बांग्लादेश की अदालत का बड़ा फैसलाः अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को फांसी की सजा
बांग्लादेश में पिछले वर्ष छात्रों के नेतृत्व में हुए आंदोलन पर घातक कार्रवाई का आदेश देने को लेकर शेख हसीना को दोषी पाया गया.


Published : November 17, 2025 at 2:19 PM IST
ढाकाः बांग्लादेश की एक अदालत ने सोमवार को अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को फांसी की सजा सुनायी है. उन्हें मानवता के विरुद्ध अपराध का दोषी ठहराया गया था. न्यायाधिकरण ने इस मामले में पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान को भी मौत की सजा सुनाई, जबकि तीसरे संदिग्ध-एक पूर्व पुलिस प्रमुख को पांच साल की जेल की सजा सुनाई गई क्योंकि वह हसीना के खिलाफ सरकारी गवाह बन गया और उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया.
राजधानी ढाका स्थित न्यायाधिकरण द्वारा फैसले पर चर्चा का सीधा प्रसारण किया गया. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, महीनों तक चले मुकदमे में उन्हें पिछले वर्ष छात्रों के नेतृत्व में हुए विद्रोह पर घातक कार्रवाई का आदेश देने का दोषी पाया गया.
Bangladesh's special tribunal sentences deposed prime minister Sheikh Hasina to death for crimes against humanity
— Press Trust of India (@PTI_News) November 17, 2025
न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार 78 वर्षीय हसीना, को अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT-BD) ने यह सजा सुनाई. उन्हें पहले अदालत ने भगोड़ा घोषित किया था. ढाका में कड़ी सुरक्षा वाली अदालत में फैसला पढ़ते हुए, न्यायाधिकरण ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने बिना किसी संदेह के यह साबित कर दिया है कि पिछले साल 15 जुलाई से 15 अगस्त के बीच छात्रों के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों पर घातक कार्रवाई के पीछे हसीना का हाथ था.
हसीना को निहत्थे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ घातक बल प्रयोग का आदेश देने, भड़काऊ बयान देने और ढाका तथा आसपास के क्षेत्रों में कई छात्रों की हत्या के लिए कार्रवाई को अधिकृत करने के लिए मौत की सजा दी गई.
अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना, पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल और पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून पर भेदभाव-विरोधी छात्र आंदोलन के बाद जुलाई-अगस्त में हुई अशांति के दौरान मानवता के विरुद्ध अपराध करने का आरोप लगाने वाले मामले में फैसले की घोषणा से पहले अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी.
#WATCH | Dhaka, Bangladesh | Security heightened outside the International Crimes Tribunal (ICT) ahead of the announcement of the verdict in the case accusing ousted Prime Minister Sheikh Hasina, former home minister Asaduzzaman Khan Kamal, and former Inspector General of Police… pic.twitter.com/JlE4hkZF0K
— ANI (@ANI) November 17, 2025
फैसले से पहले बांग्लादेश में स्थिति तनावपूर्ण हो गई है. शेख हसीना की बांग्लादेश अवामी लीग ने रविवार सुबह से पूरे देश में दो दिन के बंद की घोषणा की थी. इससे सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा. राजधानी ढाका में यातायात अपेक्षाकृत कम रहा है, जबकि कुछ इलाकों में पटाखों के फटने की भी खबरें आई.
बता दें कि जुलाई 2024 में छात्रों के नेतृत्व में हुए विद्रोह ने शेख हसीना की सरकार को गिरा दिया. 5 अगस्त, 2024 को वह भागकर भारत आ गईं और मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार का गठन हुआ. संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार जुलाई के विरोध प्रदर्शनों के दौरान लगभग 1,400 लोग मारे गए थे.
शेख हसीना प्रशासन ने पाकिस्तान के खिलाफ बांग्लादेश के 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान किए गए मानवता के विरुद्ध अपराधों पर मुकदमा चलाने के लिए अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण की स्थापना की थी. इस न्यायाधिकरण ने पहले हसीना के कार्यकाल के दौरान युद्ध अपराधों के आरोपी जमात-ए-इस्लामी के कई नेताओं पर मुकदमा चलाया था.
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