गए हैं. मरने वालों की संख्या इससे कहीं ज़्यादा हो सकती है. सरकारी टेलीविजन ने रविवार को बताया कि हालिया अशांति में इस्फहान प्रांत में 30 और पश्चिमी ईरान के केरमानशाह में 6 पुलिस व सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं. अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी 'तस्नीम' ने देशभर में मारे गए सुरक्षाकर्मियों की कुल संख्या 109 बताई है.
ईरानी सरकारी ब्रॉडकास्टर प्रेस टीवी के अनुसार, इस्फहान के गवर्नर अली अहमदी ने पुष्टि की है कि प्रांत में विदेशी समर्थित अशांति के दौरान 30 सुरक्षाकर्मियों की जान चली गई है. रविवार (11 जनवरी, 2026) को इस मुद्दे पर बात करते हुए अहमदी ने बताया कि मारे गए कर्मियों का अंतिम संस्कार सोमवार को किया जाएगा.
देश के विभिन्न हिस्सों में चिकित्सा और सहायता सुविधाओं (मेडिकल सेंटर्स) को निशाना बनाकर कई हमले किए गए. प्रेस टीवी के अनुसार, उत्तरी प्रांत गिलान में रेड क्रिसेंट के एक स्वयंसेवक की हत्या कर दी गई, जबकि अन्य जगहों पर पांच अन्य कर्मचारी घायल हुए हैं.
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