केवल महिलाओं में ही नहीं पुरुषों को भी होता है ब्रेस्ट कैंसर, दिखें ये लक्षण तो हो जाएं सावधान!
पुरुषों में स्तन कैंसर के लक्षणों की शीघ्र पहचान महत्वपूर्ण है, क्योंकि समय पर इलाज से ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है, जानें symptoms....

Published : November 15, 2025 at 7:50 PM IST
आप शायद अब भी यही सोचते होंगे कि ब्रेस्ट कैंसर सिर्फ महिलाओं को ही होता है, लेकिन यह सच नहीं है. यह एक गलतफहमी है. पुरुषों को भी ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है. यह बीमारी लिंग या उम्र का भेदभाव नहीं करती. हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने सबको चौंका दिया. जिससे यह साफ हो गया है कि स्तन कैंसर सिर्फ महिलाओं को ही नहीं, बल्कि पुरुषों को भी हो सकता है. अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के अनुसार, अमेरिका में ब्रेस्ट कैंसर के लगभग 100 मामलों में से 1 मामला पुरुषों में पाया जाता है.
42 वर्षीय शेफ मैट केली हैं ताजा उदाहरण
एक ताजा उदाहरण 42 वर्षीय शेफ मैट केली का है. शेफ मैट केली पूरी तरह से स्वस्थ जीवन जी रहे थे. लेकिन अक्टूबर 2024 में उन्हें सीने में एक गांठ महसूस हुई. पहले तो उन्होंने इसे नजरअंदाज किया, लेकिन अपनी पत्नी के कहने पर वे डॉक्टर के पास गए. जांच में पता चला कि उन्हें पुरुष स्तन कैंसर का एक आक्रामक रूप है. यह उनके लिम्फ नोड्स से हड्डियों तक फैल गया था. आज, वे अपने अनुभव का इस्तेमाल दूसरे पुरुषों को यह चेतावनी देने के लिए कर रहे हैं कि वे अपने शरीर में होने वाले बदलावों को कभी नजरअंदाज न करें.

शेफ मैट केली का मामला पुरुष स्तन कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाने से जुड़ा है. यह घटना इस बात पर जोर देती है कि पुरुष भी इस बीमारी से प्रभावित हो सकते हैं और इसके लक्षणों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. मैट केली की कहानी इस बात की पुष्टि करती है कि यह बीमारी लिंग, उम्र या व्यवसाय के आधार पर भेदभाव नहीं करती. भारत में पुरुषों में भी इसी तरह के मामले सामने आए हैं, लेकिन इसके बारे में जागरूकता अभी भी कम है.
डॉक्टरों का कहना है कि अगर सही समय पर ध्यान दिया जाए, तो जान बचाई जा सकती है, लेकिन अगर नजरअंदाज किया जाए, तो यह बीमारी शरीर के हर कोने में फैल सकती है. जानें पुरुषों में स्तन कैंसर के लक्षण क्या होते हैं...
पुरुषों में स्तन कैंसर के लक्षण
- छाती या बगल में एक छोटी सी गांठ
- निप्पल से स्राव (कभी-कभी खून के साथ)
- त्वचा के रंग या आकार में बदलाव (ये सभी शुरुआती लक्षण हैं)
- कभी-कभी, सीने में दर्द, सूजन या निशान दिखाई देना
अमेरिकन कैंसर सोसाइटी (ACS) के अनुसार, पुरुषों में, यह रोग अक्सर चुपचाप बढ़ता है. जैसा कि हमने उपर बताया कि पुरुषों में स्तन कैंसर के लक्षणों में स्तन में गांठ, दर्द, निप्पल से स्राव और निप्पल के आकार या बनावट में बदलाव शामिल हैं. इन लक्षणों का जल्द पता लगाना जरूरी है, क्योंकि समय पर इलाज से ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है. सामाजिक बदनामी और शर्मिंदगी के कारण पुरुष अक्सर इन लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जो बाद में जानलेवा हो सकता है.

40 की उम्र के बाद करवाएं जांच
ज्यादातर पुरुष सोचते हैं कि ब्रेस्ट कैंसर सिर्फ महिलाओं की बीमारी है, इसलिए वे इसे नजरअंदाज कर देते हैं. हालांकि, पुरुषों में भी स्तन ऊतक की थोड़ी मात्रा होती है, और वहां कैंसर सेल्स डेवलप हो सकती हैं. हालांकि, इसकी दर कम है, लेकिन इसकी गंभीरता कम नहीं है. खासकर 40 की उम्र के बाद, अगर आपको अपनी छाती के आसपास गांठ, त्वचा में कसाव या निप्पल के आकार में बदलाव महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज किए बिना तुरंत जांच करवाना जरूरी है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, 2022 में ब्रेस्ट कैंसर का निदान 2.3 मिलियन महिलाओं में किया गया था, और लगभग 670,000 महिलाओं की मृत्यु हो गई थी. हालांकि, पुरुषों में इसके मामले इन आंकड़ों में छिपे रहते हैं. अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के अनुसार, स्तन कैंसर के सभी मामलों में से 1 फीसदी पुरुषों में होते हैं. हालांकि यह अनुपात कम है, लेकिन प्रत्येक रोगी के लिए यह जोखिम जीवन के लिए खतरा है.

देर से डायग्नोसिस से बीमारी गंभीर हो जाती है
हमारे समाज में ब्रेस्ट कैंसर पर कम ही चर्चा होती है क्योंकि इसे अक्सर केवल महिलाओं की बीमारी माना जाता है. जबकि पुरुषों में भी स्तन ऊतक होते हैं और वे इस बीमारी का शिकार हो सकते हैं. जागरूकता और शुरुआती पहचान की कमी के कारण, पुरुषों में अक्सर इसका निदान बाद के चरणों में होता है, जब स्थिति अधिक गंभीर हो जाती है. इसलिए, इस विषय पर खुलकर चर्चा करना जरूरी है.
जागरूकता बढ़ाना महत्वपूर्ण है
समाज में पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के बारे में बात करना दुर्लभ है क्योंकि इसे अक्सर केवल महिलाओं की बीमारी माना जाता है, जबकि पुरुषों में भी स्तन ऊतक होते हैं और वे इस बीमारी का शिकार हो सकते हैं. जागरूकता की कमी और शुरुआती जांच के अभाव के कारण पुरुषों में अक्सर इसका निदान बाद के चरणों में होता है, जब स्थिति अधिक गंभीर हो चुकी होती . इसलिए, इस विषय पर खुलकर चर्चा जरूरी है. हर साल 'स्तन कैंसर जागरूकता माह' मनाते हुए, यह कहना जरूरी है कि पुरुषों का स्वास्थ्य भी महिलाओं जितना ही महत्वपूर्ण है. सभी को अपने शरीर को समझना चाहिए और कोई भी बदलाव नजर आने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए.
(डिस्क्लेमर: इस रिपोर्ट में आपको दी गई सभी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और सलाह केवल आपकी सामान्य जानकारी के लिए है. हम यह जानकारी वैज्ञानिक अनुसंधान, अध्ययन, चिकित्सा और स्वास्थ्य पेशेवर सलाह के आधार पर प्रदान करते हैं. आपको इसके बारे में विस्तार से जानना चाहिए और इस विधि या प्रक्रिया को अपनाने से पहले अपने निजी चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए.)

