शरीर में Vitamin B12 की कमी बन सकता है कैंसर का कारण, जानिए दोनों के बीच क्या है कनेक्शन?
अध्ययनों से लगातार यह पता चला है कि विटामिन B12 और फोलेट का कम लेवल कई तरह के कैंसर के रिस्क को बढ़ा देता है...

Published : May 14, 2026 at 1:57 PM IST
बहुत से लोग मानते हैं कि न्यूट्रिशन का मतलब कार्बोहाइड्रेट और फैट बराबर मात्रा में लेना है. हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनके साथ-साथ विटामिन और मिनरल जैसे माइक्रोन्यूट्रिएंट्स भी बहुत जरूरी होते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सही मात्रा में माइक्रोन्यूट्रिएंट्स न मिलें, तो विटामिन B12 की कमी हो सकती है. आज के समय में बहुत से लोग विटामिन B12 की इस समस्या से जूझ रहे हैं. हालांकि, ज्यादातर लोग इसकी कमी की पहचान नहीं कर पाते हैं और इसे एक मामूली शारीरिक समस्या मानते लेते हैं. हालांकि, विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि यदि विटामिन बी12 की कमी लंबे समय तक बनी रहती है, तो कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. इसलिए समय रहते इसकी पहचान जरूरी है...
रेड ब्लड सेल्स बनने में विटामिन B12 की अहम भूमिका
शरीर में रेड ब्लड सेल्स बनने में विटामिन B12 एक अहम भूमिका निभाता है. इसे कोबालामिन भी कहा जाता है. यह सेंट्रल नर्वस सिस्टम के ठीक से काम करने में मदद करता है. यह शरीर के जीवित रहने के लिए आवश्यक है. यह हमारे खाने के जरिए शरीर में जाता है. यह हेल्दी रेड ब्लड सेल्स बनाने में मदद करता है, दिमाग और नर्वस सिस्टम के कामों में मदद करता है, और DNA बनाने और रिपेयर करने में जरूरी भूमिका निभाता है.
विटामिन B12 की कमी से बढ़ जाता है कैंसर होने का खतरा
हर सेकंड, शरीर में लाखों कोशिकाएं बंटती हैं और बढ़ती हैं. इस प्रक्रिया के दौरान, DNA को अपनी एक हूबहू कॉपी बनानी होती है. विटामिन B12 इस कॉपी बनाने की प्रक्रिया में एक सहायक तंत्र के रूप में काम करता है. पर्याप्त B12 के बिना, समय के साथ DNA की बनावट में गलतियां जमा हो सकती हैं. अमेरिकी राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान के शोधकर्ताओं का मानना है कि यहीं से कैंसर का संबंध शुरू हो सकता है. जब सालों तक DNA को होने वाला नुकसान धीरे-धीरे जमा होता रहता है, तो कोशिकाएं असामान्य रूप से काम करना शुरू कर सकती हैं. कुछ मामलों में, इससे कुछ खास बीमारियों, खासकर कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा बढ़ सकता है.
विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर म्यूटेशन को रोकने के लिए हेल्दी सेल्स की मरम्मत पर निर्भर रहता है. जब विटामिन B12 का स्तर कई सालों तक कम रहता है, तो DNA रेप्लिकेशन में गलतियां अधिक बार हो सकती हैं. शोधकर्ताओं का मानना है कि यह एक संभावित कारण है कि विटामिन B12 की कमी अप्रत्यक्ष रूप से कैंसर के रिस्क को बढ़ा सकती है. कई अध्ययनों ने इस संबंध की जांच की है. जिसमें इस विटामिन की कमी के कारण लोगों में कोलोरेक्टल कैंसर का रिस्क अधिक देखा गया है.
शोध क्या कहता है?
अमेरिकी राष्ट्रीय चिकित्सा पुस्तकालय द्वारा प्रकाशित शोध के अनुसार , फोलेट और विटामिन B12 की कमी से जीनोमिक अस्थिरता होती है, जो कैंसर के विकास से जुड़ी एक प्रक्रिया है. क्योंकि, ये विटामिन DNA सिंथेसिस और रिपेयर के लिए जरूरी हैं. इनकी कमी से DNA में दरारें आ सकती हैं और क्रोमोसोम में अस्थिरता आ सकती है.
