बंद कमरे में हीटर या ब्लोअर चलाकर सोते हैं आप तो हो जाइए सावधान! थोड़ी सी लापरवाही ले लेगी आपकी जान
डॉक्टर चेतावनी देते हैं कि पूरी रात हीटर चालू रखने से न सिर्फ नींद न आने, सूखी त्वचा और एलर्जी की समस्या हो सकती है.

Published : December 20, 2025 at 5:42 PM IST
सर्दियों के महीनों में कई लोग गर्म रहने के आसान तरीके के तौर पर अपने कमरों में हीटर का इस्तेमाल करते हैं. हालांकि हम अपनी आराम और सुविधा के लिए हीटर का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन उन्हें सही तरीके से इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है. तो, क्या आप जानते हैं कि रूम हीटर आपकी सेहत के लिए अच्छे हैं या बुरे? क्या आपको पता है कि अगर इन्हें सही तरीके से इस्तेमाल न किया जाए तो ये कितना नुकसान पहुंचा सकते हैं? अगर नहीं, तो जानने के लिए आगे पढ़ें...
हीटर का इस्तेमाल खतरनाक क्यों है?
CDC के मुताबिक, आजकल बहुत ज्यादा ठंड है. ज्यादातर शहरों में रहने वाले लोग अपने कमरों को गर्म रखने के लिए रूम हीटर का इस्तेमाल करते हैं. वे गर्मी बनाए रखने के लिए खिड़कियों और दरवाजों को भी पूरी तरह से बंद कर देते हैं, जो काफी खतरनाक हो सकता है. इससे आग लगने का खतरा बढ़ जाता है और कमरे में बहुत ज्यादा कार्बन मोनोऑक्साइड गैस जमा हो सकती है.
यह जानना जरूरी है कि यह गैस इतनी खतरनाक है कि इससे मौत भी हो सकती है. इससे खून के थक्के जमने और ब्रेन हेमरेज जैसी समस्याएं हो सकती हैं. आप सोते समय दम घुटने से मर सकते हैं. रूम हीटर के ज्यादा इस्तेमाल से आपके कमरे में ऑक्सीजन का लेवल कम हो जाता है. इसी वजह से सांस लेते समय हमारे दिमाग को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है.
आंखों में जलन: हीटर इस्तेमाल करने से आपके कमरे की हवा सूख सकती है. सर्दियों में, हवा में पहले से ही नमी कम होती है, और रूम हीटर इस्तेमाल करने से यह और भी ज्यादा सूख जाती है. इससे आंखें सूख सकती हैं, जिससे जलन, खुजली और लालिमा हो सकती है. इस सूखेपन की भरपाई के लिए, आपकी आंखों से बहुत ज्यादा पानी आ सकता है, जो काफी परेशान करने वाला हो सकता है.
स्किन जलने का खतरा: बहुत से लोग रात में हीटर के पास सोते हैं, लेकिन यह बहुत खतरनाक हो सकता है. आग लगने का खतरा काफी बढ़ जाता है, खासकर अगर हीटर के पास कोई चीज़ या कपड़े रखे हों. इसके अलावा, हीटर की तेज गर्मी के लगातार संपर्क में रहने से स्किन जल सकती है.
कार्बन मोनोऑक्साइड का हाई लेवल: नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक, हीटर, खासकर गैस हीटर, कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) गैस छोड़ सकते हैं. कार्बन मोनोऑक्साइड रेड ब्लड सेल्स पर असर डालती है जो पूरे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाती हैं. यह एक रंगहीन और गंधहीन गैस है, जो कार्बन डाइऑक्साइड से भी ज्यादा खतरनाक है. यह गैस शरीर में ऑक्सीजन की कमी कर सकती है, जिससे सिरदर्द, चक्कर आना, सांस लेने में दिक्कत और यहां तक कि मौत भी हो सकती है.
बच्चों को खतरा: गर्म हवा ड्राइनेस की समस्या को और बढ़ा सकती है, खासकर बच्चों में. ऐसी स्थितियों में, ठंड से बचने के लिए पहने गए ऊनी कपड़े भी खुजली बढ़ा सकते हैं.
एलर्जी: रूम हीटर का इस्तेमाल करने से कभी-कभी एलर्जी हो सकती है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कमरे में हीटर चलाने से हवा में धूल और एलर्जी फैलाने वाले कण फैल सकते हैं, जो आपके शरीर में जाकर एलर्जिक रिएक्शन पैदा कर सकते हैं. यह अस्थमा और ब्रोंकाइटिस वाले लोगों के लिए खासकर खतरनाक हो सकता है.
सूखी हवा: हीटर से गर्म होने वाली हवा अक्सर सूखी होती है, जो त्वचा और सांस की नली के लिए नुकसानदायक हो सकती है. सूखी हवा से नाक सूखना, गला सूखना, खांसी या सांस लेने में दिक्कत हो सकती है. अस्थमा या एलर्जी जैसी बीमारियों वाले लोगों के लिए यह और भी गंभीर हो सकता है.
(डिस्क्लेमर- इस रिपोर्ट से जुड़ी सभी हेल्थ जानकारी और सलाह सिर्फ जानकारी के लिए हैं. हम यह जानकारी साइंटिफिक रिसर्च, स्टडीज और मेडिकल और हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह के आधार पर दे रहे हैं. लेकिन, इस जानकारी पर अमल करने से पहले कृपया अपने पर्सनल डॉक्टर से सलाह लें.)

