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आपका दिल हेल्दी और मजबूत है या नहीं? इस आसान टेस्ट से घर पर ही मुफ्त में करें पता

55-85 BPM की रेंज को एक हेल्दी दिल के लिए अच्छा माना जाता है. मतलब है कि दिल ज्यादा कुशलता से काम कर रहा है...

Without expensive tests, find out at home whether your heart is strong and healthy or not?
आपका दिल हेल्दी और मजबूत है या नहीं? इस आसान टेस्ट से घर पर ही मुफ्त में करें पता (GETTY IMAGES)
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By ETV Bharat Health Team

Published : January 7, 2026 at 12:48 PM IST

5 Min Read
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दिल इंसान के शरीर का सबसे जरूरी अंग है. इसमें कोई शक नहीं है. दिल का मुख्य काम पूरे शरीर में खून पंप करना है. यह सेल्स तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व पहुंचाने और कार्बन डाइऑक्साइड जैसे बेकार पदार्थों को वापस फेफड़ों तक भेजने में अहम भूमिका निभाता है. यह एक ऐसा अंग है जो लगातार काम करता रहता है. हालांकि, हाल के दिनों में दिल की बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. युवाओं में हार्ट अटैक से होने वाली मौतों की दर दिन-ब-दिन बढ़ रही है. कई लोग नाचते, गाते और यहां तक ​​कि चलते-फिरते भी हार्ट अटैक से अपनी जान गंवा रहे हैं. इसीलिए दिल की सेहत का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.

आजकल, कार्डियोलॉजिस्ट सोशल मीडिया पर दिल की देखभाल के बारे में जागरूकता फैला रहे हैं. इसी सिलसिले में, अशलोक हॉस्पिटल में 40 सालों से काम कर रहे सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आलोक चोपड़ा ने इस टॉपिक पर इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है. उनके मुताबिक, अपने दिल की मजबूती को समझने के लिए सिर्फ एक चीज जरूरी है. डॉक्टर ने दिल की मजबूती का पता लगाने का एक आसान तरीका बताया है. आइए जानते हैं कि वह तरीका क्या है.

कई टेस्ट की जरूरत नहीं!
बहुत से लोग अपने दिल की सेहत जानने के लिए कई तरह के टेस्ट करवाते हैं. कुछ लोग अपना कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर चेक करवाते हैं. कुछ लोग ECG और ट्रेडमिल टेस्ट से अपने दिल की सेहत का पता लगाते हैं. लेकिन डॉ. आलोक चोपड़ा के अनुसार, दिल की सेहत का पता सिर्फ रेस्टिंग हार्ट रेट चेक करके लगाया जा सकता है.

रेस्टिंग हार्ट रेट क्या है?
रेस्टिंग हार्ट रेट (RHR) वह हृदय गति है जब आप आराम कर रहे होते हैं, तब आपका दिल एक मिनट में कितनी बार धड़कता है. डॉक्टर बताते हैं कि यह दिल की सेहत का पता लगाने का सबसे आसान और सबसे अच्छा तरीका है.

सेफ हार्ट रेट क्या है?
डॉ. आलोक चोपड़ा का कहना है कि किसी भी एडल्ट के लिए हेल्दी हार्ट रेट आइडियली 60-80 बीट्स प्रति मिनट होता है. जो लोग रेगुलर एक्सरसाइज करते हैं या एथलीट हैं, उनका हार्ट रेट 40-50 बीट्स प्रति मिनट के आसपास हो सकता है. आसान शब्दों में, एक सुस्त इंसान का दिल शरीर में खून सर्कुलेट करने के लिए एक निश्चित मात्रा में खून को लगभग 70 बार पंप करता है. हालांकि, जो लोग एक्सरसाइज करते हैं या फिजिकल एक्टिविटी करते हैं, उनका दिल उतनी ही मात्रा में खून को सिर्फ 40-50 बीट्स में पंप करता है. इसका मतलब है कि दिल ज्यादा कुशलता से काम कर रहा है. इससे हम अपने दिल की सेहत और मजबूती का अंदाजा लगा सकते हैं.

इसका मतलब है कि जो लोग इनएक्टिव रहते हैं, उनके दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. इसी तरह, जो लोग फिटनेस को लेकर जागरूक होते हैं, उनके दिल को कम मेहनत करनी पड़ती है. इसीलिए उनके दिल ज्यादा मजबूत होते हैं.

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आपका दिल हेल्दी और मजबूत है या नहीं? इस आसान टेस्ट से घर पर ही मुफ्त में करें पता (GETTY IMAGES)

रेस्टिंग हार्ट रेट बढ़ने के कारण

आपका रेस्टिंग हार्ट रेट ज्यादा नहीं होना चाहिए: अगर यह ज्यादा है, तो इसका मतलब है कि आप अपने दिल का ठीक से ख्याल नहीं रख रहे हैं. डॉ. आलोक चोपड़ा हाई रेस्टिंग हार्ट रेट के कारण बताते हैं.

खराब नीद की क्वालिटी: आजकल बहुत से लोग नींद न आने की समस्या से परेशान हैं. इससे दिल से जुड़ी कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए, स्वस्थ दिल के लिए पर्याप्त नींद लेना बहुत जरूरी है.

डिहाइड्रेशन: स्वस्थ शरीर के लिए पानी पीना उतना ही जरूरी है जितना खाना. अगर शरीर को पर्याप्त पानी नहीं मिलता है, तो कई समस्याएं हो सकती हैं. इससे दिल को भी नुकसान हो सकता है.

क्रोनिक स्ट्रेस: ​​आजकल लोग अपनी लाइफस्टाइल की वजह से तनाव में रहते हैं. डॉक्टर कहते हैं कि तनाव से रेस्टिंग हार्ट रेट बढ़ सकता है.

ज्यादा चाय या कॉफी पीना: कुछ लोगों को बहुत ज्यादा चाय या कॉफी पीने की आदत होती है. वे दिन में 5 या 6 बार चाय या कॉफी पीते हैं. डॉक्टर कहते हैं कि ऐसे लोगों का रेस्टिंग हार्ट रेट भी ज्यादा होता है.

स्वास्थ्य समस्याएं: डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारी से पीड़ित लोगों का भी रेस्टिंग हार्ट रेट ज्यादा होता है.

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और सलाह सिर्फ आपकी समझ के लिए है. यह जानकारी वैज्ञानिक रिसर्च, स्टडीज और मेडिकल और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह पर आधारित है. इन गाइडलाइंस को फॉलो करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेना सबसे अच्छा है.)

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