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मोटापा और तेजी से बढ़ता वजन बेहद खतरनाक, इससे पांच गुना ज्यादा बढ़ जाता है कैंसर का खतरा: शोध में हुआ खुलासा

नई रिसर्च से पता चला है कि जो लोग जवानी से लेकर 60 साल की उम्र तक तेजी से वेट गेन करते हैं. उन्हें कैंसर...

Obesity and Rapidly Rising Weight Can Cause Various Types of Cancer: Research Reveals Rising Weight Can Cause Various Types of Cancer: Research Reveals
मोटापा और तेजी से बढ़ता वजन बेहद खतरनाक, इससे पांच गुना ज्यादा बढ़ जाता है कैंसर का खतरा: शोध में हुआ खुलासा (GETTY IMAGES)
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By ETV Bharat Health Team

Published : May 15, 2026 at 1:36 PM IST

6 Min Read
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अधिक वजन होना केवल एक सौंदर्य संबंधी समस्या नहीं है, बल्कि, यह एक गंभीर स्वास्थ्य चिंता का विषय है, जो अब कैंसर के प्रमुख कारणों में से एक है. मई 2026 में जारी एक नए शोध के अनुसार, वयस्कों में तेजी से वजन बढ़ने से कैंसर होने का खतरा कई गुना बढ़ सकता है. मतलब, नई रिसर्च से पता चला है कि जिन लोगों का उम्र बढ़ने के साथ ज्यादा वजन बढ़ता है, उनमें कैंसर का खतरा 5 गुणा ज्यादा बढ़ जाता है.

स्वीडन के माल्मो स्थित लुंड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए इस शोध को तुर्की के इस्तांबुल में आयोजित इस वर्ष के European Congress on Obesity 2026 में प्रस्तुत किया गया. स्टडी में पाया गया कि जिन लोगों का एडल्टहुड के दौरान बहुत ज्यादा वजन बढ़ा, उनमें कुछ तरह के कैंसर का रिस्क दोगुना से भी ज्यादा था.

कई तरह के कैंसर का बढ़ जाता है खतरा
मोटापा एक गंभीर ग्लोबल हेल्थ प्रॉब्लम है, जो कैंसर सहित कई क्रोनिक बीमारियों का एक प्रमुख कारक है. विश्व भर में हर आठ में से एक व्यक्ति मोटापे से ग्रस्त है. इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (आईएआरसी) के अनुसार, पर्याप्त प्रमाणों से पता चलता है कि ज्यादा वजन का संबंध इसोफेगल (एडेनोकार्सिनोमा), गैस्ट्रिक कार्डिया (पेट का ऊपरी हिस्सा), कोलोरेक्टम, लिवर, गॉल ब्लैडर, पैंक्रियास, पोस्टमेनोपॉजल ब्रेस्ट कैंसर, एंडोमेट्रियम, ओवरी, किडनी, मेनिन्जेस, थायरॉइड ग्लैंड और मल्टीपल मायलोमा से है. इसके अलावा, इसके ब्लड कैंसर सहित दूसरे तरह के कैंसर से भी संभावित संबंध के सबूत मिले हैं.

वजन बढ़ने के लिए कोई भी उम्र सुरक्षित नहीं
मोटापा और कैंसर के जोखिम के बीच संबंध को समझने के लिए, अधिकांश शोध एक ही समय पर शरीर के वजन को मापते हैं, अक्सर मध्यम आयु वर्ग के दौरान. हालांकि, हालिया रिसर्च से पता चलता है कि केवल एक समय का वजन नहीं, बल्कि जीवन भर वजन में होने वाला बदलाव कैंसर के खतरे को अधिक बेहतर ढंग से बताता है. इस नई स्टडी में, शोधकर्ताओं ने 17 से 60 साल की उम्र तक के वजन के पैटर्न की जांच की और कैंसर होने की घटनाओं के साथ उनके संबंध का विश्लेषण किया. यह शोध 6 लाख से अधिक लोगों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड पर आधारित है, जिसमें यह खुलासा हुआ है कि वयस्कता में तेजी से वजन बढ़ना कैंसर के खतरे को 5 गुना तक बढ़ा सकता है. इस स्वीडिश अध्ययन से पता चलता है कि वजन बढ़ने के लिए कोई भी उम्र सुरक्षित नहीं है.

