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ये हो सकते हैं किडनी कैंसर के शुरुआती लक्षण, जानिए किन लोगों को रेगुलर करवाना चाहिए चेक-अप

भारत में हर साल किडनी कैंसर के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, विशेषज्ञों का कहना है कि साल 2040 तक यह बहुत...

Learn in detail about the warning signs, symptoms, types, and risk factors of kidney cancer.
ये हो सकते हैं किडनी कैंसर के शुरुआती लक्षण, जानिए किन लोगों को रेगुलर करवाना चाहिए चेक-अप (GETTY IMAGES)
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By ETV Bharat Health Team

Published : June 18, 2026 at 5:48 PM IST

5 Min Read
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कभी कैंसर को बुढ़ापे की बीमारी माना जाता था. लेकिन आज, 20, 30 और 40 की उम्र वाले ज्यादा से ज्यादा भारतीय इस गंभीर बीमारी की चपेट में आ रहे हैं. किडनी कैंसर भी ऐसी ही एक बीमारी है. जानकारों का कहना है कि किडनी कैंसर इस बीमारी का बहुत ही गंभीर और खतरनाक रूप है. इसमें किडनी में सेल्स (कोशिकाओं) की असामान्य बढ़ोतरी होती है और इसके मामलों की संख्या हर साल बढ़ती हुई दिख रही है.

नेशनल किडनी फाउंडेशन का कहना है कि किडनी इंसान के शरीर का एक जरूरी अंग है. ये लगातार खून को साफ करती हैं, वेस्ट प्रोडक्ट्स को फfल्टर करती हैं, और उन्हें यूरिन के जरिए शरीर से बाहर निकालती हैं. इसलिए, किडनी में छोटी सी भी समस्या गंभीर दिक्कतें पैदा कर सकती है. किडनी कैंसर एक बड़ी हेल्थ प्रॉब्लम है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसके असरदार इलाज के लिए शुरुआती स्टेज में ही इसका पता लगाना बहुत जरूरी है. हेल्थ एक्सपर्ट्स चेतावनी देते हैं कि कुछ खास लक्षणों का दिखना किडनी कैंसर का संकेत हो सकता है. आइए, इस खबर में इसके बारे में विस्तार जानें...

किडनी कैंसर के लक्षण
दिल्ली के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. तुषार आदित्य नारायण का कहना है कि किडनी कैंसर के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. वे सलाह देते हैं कि अगर आपको नीचे दिए गए लक्षणों में से कोई भी लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना सबसे अच्छा है. इनमें से कुछ लक्षण इस प्रकार हैं...

  • पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द (कमर में दर्द)
  • कमर के निचले हिस्से में दर्द (केवल एक तरफ)
  • पेशाब में खून आना (हेमट्यूरिया)
  • बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन कम होना
  • हाई ब्लड प्रेशर
  • हड्डी में दर्द
  • बुखार
  • भूख में कमी

डॉ. तुषार आदित्य नारायण का कहना है कि ये सभी किडनी कैंसर के आम लक्षण हैं. 2021 में नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन जर्नल में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, जिन लोगों के यूरिन में खून आता है, उनमें किडनी कैंसर होने की संभावना 50 फीसदी ज्यादा होती है. हालांकि, कई लोगों को शुरुआती स्टेज में ये लक्षण महसूस नहीं होते हैं. इसलिए, डॉक्टर सलाह देते हैं कि इन लक्षणों का जल्दी पता लगाने के लिए रेगुलर हेल्थ चेक-अप जरूरी है, खासकर स्मोकिंग करने वालों और 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए.

किडनी कैंसर के प्रकार
रीनल सेल कार्सिनोमा (RCC)- यह वयस्कों में होने वाला सबसे आम प्रकार है, जो सभी मामलों का लगभग 85 फीसदी से 90 फीसदी होता है. इसके सब-टाइप में क्लियर सेल, पैपिलरी और क्रोमोफोब कार्सिनोमा शामिल हैं.

  • ट्रांजिशनल सेल कार्सिनोमा: यह वहां शुरू होता है जहां किडनी यूरेटर (रीनल पेल्विस) से जुड़ती है.
  • विल्म्स ट्यूमर: यह छोटे बच्चों में पाया जाने वाला किडनी कैंसर का सबसे आम प्रकार है.
  • रीनल सारकोमा: यह एक दुर्लभ प्रकार है जो किडनी के कनेक्टिव टिश्यू या रक्त वाहिकाओं में विकसित होता है.

रिस्क फैक्टर्स
हालांकि सही कारण हमेशा साफ नहीं होता, लेकिन कई फैक्टर्स इस बीमारी के होने का रिस्क बढ़ा सकते हैं, जैसे कि...

  • स्मोकिंग: तंबाकू का इस्तेमाल किडनी सेल्स को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाता है और यह सबसे बड़े रिस्क फैक्टर्स में से एक है.
  • मोटापा: हाई बॉडी मास इंडेक्स किडनी कैंसर से मजबूती से जुड़ा है.
  • हाई ब्लड प्रेशर: हाइपरटेंशन किडनी सिस्टम पर दबाव डालता है.
  • जेनेटिक्स: इनहेरिटेड जेनेटिक सिंड्रोम (जैसे वॉन हिप्पेल-लिंडाऊ बीमारी) लगभग 5 फीसदी से 10 फीसदी मामलों में होते हैं.
  • लंबे समय तक डायलिसिस: किडनी सपोर्ट के लिए लंबे समय तक इस्तेमाल करने से किडनी की बीमारी बढ़ सकती है.

जांच: विशेषज्ञों का कहना है कि किडनी कैंसर का पता CT स्कैन, पेट की जांच, CBC, किडनी अल्ट्रासाउंड, यूरिन टेस्ट और बायोप्सी जैसे टेस्ट से लगाया जा सकता है.

इलाज के विकल्प: विशेषज्ञों का मानना ​​है कि किडनी कैंसर का असरदार इलाज बीमारी की स्टेज पर निर्भर करता है. इसके अलावा, ट्यूमर की स्टेज और ग्रेड, साथ ही मरीज की उम्र और सामान्य सेहत भी इलाज में अहम भूमिका निभाते हैं. इसीलिए बीमारी का शुरुआती दौर में पता चलना बहुत जरूरी है. विशेषज्ञों का कहना है कि बीमारी की गंभीरता के आधार पर इलाज के कई विकल्प मौजूद हैं, जिनमें सर्जरी से लेकर कीमोथेरेपी तक शामिल हैं.

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी हेल्थ जानकारी और सुझाव सिर्फ आपकी समझ के लिए हैं. यह जानकारी साइंटिफिक रिसर्च, स्टडीज और मेडिकल और हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह के आधार पर दी जा रही है. हालांकि, इन टिप्स को फॉलो करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लेना सबसे अच्छा है.

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