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मांसपेशियों और दिल की सेहत बनाए रखने में विटामिन D3, D2 से ज्यादा असरदार: स्टडी

हाल ही में हुई एक स्टडी से पता चलता है कि स्केलेटल मसल मास, ग्रिप स्ट्रेंथ और कार्डियक मेटाबोलिक फंक्शन को बेहतर बनाने में विटामिन...

Vitamin D3 more effective than Vitamin D2 in maintaining muscle, heart health: ICMR-NIN study
मांसपेशियों और दिल की सेहत बनाए रखने में विटामिन D3, D2 से ज्यादा असरदार: स्टडी (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Health Team

Published : September 2, 2026 at 5:32 PM IST

5 Min Read
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दिल की सेहत और मांसपेशियों की मजबूती के लिए विटामिन D3 (कोलेकैल्सीफेरोल) सप्लीमेंट ज्यादा बेहतर होते हैं, जबकि आम तौर पर इस्तेमाल होने वाला विटामिन D2 (एर्गोकैल्सीफेरोल) उतना असरदार नहीं होता. ICMR-NIN (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन) की हालिया एक अहम स्टडी से पता चला है कि विटामिन D2 और D3 को एक-दूसरे की जगह इस्तेमाल होने वाला (इंटरचेंजेबल) मानना ​​गलत है.

विटामिन D2 के मुकाबले D3 ज्यादा असरदार
हैदराबाद में ICMR-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन (ICMR-NIN) की एक स्टडी में पाया गया है कि दिल और मांसपेशियों की सेहत को बेहतर बनाने में विटामिन D3, विटामिन D2 के मुकाबले काफी ज्यादा असरदार है. रिसर्च में यह भी चेतावनी दी गई है कि D2 और D3 को एक साथ लेने से D3 के फायदे कम हो सकते हैं. इसलिए, दिल और मांसपेशियों की बेहतर सेहत के लिए लोगों को सिर्फ विटामिन D3 सप्लीमेंट लेने की सलाह दी जाती है.

D2 के बजाय D3 पर फोकस करें
'मॉलिक्यूलर न्यूट्रिशन एंड फूड रिसर्च' में छपी यह स्टडी बताती है कि विटामिन D3 दिल और मांसपेशियों की सेहत के लिए बेहतर है और शरीर में विटामिन D का लेवल बढ़ाने में विटामिन D2 से दोगुना असरदार है. हालांकि बहुत से लोग सोचते हैं कि रोजाना 'सनशाइन विटामिन' (धूप से मिलने वाला विटामिन) की डोज लेना आसान है और कोई भी विटामिन D सप्लीमेंट काम करेगा, लेकिन जब दिल की सेहत और मांसपेशियों के विकास को बेहतर बनाने की बात आती है, तो NIN की नई स्टडी D2 के बजाय D3 पर ज्यादा ध्यान देने का सुझाव देती है.

गलतफहमी पूरी तरह खारिज हो चुकी है
सालों से यह गलतफहमी रही है कि D2 और D3 को एक-दूसरे की जगह इस्तेमाल किया जा सकता है. बहुत से लोग मानते थे कि कोई भी सप्लीमेंट काम करेगा, चाहे वह सुबह की सैर से मिले या गोली से. हालांकि, ICMR-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन (NIN) की हालिया स्टडी से यह साफ हो गया है कि मांसपेशियों और दिल की सेहत के लिए विटामिन D3 (कोलेकैल्सीफेरोल), विटामिन D2 (एर्गोकैल्सीफेरोल) से कहीं ज्यादा असरदार है. यह पुरानी गलतफहमी कि दोनों सप्लीमेंट एक ही तरह से काम करते हैं, अब पूरी तरह से गलत साबित हो चुकी है.

रिसर्च के नतीजे
नतीजों से पता चलता है कि D3 के अलग-अलग हेल्थ पैरामीटर्स पर खास फायदे होते हैं. ब्लड मार्कर बढ़ाने में पौधे या फंगस से मिलने वाले D2 से दोगुना असरदार होने के अलावा, D3 ने मसल्स और हार्ट के स्ट्रक्चर और मेटाबॉलिज्म को एक्टिव रूप से बेहतर बनाने की बेहतर क्षमता दिखाई.

स्टडी से एक बहुत जरूरी बात यह पता चली है कि विटामिन D2 और D3 एक-दूसरे के साथ कैसे काम करते हैं. पता चला है कि विटामिन D2 और D3 एक साथ मिलकर असल में D3 की क्षमता और असर को कम कर देते हैं. मिले-जुले सप्लीमेंट लेने या बिना सोचे-समझे अलग-अलग तरह के सप्लीमेंट लेने से वे जबरदस्त फायदे खत्म हो सकते हैं जो अकेले D3 से मिल सकते हैं.

जो लोग अपने न्यूट्रिशन (पोषण) को बेहतर बनाना चाहते हैं, उनके लिए ये बातें एक साफ दिशा दिखाती हैं. सभी विटामिन एक जैसे होते हैं, ऐसा मानने के बजाय सप्लीमेंट के लेबल को चेक करके शुद्ध विटामिन D3 चुनना, आपके दिल की सेहत और मांसपेशियों के विकास में बहुत बड़ा फर्क ला सकता है.

NIN की रिसर्च के मुख्य बिंदु

  • विटामिन D3 ने दिल और मांसपेशियों की बनावट, मेटाबॉलिज्म और मजबूती को बेहतर बनाने में ज्यादा बेहतर क्षमता दिखाई.
  • पौधों या फंगस से मिलने वाले विटामिन D2 ने वैसी क्षमता नहीं दिखाई
  • यह सोचना गलत है कि विटामिन D2 और D3 एक-दूसरे की जगह इस्तेमाल किए जा सकते हैं.
  • विटामिन D2 और D3 को एक साथ लेने से असल में D3 का असर कम हो जाता है.
  • दिल की बेहतर सेहत और मांसपेशियों के विकास के लिए मिले-जुले विकल्पों के बजाय शुद्ध विटामिन D3 चुनें.

(इनपुट- एएनआई)

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और सुझाव केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए हैं. हम यह जानकारी वैज्ञानिक शोध, अध्ययनों और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञों की अनुशंसाओं के आधार पर प्रदान कर रहे हैं. इन सुझावों का पालन करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श करना सर्वोत्तम होगा.)

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