किन लोगों में हो सकती है विटामिन बी12 की कमी
आजकल, बहुत से लोग इस विटामिन की कमी से जूझ रहे हैं. यह विटामिन (जो हमें हेल्दी रखने में अहम भूमिका निभाता है) मुख्य रूप से मीट में पाया जाता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि शाकाहारियों में विटामिन B12 की कमी होने की संभावना ज्यादा होती है. इसके अलावा, इसमें बुज़ुर्ग, शाकाहारी और वीगन लोग, क्रोहन रोग या सीलिएक रोग जैसे पाचन संबंधी विकारों से पीड़ित व्यक्ति, लंबे समय तक एसिड रिफ्लक्स की दवाएं लेने वाले लोग, और जिनकी आंतों में पोषक तत्वों का अवशोषण ठीक से नहीं होता, ऐसे मरीज शामिल हैं. चुनौती इस बात में है कि इसके लक्षण धीरे-धीरे उभरते हैं, कई लोग इन्हें "सामान्य थकान" या तनाव मानकर नजरअंदाज कर देते हैं.
विटामिन बी12 की कमी से होने वाली समस्याएं
- पैरों के तलवों में जलन
- पैरों और हाथों में सुन्नपन
- मुंह में अल्सर
- थकान
- खून में रेड ब्लड सेल्स का बनना कम हो जाता है.
- खून में ऑक्सीजन का लेवल कम हो जाता है और दिल तेजी से धड़कता है.
- भूख में कमी
- बदसूरत होना
- उल्टी करना
- चक्कर आना
- पाचन संबंधी समस्याएं सता रही हैं
- मसूड़ों और जीभ में सूजन, जिससे लगातार दर्द होता है.
- एनीमिया तब होता है जब लाल रक्त कोशिकाओं का उत्पादन ठीक से नहीं होता है.
- जिन लोगों में इस विटामिन की कमी होती है, उनकी आंखों और शरीर का रंग हल्का पीला होता है.
पीलिया होने की संभावना बहुत अधिक है. - एक्सपर्ट्स का कहना है कि ठीक से आराम करने के बाद भी थकान, कमजोरी, सांस लेने में तकलीफ, चक्कर आना, हल्का महसूस होना, स्किन का पीला पड़ना, दिल की धड़कन तेज होना, पाचन में दिक्कत और कॉन्संट्रेशन की कमी जैसे दूसरे लक्षण हो सकते हैं. इन लक्षणों को मेयो क्लिनिक ने भी कन्फर्म किया है.
विटामिन B12 से भरपूर खाद्य पदार्थ
- मांस
- मछली
- मुर्गा
- दूध
- अंडे
शाकाहारियों के लिए विटामिन बी12 का मुख्य सोर्स
शाकाहारियों को विटामिन B12 की कमी के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि मांस ही एकमात्र ऐसा स्रोत नहीं है जिसमें यह पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाया जाता है, यह शाकाहारी भोजन में भी मौजूद होता है. वे भी इस विटामिन की पर्याप्त मात्रा प्राप्त कर सकते हैं, जानें कैसे...
- पालक में विटामिन बी12 भरपूर मात्रा में होता है. विटामिन बी12 की कमी से पीड़ित लोगों को इसका नियमित सेवन करना चाहिए.
- विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बच्चे और गर्भवती महिलाएं, विशेष रूप से, नियमित रूप से पालक का सेवन करें तो एनीमिया को कम किया जा सकता है.
- चुकंदर आयरन, फाइबर, पोटेशियम और विटामिन बी12 जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होता है. यह ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करता है और शरीर को मजबूत बनाता है.
- शाकाहारियों को विटामिन बी12 की कमी को दूर करने के लिए प्रतिदिन दो कप दूध पीना चाहिए. इससे प्रोटीन, कैल्शियम, फास्फोरस और पोटेशियम भी प्राप्त होता है.
- विशेषज्ञों का कहना है कि पनीर और दही में प्रोटीन और विटामिन बी12 की मात्रा भी अधिक होती है.
इस बात पर खास ध्यान दें
शरीर को चुस्त और सेहतमंद रखने में विटामिन B12 की अहम भूमिका होती है. विशेषज्ञों का कहना है कि इस विटामिन की कमी से मूड, एनर्जी लेवल और रोजमर्रा के कामों पर असर पड़ सकता है. ज्यादा सुस्ती की वजह से पूरे दिन मोटिवेटेड रहना मुश्किल हो जाता है. इसलिए, यह जरूरी है कि इस विटामिन का सही मात्रा में सेवन सुनिश्चित किया जाए. नेशनल इंस्टिट्यूट्स ऑफ हेल्थ (NIH) के अनुसार, B12 मांस, अंडे, दूध, डेयरी प्रोडक्ट्स और मछली जैसे खाद्य पदार्थों में भरपूर मात्रा में पाया जाता है. इसके अलावा, अपनी डाइट में फल, सब्जियां और साबुत अनाज शामिल करने की भी सलाह दी जाती है.
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