अफगानिस्तान ने दिया जवाब, 'पाकिस्तान के सैन्य शिविर पर सीधा हमला, निशाने पर कमान सेंटर'
अफगानिस्तान ने पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं. इसमें उनके कई सैनिक मारे गए हैं.

Published : February 27, 2026 at 5:58 PM IST
काबुल/इस्लामाबाद : पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात हैं. दोनों देशों ने एक दूसरे पर हमला किया है. दोनों ने सैनिकों के मारे जाने के आंकड़े भी जारी किए हैं.
अफगानिस्तान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने पोस्ट किया, "आज सुबह लगभग 11:00 बजे, राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय की वायु सेना ने इस्लामाबाद के फैजाबाद के पास एक सैन्य शिविर और नौशेरा में एक सैन्य अड्डे को निशाना बनाते हुए समन्वित हवाई हमले किए."
अफगानिस्तान सेना ने अपने बयान में कहा कि कल रात पाकिस्तानी सेना द्वारा काबुल, कंधार और पक्तिया में हवाई घुसपैठ की गई थी, इसलिए उसका जवाब दिया गया. बयान में कहा गया है कि जमरुद में सैन्य ठिकानों और एबटाबाद में अन्य स्थानों पर हवाई अभियान चलाया गया. इस अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया और इसमें प्रमुख पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों, कमान केंद्रों और रणनीतिक सुविधाओं को निशाना बनाया गया. ये हमले जवाब में किए गए थे.

टोलो न्यूज के अनुसार, अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि डूरंड लाइन पर अफगान बलों की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी सैन्य शासन के 55 सैनिक मारे गए. बयान में यह भी कहा गया कि इन अभियानों के दौरान अफगान बलों ने सैन्य शासन के दो मुख्यालय और 19 चौकियों पर कब्जा कर लिया. उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने मौजूदा स्थिति पर विचार-विमर्श करने के लिए अपने तुर्की और सऊदी समकक्षों से टेलीफोन पर बातचीत की.
अफगानिस्तान के विदेश कार्यालय ने बताया कि तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान के साथ बातचीत के दौरान, डार ने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की बिना उकसावे वाली आक्रामकता का मुंहतोड़ जवाब दिया है. विदेश कार्यालय ने आगे कहा, "दोनों नेताओं ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता के महत्व पर बल दिया और उभरते घटनाक्रमों पर निकट रूप से नजर रखने पर सहमति व्यक्त की."
दूसरी ओर पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि हमारा सब्र टूट गया है और हम अब अफगानिस्तान के साथ "खुले युद्ध" में हैं. पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसकी सेना ने काबुल, कंधार और पक्तिया में हवाई हमलों में 130 से अधिक तालिबान लड़ाकों को मार गिराया. ये हमले इस्लामाबाद द्वारा अफगान तालिबान के सीमा पार हमले के जवाब में किए गए थे.

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच 2,611 किलोमीटर लंबी सीमा को डूरंड रेखा के नाम से जाना जाता है. इसे काबुल ने औपचारिक रूप से मान्यता नहीं दी है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक पोस्ट में कहा, "हमारा सब्र खत्म हो गया है. अब हमारे बीच खुला युद्ध छिड़ गया है. अब 'दमा दम मस्त कलंदर' होगा. पाकिस्तानी सेना समुद्र पार से नहीं आई है. हम आपके पड़ोसी हैं. हम आपकी हर छोटी-बड़ी बात जानते हैं."
उनकी ये टिप्पणी पाकिस्तानी सेना द्वारा गुरुवार देर रात 'ऑपरेशन गजब-ल-हक' के तहत अफगानिस्तान में कई स्थानों पर हमले करने के कुछ घंटों बाद आई है. पाकिस्तानी सेना का दावा है कि ये हमले सीमा पार से हुई "बिना उकसावे वाली गोलीबारी" के जवाब में किए गए थे.
इस युद्ध को लेकर रूस और चीन दोनों ने अपने-अपने बयान जारी किए हैं. दोनों ने शांति बरतने की अपील की है. पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सशस्त्र संघर्ष बढ़ने के बीच, रूस ने शुक्रवार को दोनों देशों से टकराव समाप्त करने और अपने मतभेदों को राजनयिक माध्यमों से सुलझाने का आग्रह किया.
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने एक बयान में कहा, "दोनों ओर लोग हताहत हुए हैं, जिनमें नागरिक भी शामिल हैं. हम अपने मित्र देशों, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से इस खतरनाक टकराव को रोकने और सभी मतभेदों को राजनीतिक और राजनयिक माध्यमों से सुलझाने के लिए बातचीत की मेज पर लौटने का आह्वान करते हैं."
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