कौन से 7 ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जो चुपके से कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं? जान लें वरना...
क्या रोजाना की आदतें कैंसर का खतरा बढ़ा सकती हैं? एक्सपर्ट्स का कहना है कि कुछ खास तरह के खाने की चीज़ें खाने से कैंसर...

Published : January 8, 2026 at 12:35 PM IST
कैंसर एक बेहद खतरनाक बीमारी है. अगर समय पर इसका पता न चले तो इससे मौत भी हो सकती है. कैंसर के कई कारण हो सकते हैं. इनमें खराब खान-पान भी शामिल है. कई लोग सोचते हैं कि सिर्फ धूम्रपान या शराब पीने से ही कैंसर होता है, लेकिन ऐसा नहीं है. खाना पकाने, गर्म करने और स्टोर करने का तरीका भी कैंसर में अहम भूमिका निभाता है. हालांकि, ये बदलाव तुरंत दिखाई नहीं देते, लेकिन धीरे-धीरे कोशिकाओं को प्रभावित करते हैं.
कैंसर को बढ़ावा देने वाले खाद्य पदार्थ
तेल को दोबारा गर्म करना : भारतीय किचन में खाना पकाने के तेल को दोबारा इस्तेमाल करना आम बात है. लोग तेल बर्बाद होने से बचाने के लिए ऐसा करते हैं. हालांकि, जब तेल अपने बॉइलिंग पॉइंट से नीचे ठंडा होता है, तो उसका मॉलिक्यूलर स्ट्रक्चर बदल जाता है. एनसीबीआई के एक अध्ययन के अनुसार , दोबारा गर्म करने पर एल्डिहाइड जैसे विषैले पदार्थ बनते हैं. ये शरीर में सूजन पैदा करते हैं, डीएनए को नुकसान पहुंचाते हैं और कैंसर का कारण बनते हैं.
जले हुए या ज्यादा भुने हुए खाद्य पदार्थ : कबाब, रोटी या ब्रेड के जले हुए किनारे स्वादिष्ट तो लग सकते हैं, लेकिन खतरनाक भी हो सकते हैं. खाना जलने पर हेटेरोसाइक्लिक एमाइन (HCAs) और PAHs जैसे रसायन बनते हैं. कैंसर अनुसंधान के लिए अंतर्राष्ट्रीय एजेंसी चेतावनी देती है कि इनका संबंध कोलन और अग्नाशय के कैंसर से है.
प्रोसेस्ड मीट का रोजाना सेवन: सॉसेज, बेकन, हैम और सलामी जैसे प्रोसेस्ड मीट में स्वाद बढ़ाने के लिए नाइट्राइट मिलाए जाते हैं, जो शरीर में जाने के बाद कैंसर पैदा करने वाले केमिकल में बदल जाते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) चेतावनी देता है कि प्रतिदिन 50 ग्राम प्रोसेस्ड मांस का सेवन भी कोलन कैंसर के खतरे को काफी हद तक बढ़ा देता है.
बहुत ज्यादा गर्म ड्रिंक्स पीना: NCBI की एक स्टडी के अनुसार, रोजाना बहुत ज्यादा गर्म तापमान (65 डिग्री सेल्सियस से ऊपर) पर चाय और कॉफी पीना खतरनाक है. यह ज्यादा तापमान बार-बार खाने की नली के अंदर के टिशूज को नुकसान पहुंचाता है. जब ये घाव ठीक नहीं होते और बार-बार गर्मी के संपर्क में आते हैं, तो उनके कैंसर वाली कोशिकाओं में बदलने की संभावना ज्यादा होती है.
पैकेज्ड हेल्दी फूड्स: प्रोटीन बार, फ्लेवर्ड ओट्स, ब्रेकफास्ट सीरियल्स और डाइट बिस्कुट सेहतमंद तो होते हैं, लेकिन इनमें मिलाए गए फ्लेवर, आर्टिफिशियल स्वीटनर और रंग शरीर में लगातार सूजन पैदा करते हैं. इससे कैंसर का खतरा बढ़ जाता है.
फाइबर का कम सेवन करना: वजन कम करने के लिए कम फाइबर खाना एक बुरी आदत है. कम फाइबर वाला खाना कैंसर का खतरा बढ़ाता है. फाइबर आंतों से टॉक्सिन निकालने और फ़ायदेमंद बैक्टीरिया को बढ़ाने के लिए जरूरी है. जो लोग रोज 20 ग्राम से कम फाइबर खाते हैं, उन्हें कोलन कैंसर होने का खतरा ज्यादा होता है.
प्लास्टिक के बर्तनों में खाना गर्म करना : माइक्रोवेव में प्लास्टिक के बर्तनों में खाना गर्म करने या प्लास्टिक के ढक्कनों में पैक किया हुआ गर्म खाना खरीदने से प्लास्टिक से विषाक्त पदार्थ भोजन में मिल सकते हैं. ये हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ सकते हैं और नुकसान पहुंचा सकते हैं.
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और सलाह सिर्फ आपकी समझ के लिए है. यह जानकारी वैज्ञानिक रिसर्च, स्टडीज और मेडिकल और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह पर आधारित है. इन गाइडलाइंस को फॉलो करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेना सबसे अच्छा है.)

