ईरान का दावा, उसके परमाणु संयंत्र पर हुआ हमला, आईएईए ने दिया ये जवाब
क्या ईरान के परमाणु संयंत्र पर किया गया हमला, क्या इससे रेडिएशन का खतरा बढ़ गया है. पढ़ें पूरी स्टोरी.

Published : March 2, 2026 at 7:04 PM IST
तेहरान : ईरान के अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) में राजदूत ने सोमवार को आरोप लगाया कि अमेरिका और इजराइल के हवाई हमलों में उनके देश के नतान्ज संवर्धन संयंत्र को निशाना बनाया गया था.
उनका यह बयान संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निगरानी निकाय के प्रमुख राफेल ग्रॉसी के आकलन के विपरीत है, जिन्होंने कहा था कि एजेंसी को अभी तक ईरान में परमाणु सुविधाओं पर हमले का कोई संकेत नहीं मिला है.
रूस के अनुरोध पर वियना में आईएईए मुख्यालय में आयोजित बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के विशेष सत्र में पत्रकारों से बात करते हुए रजा नजाफी ने कहा, "उन्होंने कल फिर से ईरान की शांतिपूर्ण और सुरक्षित परमाणु सुविधाओं पर हमला किया. ईरान द्वारा परमाणु हथियार विकसित करने की उनकी दलील सरासर झूठ है."
जब एक पत्रकार ने नजाफी से पूछा कि वे किस परमाणु संयंत्र का जिक्र कर रहे हैं, तो उन्होंने जवाब दिया, "नतान्ज."राजधानी से लगभग 220 किलोमीटर दक्षिण में स्थित नतान्ज संयंत्र, भूमिगत और सतही प्रयोगशालाओं का एक मिश्रित समूह है, जहां ईरान के अधिकांश यूरेनियम संवर्धन का कार्य होता था.
युद्ध से पहले, आईएईए ने कहा था कि ईरान ने वहां उन्नत सेंट्रीफ्यूज का उपयोग करके यूरेनियम को 60 फीसदी तक समृद्ध किया था. हथियार-स्तरीय 90 फीसदी संवर्धन के मुकाबले यह छोटा लेकिन तकनीकी कदम था. माना जाता है कि पिछले जून में जब पूरे परिसर पर हमला हुआ था, तब कुछ सामग्री संयंत्र में ही मौजूद थी.
नतान्ज में स्थित मुख्य भूमि संवर्धन भवन को पायलट ईंधन संवर्धन संयंत्र के नाम से जाना जाता था. इजराइल ने 13 जून को इस भवन पर हमला किया, जिससे यह "पूरी तरह से नष्ट" हो गया और भूमिगत गलियारों को गंभीर नुकसान पहुंचा. यहां कई सेंट्रीफ्यूज मशीनें लगी थीं. आईएईए के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने उस समय यह जानकारी दी थी. 22 जून को अमेरिका द्वारा किए गए एक और हमले में नतान्ज की भूमिगत सुविधाओं पर बंकर-भेदी बम गिराए गए, जिससे संभवतः बचा हुआ हिस्सा भी नष्ट हो गया.
बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के विशेष सत्र को संबोधित करते हुए, आईएईए प्रमुख राफेल मारियानो ग्रॉसी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी को अभी तक इस बात का कोई संकेत नहीं मिला है कि ईरान में स्थित किसी भी परमाणु संयंत्र, जिसमें बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र, तेहरान अनुसंधान रिएक्टर या अन्य परमाणु ईंधन चक्र सुविधाएं शामिल हैं, को नुकसान पहुंचाया गया है या उन पर हमला किया गया है.
उन्होंने आगे कहा कि आईएईए अपने स्वयं के घटना एवं आपातकालीन केंद्र के माध्यम से ईरानी परमाणु नियामक अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास जारी रखे हुए है, लेकिन संघर्ष के कारण संचार में आई बाधाओं को देखते हुए अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है.
ग्रॉसी ने सैन्य संयम बरतने का आग्रह करते हुए चेतावनी दी कि ईरान और क्षेत्र के कई अन्य देश, जिन्हें सैन्य रूप से निशाना बनाया गया है, उनके पास "चालू परमाणु ऊर्जा संयंत्र और परमाणु अनुसंधान रिएक्टर, साथ ही संबंधित ईंधन भंडारण स्थल" हैं, जिससे परमाणु सुरक्षा का खतरा बढ़ जाता है.उन्होंने आगे कहा कि अब तक "ईरान की सीमा से लगे देशों में विकिरण स्तर में सामान्य पृष्ठभूमि स्तर से अधिक वृद्धि नहीं देखी गई है."
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