दोहा वार्ता से पहले अफगान सीमा के पास आत्मघाती हमला, सात पाकिस्तानी सैनिकों की मौत
आतंकवादी हमलों के चलचे लंबे समय से अफगान तालिबान के साथ पाकिस्तान के संबंधों को तनावपूर्ण बने हुए हैं.

Published : October 17, 2025 at 4:11 PM IST
|Updated : October 17, 2025 at 4:43 PM IST
इस्लामाबाद: पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को उत्तरी वजीरिस्तान स्थित एक सैन्य शिविर पर हुए 'कोर्डिनेटेड सुसाइड अटैक' में सात पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और 13 अन्य घायल हो गए. यह हमला इस्लामाबाद और काबुल के बीच दोहा में होने वाली शांति वार्ता से कुछ घंटे पहले हुआ है.
अधिकारियों के अनुसार एक आतंकवादी ने विस्फोटकों से लदे वाहन को मीर अली स्थित खादी सैन्य शिविर की चारदीवारी से टकरा दिया और दो अन्य हमलावरों ने शिविर पर धावा बोलने की कोशिश की, लेकिन उन्हें गोली मार दी गई. तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा है कि उसकी खालिद बिन वलीद आत्मघाती यूनिट और तहरीक तालिबान गुलबहादर ने हमलों को अंजाम दिया.
स्थानीय सूत्रों ने बताया कि इलाके में भीषण झड़पों के बीच पाकिस्तानी सेना ने हमलावर हेलीकॉप्टर तैनात किए. अधिकारियों ने इस हमले को हाल के महीनों में उत्तरी वजीरिस्तान में हुए सबसे गंभीर आतंकवादी हमलों में से एक बताया.
बाजौर के मामुंड तांगी शाह में भी धमाका
एक अलग घटना में बाजौर के मामुंड तांगी शाह इलाके में एक शक्तिशाली विस्फोट हुआ, जो कथित तौर पर सड़क किनारे खड़े विस्फोटकों से लदे एक वाहन से हुआ. इस धमाके में किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है और सुरक्षा बलों ने आतंकवादी गतिविधि से संभावित संबंधों की जांच के लिए घटनास्थल की घेराबंदी कर दी है.
ये हमले पिछले हफ़्ते काबुल पर पाकिस्तानी हवाई हमले के बाद पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुए हैं. दोनों देशों ने 48 घंटे के अस्थायी युद्धविराम पर सहमत होने से पहले एक-दूसरे को भारी नुकसान पहुंचाने का दावा किया था.
अफगान तालिबान के साथ पाकिस्तान के संबंध तनावपूर्ण
आतंकवादी हमलों ने लंबे समय से अफगान तालिबान के साथ पाकिस्तान के संबंधों को तनावपूर्ण बना रखा है, जिसने 2021 में अमेरिकी नेतृत्व वाली सेनाओं की वापसी के बाद काबुल पर फिर से नियंत्रण हासिल कर लिया था. ताजा तनाव तब और बढ़ गया जब इस्लामाबाद ने अफगान धरती से सीमा पार हमले शुरू करने वाले आतंकवादियों पर लगाम लगाने के लिए काबुल पर दबाव डाला.
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ बातचीत के लिए तैयार
इससे पहले गुरुवार को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि बार-बार आतंकवादी हमलों को लेकर अफगानिस्तान के साथ धैर्य खोने के बाद इस्लामाबाद ने 'जवाबी कार्रवाई' की, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि वह तनाव को कम करने के लिए बातचीत के लिए तैयार हैं.
हालांकि, तालिबान ने शरीफ के आरोपों को खारिज कर दिया और पाकिस्तानी सेना पर गलत जानकारी फैलाने, सीमा पर तनाव बढ़ाने और अफगानिस्तान को अस्थिर करने के लिए आईएसआईएस से जुड़े आतंकवादियों को पनाह देने का आरोप लगाया.
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