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PM मोदी-पेजेशकियन की भेंट पर रुबियो बोले- मुझे नहीं लगता कि दोनों देशों के बीच कोई ट्रेड डील हुई

रुबियो की यह टिप्पणी पीएम मोदी और किर्गिस्तान के बिश्केक में 26वें एससीओ समिट के दौरान ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियन की मुलाकात के बाद आई.

Rubio On Modi Pezeshkian Meet
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो (फाइल फोटो ) (ANI)
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By ANI

Published : September 3, 2026 at 7:14 AM IST

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वॉशिंगटन: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि उन्हें नहीं लगता कि अभी इंडिया और ईरान के बीच ट्रेड डील के लिए कोई बातचीत चल रही है. साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि वेस्ट एशिया लड़ाई के बीच अमेरिकी प्रतिबंध से बचने के लिए तेहरान की मदद करने वाले देशों को भी प्रतिबंध का सामना करना पड़ सकता है.

रुबियो की यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और किर्गिस्तान के बिश्केक में 26वें शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) समिट के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की मुलाकात के बाद आई. इस समिट में दोनों नेताओं ने आपसी रिश्तों, व्यापार और पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर चर्चा की.

द ब्रायन किलमीड शो में मंगलवार को ब्रायन किलमीड से बात करते हुए जब उनसे मीटिंग के बारे में और क्या भारत और ईरान किसी तरह की ट्रेड डील कर रहे हैं, इस बारे में पूछा गया, तो रुबियो ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि भारत और ईरान के बीच कोई ट्रेड डील है.'

विदेश मंत्री ने आगे कहा कि देश अपनी फॉरेन पॉलिसी खुद बनाते हैं और कहा कि कई देश ईरानी सरकार के साथ कॉन्टैक्ट बनाए रखते हैं. रुबियो ने कहा, 'जाहिर है, ऐसे देश हैं – सभी देश अपनी फॉरेन पॉलिसी खुद बनाते हैं, और दुनिया भर के कई देश ईरानी सरकार से बात करते हैं.' हालांकि, उन्होंने अमेरिका की इस बात पर जोर दिया कि देशों को बैन से बचने में ईरान की मदद नहीं करनी चाहिए.

रुबियो ने कहा, 'मुझे लगता है कि आखिर में जो होता है, वह यह है और राष्ट्रपति ने बहुत साफ कहा है – कि किसी भी देश को बैन से बचने में ईरान की मदद नहीं करनी चाहिए.' उन्होंने कहा, 'किसी भी देश को उन्हें ऐसे तरीके बनाने में मदद नहीं करनी चाहिए जिससे वे रेवेन्यू कमा सकें और जिसका इस्तेमाल वे आतंकवाद को स्पॉन्सर करने और न्यूक्लियर हथियार बनाने की कोशिश में करेंगे.' रुबियो ने चेतावनी दी कि ऐसे तरीकों को बढ़ावा देने वाले देशों को खुद अमेरिकी बैन का सामना करना पड़ सकता है.

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, 'अगर देश ऐसा करने का फैसला करते हैं, तो हमें भी उन पर बैन लगाना होगा.' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियन के साथ अपनी मीटिंग में तेहरान के साथ अपनी पुरानी दोस्ती को मजबूत करने के भारत के कमिटमेंट को दोहराया और कहा कि नई दिल्ली बाइलेटरल ट्रेड को बढ़ाना और उसमें डाइवर्सिटी लाना चाहता है.'

मीट के बाद एक्स पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा, 'बिश्केक में प्रेसिडेंट मसूद पेजेशकियन से मिले. अलग-अलग सेक्टर में ईरान के साथ भारत की पुरानी दोस्ती को मजबूत करने के अपने कमिटमेंट को दोहराया. हम आने वाले समय में अपने ट्रेड बास्केट को बढ़ाना और उसमें डाइवर्सिटी लाना चाहते हैं.'

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि दोनों नेताओं ने इलाके के मौजूदा हालात पर चर्चा की और पक्की शांति पक्का करने की कोशिशों के लिए भारत के समर्थन को दोहराया. विदेश मंत्रालय ने कहा कि मीटिंग काम की रही, जिसमें दोनों नेताओं ने बाइलेटरल रिश्तों और वेस्ट एशिया में हाल के डेवलपमेंट्स का रिव्यू किया.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पीएम मोदी ने भारत की इस बात को दोहराया कि इस इलाके के मसलों को बातचीत और डिप्लोमेसी से सुलझाया जाना चाहिए और शांति और स्टेबिलिटी पक्का करने के लिए लगातार कोशिशों की जरूरत पर जोर दिया.

जायसवाल ने कहा, 'प्रधानमंत्री ने इस इलाके में शांति और स्टेबिलिटी पक्का करने और नेविगेशन और कॉमर्स की आज़ादी को सुरक्षित रखने के लिए लगातार कोशिशों की ज़रूरत पर भी जोर दिया.' चर्चा में पश्चिम एशिया में चल रहे झगड़े के बीच कमर्शियल शिपिंग की सुरक्षा और नाविकों और आम लोगों की सुरक्षा पर भी फोकस किया गया.

पीएम मोदी ने ब्रिक्स और एससीओ समिट मल्टीलेटरल ऑर्गनाइज़ेशन में ईरान के साथ मिलकर काम करने के लिए भारत की तैयारी को भी दोहराया, और कहा कि वह 12 से 13 सितंबर तक नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स समिट के लिए पेजेशकियन का भारत में स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं. ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और दूसरे सीनियर ईरानी डेलीगेट्स भी बाइलेटरल मीटिंग के दौरान मौजूद थे.

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