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पालक-चिकन करी खाने के बाद एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत, जानें ये चीजें क्यों बढ़ाती हैं फूड पॉइजनिंग का खतरा

चावल, चिकन करी और पालक खाने के बाद एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई. जानिए इससे फूड पॉइज़निंग कैसे हुई...

Three members of the same family died after eating spinach-chicken curry; learn why these things increase the risk of food poisoning.
पालक-चिकन करी खाने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत, जानें ये चीजें क्यों बढ़ाती हैं फूड पॉइजनिंग का खतरा (ETV BHARAT AND CANVA)
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By ETV Bharat Health Team

Published : December 24, 2025 at 7:47 PM IST

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ओडिशा के ढेंकनाल जिले से फूड पॉइजनिंग का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. एक ही परिवार के तीन सदस्यों की चिकन करी, चावल और पालक खाने के बाद मौत हो गई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़ितों ने अपने घर पर खाना खाने के बाद उनकी तबीयत खराब हो गई. इसके बाद उन्हें अंगुल डिस्ट्रिक्ट हेडक्वार्टर हॉस्पिटल (DHH) में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया. माना जा रहा है कि मौत की वजह फूड पॉइजनिंग है, और मामले की जांच चल रही है.

अगर सच में फूड पॉइजनिंग मौत की वजह है, तो इस दुखद खबर ने एक बार फिर एक गंभीर लेकिन अक्सर नजरअंदाज की जाने वाली समस्या की ओर ध्यान खींचा है. बता दें कि चिकन और पालक दोनों ही पौष्टिक भोजन हैं, लेकिन अगर उन्हें ठीक से साफ नहीं किया जाएं, ठीक से पकाया और रखा न किया जाए, तो ये जहरीला और जानलेवा हो सकते हैं. इस खबर के माध्यम से जानें कि किन वजहों से इन खाद्य पदार्थों से फूड पॉइजनिंग हो सकता है और पोषण विशेषज्ञ का क्या कहना है?

फूड पॉइजनिंग क्या है?
फूड पॉइजनिंग एक तरह की फूडबोर्न बीमारी है, जो कुछ खाने या पीने से होती है. यह खाने या पीने की चीजों में मौजूद कीटाणुओं या दूसरे नुकसानदायक चीजों से होती है. फूड पॉइजनिंग के लक्षणों में अक्सर पेट खराब होना, दस्त और उल्टी शामिल हैं. लक्षण आमतौर पर दूषित खाना खाने के कुछ घंटों या दिनों के अंदर शुरू हो जाते हैं. ज्यादातर लोगों को फूड पॉइजनिंग से हल्की बीमारी होती है और वे बिना इलाज के ठीक हो जाते हैं. हालांकि, कभी-कभी फूड पॉइजनिंग से गंभीर बीमारी या दिक्कतें हो सकती हैं.

बहुत से लोग अक्सर फूड पॉइजनिंग जैसी गंभीर समस्याओं को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह जानलेवा हो सकती है. क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. रेनुका माइनदे ने बताया है कि पालक और चिकन से फूड पॉइजनिंग का खतरा कैसे बढ़ सकता है और इससे बचने के लिए आपको क्या करना चाहिए.

Three members of the same family died after eating spinach-chicken curry; learn why these things increase the risk of food poisoning.
लक-चिकन करी खाने से क्यों होता है फूड पॉइजनिंग का खतरा (GETTY IMAGES)

