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नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1127 हुई: पुलिस

नेपाल के अहम हाइड्रोपावर साइट्स पर नेपाली सेना के साथ-साथ भारत और चीन की खास इंटरनेशनल टनल रेस्क्यू टीम को भी तैनात किया गया है.

Nepal flash floods
नेपाल के धाडिंग में आई विनाशकारी बाढ़ के कारण श्री बागेश्वरी माध्यमिक स्कूल गाद और मलबे से पूरी तरह ढक गया (ANI)
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By ANI

Published : September 2, 2026 at 10:57 AM IST

2 Min Read
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काठमांडू: नेपाल पुलिस के अनुसार बुधवार को नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,127 हो गई. नेपाल पुलिस के अनुसार कुल 45 शव रासुवा से, 155 नुवाकोट से, 59 धाडिंग से, 348 चितवन से, 66 गोरखा से, 38 तनाहुन से, 217 नवलपरासी ईस्ट से और 190 नवलपरासी वेस्ट से बरामद किए गए हैं.

नेपाल पुलिस ने यह भी बताया कि भारत में नौ शव बरामद किए गए हैं. बरामद किए गए शवों में से अब तक केवल 95 शवों की पहचान के बाद उन्हें उनके परिवारों को सौंपा गया है. इससे एक दिन पहले नेपाल के प्रधानमंत्री बालेनद्र शाह ने फेसबुक पोस्ट में कहा था कि बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों और जिनकी पहचान नहीं हो पाई है, उनके शवों का प्रबंधन कानून के अनुसार और वैज्ञानिक प्रक्रियाओं के माध्यम से किया जा रहा है.

उन्होंने कहा, 'सरकार सिर्फ उन शवों को संभाल रही है जिनकी पहचान नहीं हो पाई है, साथ ही वह डीएनए सैंपल और दूसरे सबूत भी सुरक्षित रख रही है जिनसे उनकी पहचान में मदद मिल सके.' नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और नेपाल की आर्म्ड पुलिस फ़ोर्स की मदद से शवों को संभाला जा रहा है. पहचान हो चुके शव उनके परिवारों को सौंपे जा रहे हैं.'

इसके अलावा, नेपाल के विदेश मंत्रालय ने घोषणा की कि भोटे कोशी नदी में आई भयानक बाढ़ के बाद, अहम हाइड्रोपावर साइट्स पर नेपाली सेना के साथ-साथ भारत और चीन की खास इंटरनेशनल टनल रेस्क्यू टीम को भी तैनात किया गया है.

काठमांडू में मंत्रालय की चौथी आधिकारिक प्रेस ब्रीफिंग में प्रवक्ता और पब्लिक डिप्लोमेसी डिवीजन के प्रमुख लोक बहादुर छेत्री ने बताया कि जमीन के नीचे जोखिम भरे ऑपरेशन को संभालने के लिए खास अंतरराष्ट्रीय तकनीकी विशेषज्ञता का इस्तेमाल किया जा रहा है.

छेत्री ने कहा, 'जैसा कि हमने पहले ही बताया है, हमारी तत्काल राष्ट्रीय प्राथमिकता स्पष्ट है, लोगों की जान बचाना, लापता लोगों का पता लगाना, बचे हुए लोगों को बचाना, तुरंत राहत पहुंचाना और यह सुनिश्चित करना कि प्रभावित सभी लोगों को चाहे वे नेपाली हों या विदेशी नागरिक उचित सहायता और समर्थन मिले.'

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