अमेरिकी मिसाइल हमले में 7 लोगों के मारे जाने का ईरान का दावा, हूथी विद्रोहियों ने ये दी बड़ी चेतावनी दी
'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि वह ईरान को बातचीत के लिए मजबूर नहीं करना चाहते हैं.

By ANI
Published : September 2, 2026 at 10:04 AM IST
तेहरान: ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार अमेरिका द्वारा ईरान के खुजेस्तान प्रांत में तीन जगहों पर किए गए मिसाइल हमले में सात लोगों की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए.
आईआरएनए की रिपोर्ट के अनुसार खुजेस्तान प्रांत के सुरक्षा और कानून प्रवर्तन विभाग के डिप्टी हेड ने कहा कि इस हमले में सात लोग शहीद हुए और आठ घायल हुए. वहीं, अल जजीरा के अनुसार सना में हौथी-नियंत्रित विदेश मंत्रालय (जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त नहीं है) ने ईरान पर अमेरिकी हमलों को लेकर तेहरान के साथ एकजुटता दिखाई और अमेरिकी सेनाओं को जगह देने वाले देशों को चेतावनी दी कि उन्हें इसके नतीजे भुगतने होंगे.
I’m not trying to force Iran to the bargaining table, as ABC Fake News reported. I couldn’t care less if they sign a worthless, to them, agreement. I like our position now much better, with almost total control of the Hormuz Strait, and their economy totally collapsing. They are… pic.twitter.com/eYp1s424vO
— Commentary Donald J. Trump Truth Social Posts On X (@TrumpTruthOnX) September 2, 2026
हौथी-नियंत्रित सबा समाचार एजेंसी द्वारा जारी एक बयान में मंत्रालय ने कहा कि अमेरिकी हमलों से ईरान का संकल्प कमजोर नहीं होगा और तेहरान की प्रतिक्रिया अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत उसका जायज अधिकार है. अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक मंत्रालय ने अमेरिका पर इस इलाके में तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया और कहा कि इसके नतीजों के लिए वॉशिंगटन और उसका साथ देने वाले देश जिम्मेदार होंगे.
मंत्रालय ने यह भी चेतावनी दी कि जो देश अपने इलाकों का इस्तेमाल अमेरिका को हमले करने के लिए प्लेटफॉर्म के तौर पर करने देंगे, उन्हें 'इसकी कीमत चुकानी होगी.' ये घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आए हैं जब ट्रंप ने अपने हालिया 'ट्रुथ सोशल' पोस्ट में दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का लगभग पूरा नियंत्रण है. साथ ही उन्होंने कहा कि इलाके में बढ़ते तनाव के बीच ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से ढह रही है.
'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि वह ईरान को बातचीत के लिए मजबूर नहीं करना चाहते और उन खबरों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि वह तेहरान को बातचीत की मेज पर वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं.
उन्होंने कहा, 'मैं ईरान को बातचीत की मेज पर लाने के लिए मजबूर नहीं कर रहा हूं, जैसा कि एबीसी फेक न्यूज ने रिपोर्ट किया था. अगर वे कोई ऐसा समझौता करते हैं जो उनके लिए बेकार है, तो मुझे उससे कोई फर्क नहीं पड़ता. मुझे हमारी मौजूदा स्थिति ज़्यादा पसंद है, जिसमें होर्मुज पर लगभग पूरा नियंत्रण है और उनकी अर्थव्यवस्था पूरी तरह से ढह रही है. वे बस उस नतीजे की ओर बढ़ रहे हैं जो तय है.'
ट्रंप ने ईरान के लोगों से अपनी सरकार को चुनौती देने के लिए भी कहा और पूछा, 'ईरान के लोग कब उठ खड़े होंगे और लड़ेंगे?' इस बीच आईआरआईबी के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिमी ईरान के शहरों अहवाज और अघाजारी के पास भी मिसाइल हमले की खबरें मिली है. खुजेस्तान प्रांत के सुरक्षा और कानून प्रवर्तन उप-मंत्री ने बताया कि अहवाज और अघाजारी के आस-पास दो जगहों को मिसाइलों से निशाना बनाया गया.
आईआरआईबी के अनुसार अधिकारी ने कहा, 'अमेरिका के आतंकवादी दुश्मन ने अहवाज और अघाजारी शहरों के आस-पास दो जगहों पर मिसाइल से हमला किया. आगे की जानकारी बाद में दी जाएगी.' अमेरिकी राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका के सेंट्रल कमांड फोर्स ने कहा है कि उसने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमलों का एक दौर पूरा कर लिया है. इन ठिकानों में एयर डिफेंस साइट्स, माइन बिछाने की क्षमताएं और कम्युनिकेशन साइट्स वगैरह शामिल थी.
ईरान की आईआरएनए न्यूज एजेंसी ने दावा किया कि अमेरिकी हमलों के जवाब में आईआरजीसी एयरोस्पेस फोर्स ने जॉर्डन में अमेरिकी प्रिंस हसन एयर बेस के खिलाफ एक बड़ा बैलिस्टिक मिसाइल ऑपरेशन चलाया. इसमें खास तौर पर आरक्यू-4 और एमक्यू-9 यूएवी हैंगर को निशाना बनाया गया. एजेंसी ने यह भी दावा किया कि इन हमलों में कई ड्रोन नष्ट हो गए और कई पायलट व फ्लाइट क्रू सदस्य मारे गए.
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