मिडिल-ईस्ट में कहां-कहां हैं अमेरिकी बेस, जहां पर बैलिस्टिक मिसाइल दाग रहा ईरान
इजराइल और अमेरिकी हमले के बाद ईरान मिडिल-ईस्ट में मौजूद अमेरिका के बेस पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दाग रहा है.

Published : February 28, 2026 at 5:18 PM IST
तेहरान : इजराइल और अमेरिका के द्वारा ईरान पर शनिवार को हमला कर दिया गया. इसके जवाब में ईरान ने अमेरिका के मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी बेस पर मिसाइलों से जोरदार हमला किया. अमेरिकी सैन्य अड्डों पर लड़ाकू विमानों के अलावा टैंकर व मिसाइल डिफेंस सिस्टम भी काफी संख्या में मौजूद हैं. इसको लेकर चीन की सैटेलाइट्स ने इन अमेरिकी बेसों की सैटेलाइट तस्वीरें भी जारी की थीं.
अमेरिका-ईरान के बीच तनाव
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ न्यूक्लियर डील चाहते हैं, लेकिन बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर भी रोक की मांग कर रहे हैं. दूसरी तरफ ईरान ने इससे साफ इनकार कर दिया है. इसी के बाद जंग शुरू हो गई है. बहरीन में अमेरिकी नेवल बेस को ईरान ने निशाना बनाया है. पिछले साल अमेरिका ने ईरान के न्यूक्लियर साइट्स को निशाना बनाया था.
Iran's Revolutionary Guards said it had struck Israeli and US bases with Iranian missiles, and its retaliatory operation would continue until its enemy was 'decisively defeated.' Iran said all US bases, resources and interests in the region are considered legitimate targets,…
— ANI (@ANI) February 28, 2026
मध्य-पूर्व में अमेरिकी बेस कहां-कहां
बहरीन - अमेरिकी नौसेना की फिफ्थ फ्लीट का मुख्यालय बहरीन में है. यह फ्लीट खाड़ी, लाल सागर, अरब सागर और हिंद महासागर के कुछ भागों की जिम्मेदारी संभालती है. समुद्री सुरक्षा के मद्देनजर यह अड्डा अमेरिका के लिए काफी महत्वपूर्ण है.
कतर - कतर की राजधानी दोहा के बाहर रेगिस्तान में अल उदीद एयर बेस 24 हेक्टेयर में फैला हुआ है. यहां पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड का मुख्यालय है. इसके द्वारा मिस्र से कजाकिस्तान तक के बड़े क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य अभियानों को संभाला जाता है. इतना ही नहीं यहां पर करीब 10,000 अमेरिकी सैनिक रहते हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने जनवरी में यहां एक नया कोऑर्डिनेशन सेल खोला, जो क्षेत्रीय वायु और मिसाइल रक्षा को मजबूती प्रदान करेगा.
कुवैत - कुवैत में अमेरिका में कई बड़े सैन्य ठिकाने हैं. कैंप अरिफजन अमेरिकी आर्मी सेंट्रल का हेटक्वार्टर है. वहीं अली अल सलेम एयर बेस इराक की सीमा से करीब 40 किमी दूर है. इसे "द रॉक" के नाम से जाना जाता है क्योंकि यह कठिन इलाके में है. कैंप ब्यूहरिंग 2003 के इराक युद्ध के समय में बनाया गया था. यह इराक व सीरिया में तैनात की जाने वाली अमेरिकी सेना के लिए स्टेजिंग पोस्ट है.
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई)- यूएई की राजधानी अबू धाबी के दक्षिण में अल धफरा एयर बेस है, जो यूएई वायु सेना के साथ साझा है. यह अमेरिकी वायु सेना का अहम केंद्र है, जो आईएसआईएस के विरुद्ध अभियानों और क्षेत्र में जासूसी मिशनों में सहायता करता है. वहीं दुबई का जेबेल अली पोर्ट औपचारिक अड्डा तो नहीं है, लेकिन मध्य पूर्व में अमेरिकी नौसेना का सबसे बड़ा बंदरगाह है. यही वजह है कि यहां पर अमेरिकी विमान वाहक और अन्य जहाज रेगुलर रूप से आते हैं.
इराक- इराक में एन अल असद अमेरिकी एयर बेस है, जो पश्चिमी अनबार प्रांत में है. यह इराकी सुरक्षा बलों को सहयोग प्रदान करता है. साथ ही नाटो मिशन में सहयोग करता है. 2020 में ईरानी जनरल कासेम सुलेमानी की मौत के बदले में ईरान ने यहां पर मिसाइल हमला किया था. वहीं उत्तरी इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में एरबिल एयर बेस है, जो अमेरिकी और गठबंधन बलों के लिए ट्रेनिंग और इंटेलिजेंस शेयरिंग का सेंटर है.
सऊदी अरब- सऊदी अरब में 2024 में 2321 अमेरिकी सैनिक थे. ये सभी सऊदी सरकार के साथ मिलकर काम करते हैं और वायु और मिसाइल रक्षा प्रदान करते हैं. दूसरी तरफ कुछ सैनिक रियाद से 60 किमी दक्षिण में प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर तैनात हैं, जहां पैट्रियट मिसाइल बैटरी और टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस सिस्टम मौजूद हैं.
जॉर्डन- जॉर्डन की राजधानी अम्मान से 100 किमी उत्तर-पूर्व की दिशाम में अज्राक में मुवाफ्फक अल साल्टी अमेरिकी एयर बेस है. यहां अमेरिकी वायु सेना सेंट्रल की 332वहीं एयर एक्सपीडिशनरी विंग है, जो लेवांत क्षेत्र में मिशनों में लगाई गई है.
तुर्की- तुर्की और अमेरिका मिलकर दक्षिणी अदाना प्रांत में इंसिरलिक एयर बेस संचालित करते हैं. यहां अमेरिकी परमाणु हथियार रखे गए हैं. आईएसआईएस के विरुद्ध गठबंधन को सहायता दी जाती है. तुर्की में 1465 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं.
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