स्टडी क्या कहती है?
रिसर्चर्स ने 600,000 से ज्यादा पुरुषों और महिलाओं के हेल्थ रिकॉर्ड की स्टडी की. इसमें 17 से 60 साल की उम्र में उनके वजन में आए बदलावों की जांच की गई, और फिर इन बदलावों की तुलना कैंसर के मामलों से की गई. रिसर्च से पता चला कि जिन लोगों का वजन बहुत ज्यादा बढ़ा, उन्हें मोटापे से जुड़े कैंसर होने का खतरा काफी ज्यादा था.

इस अध्ययन के लेखक, एसोसिएट प्रोफेसर एंटोन निलसन ने बताया कि बचपन के दौरान तेजी से वजन बढ़ना, वयस्क होने पर अत्यधिक वजन बढ़ने की संभावना को बढ़ा देता है. उन्होंने कहा कि इसका मतलब है कि कम उम्र में वजन बढ़ने से मोटापे और शरीर में फैट जमा होने का खतरा बढ़ जाता है. अगर आपका रिलेटिव रिस्क जिंदगी भर ज्यादा रहता है, तो आपको कैंसर होने का चांस बढ़ जाता है. प्रोफेसर एंटोन निलसन का कहना है कि इस स्टडी में खास तौर पर इंटरवेंशन या बिहेवियर पर बात नहीं की गई, लेकिन वजन बढ़ने से कैंसर का ज्यादा रिस्क होता है, इसलिए इससे बचना चाहिए.

जानिए किसे होता है अधिक खतरा

  • जिन महिलाओं का वजन 30 साल की उम्र के बाद बढ़ता है, उन्हें सेक्स हार्मोन से जुड़ी बीमारियां होने का खतरा ज्यादा होता है, जैसे यूटेराइन कैंसर, पोस्टमेनोपॉजल ब्रेस्ट कैंसर, और ब्रेन और स्पाइनल कॉर्ड में मेनिनजियोमा.
  • 45 साल से कम उम्र के मोटे पुरुषों में क्रोनिक सूजन, इंसुलिन रेजिस्टेंस और गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज से जुड़ा कैंसर होने की संभावना ज्यादा होती है. इन कैंसर में इसोफेगस और लिवर कैंसर शामिल हैं.
  • जिन पुरुषों को 30 साल की उम्र से पहले मोटापा हुआ, उनमें लिवर कैंसर होने की संभावना उन पुरुषों की तुलना में पांच गुना ज्यादा थी जो कभी मोटे नहीं हुए थे. इसके अलावा, उनमें पैंक्रियाटिक कैंसर और रीनल सेल कैंसर का खतरा दोगुना था, और कोलन कैंसर का खतरा 58 प्रतिशत ज्यादा था.
  • वहीं, जिन महिलाओं में 30 वर्ष की आयु से पहले मोटापा डेवलप हो गया था, उनमें एंडोमेट्रियल कैंसर का खतरा 4.5 गुना, अग्नाशय कैंसर का खतरा 67 प्रतिशत, रीनल सेल कैंसर का खतरा दोगुना और मेनिंगियोमा का खतरा 76 प्रतिशत बढ़ गया था.
  • को-ऑथर और असिस्टेंट प्रोफेसर तानिया स्टॉक्स ने कहा कि 17 से 60 साल की उम्र के बीच शरीर का वजन तेजी से बढ़ना, मोटापे से जुड़े कई कैंसर के मामलों में बढ़ोतरी से जुड़ा है.

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