चिकन से कैसे हो सकता है फूड पॉइजनिंग?
चिकन प्रोटीन का एक पॉपुलर सोर्स है. पका हुआ चिकन खाना सुरक्षित है, लेकिन कच्चे चिकन में ऐसे बैक्टीरिया हो सकते हैं जिनसे फूड पॉइजनिंग हो सकती है. कच्चे चिकन में कैंपिलोबैक्टर, साल्मोनेला या क्लोस्ट्रीडियम परफ्रिंजेंस जैसे कीटाणु हो सकते हैं. अगर आप अधपका चिकन खाते हैं, तो आपको फूड पॉइजनिंग हो सकती है. अगर आप कोई ऐसा खाना या ड्रिंक खाते हैं जो कच्चे चिकन या उसके जूस से दूषित हो गया है, तो भी आप बीमार पड़ सकते हैं. CDC का अनुमान है कि साल्मोनेला बैक्टीरिया किसी भी दूसरे बैक्टीरिया की तुलना में ज्यादा फूड पॉइजनिंग की बीमारियों का कारण बनता है. चिकन साल्मोनेला बैक्टीरिया का एक मुख्य सोर्स है. इसलिए, एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि चिकन को खाने के लिए सुरक्षित बनाने के लिए, उसे तब तक पकाएं जब तक उसका अंदर का तापमान 165 डिग्री फारेनहाइट तक न पहुंच जाए. इस तापमान पर पकाने से बैक्टीरिया मर जाते हैं और फूड पॉइजनिंग से बचाव होता है.

पालक से कैसे हो सकता है फूड पॉइजनिंग?

Three members of the same family died after eating spinach-chicken curry; learn why these things increase the risk of food poisoning.
पालक से कैसो होता है फूड पॉइजनिंग (GETTY IMAGES)
पालक के इतने फायदे हैं कि आप हैरान रह जाएंगे. इसमें विटामिन C भरपूर मात्रा में होता है, जो न सिर्फ हमारी इम्यूनिटी बढ़ाता है बल्कि सर्दियों में सर्दी और खांसी से भी बचाता है. पालक एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है. इसमें फ्लेवोनोइड्स और कैरोटीनॉयड होते हैं, जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं. पालक में आयरन भी भरपूर मात्रा में होता है. हालांकि इसके इतने सारे स्वास्थ्य फायदे हैं, लेकिन अगर आप इसे ठीक से पकाकर या साफ कर नहीं खाते हैं, तो इससे फूड पॉइजनिंग हो सकती है.

एक्सपर्ट्स का कहना है कि पालक से होने वाली फूड पॉइज़निंग मुख्य रूप से दूषित पानी, मिट्टी या जानवरों के मल से बैक्टीरिया (जैसे ई. कोलाई और साल्मोनेला) के फैलने के कारण होती है, जो उगने या संभालने के दौरान होता है. इसका असर अक्सर कच्चे पालक पर होता है क्योंकि इसे बिना पकाए खाया जाता है, जबकि पकाने से ये कीटाणु मर जाते हैं. वायरस (जैसे नोरोवायरस) और पैरासाइट, साथ ही संभावित केमिकल अवशेष भी पालक को दूषित कर सकते हैं, इसलिए जोखिम को कम करने के लिए अच्छी तरह से धोना बहुत जरूरी है

इस बात पर जरूर दे ध्यान

Three members of the same family died after eating spinach-chicken curry; learn why these things increase the risk of food poisoning.
चिकन से कैसो होता है फूड पॉइजनिंग (GETTY IMAGES)
डॉक्टरों का कहना है कि जब चिकन और पालक जैसी चीजों को एक साथ पकाया जाता है, तो खतरा और भी बढ़ जाता है. उदाहरण के लिए, अगर पालक को उसी चाकू या कटिंग बोर्ड पर काटा जाता है जिसका इस्तेमाल कच्चे चिकन के लिए किया गया था, या उसी सिंक में धोया जाता है जहां कच्चा चिकन धोया गया था, तो बैक्टीरिया आसानी से फैल सकते हैं. इसके अलावा, पके हुए खाने को अधिक समय तक बाहर रखने या उसे ठीक से फ्रिज में ठीक से न रखने से भी बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं.

(डिस्क्लेमर- इस रिपोर्ट से जुड़ी सभी हेल्थ जानकारी और सलाह सिर्फ जानकारी के लिए हैं. हम यह जानकारी साइंटिफिक रिसर्च, स्टडीज और मेडिकल और हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह के आधार पर दे रहे हैं. लेकिन, इस जानकारी पर अमल करने से पहले कृपया अपने पर्सनल डॉक्टर से सलाह लें.)

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