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नियमित ब्रश नहीं करने से बुजुर्गों के दांत हो रहे कमजोर, रिसर्च में सामने आई चौंकाने वाली बात, जानें कैसे और कब करें ब्रश?

डॉक्टर के अनुसार मसूड़ों में दर्द, सड़न या किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करें और तुरंत इलाज कराएं.

WHY BRUSHING IS IMPORTANT
दांतों को लेकर बुजुर्ग न बरतें लापरवाही (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : August 16, 2026 at 10:01 PM IST

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शिमला: उम्र बढ़ने के साथ दांतों की समस्या को सामान्य मानकर नजरअंदाज करना बुजुर्गों के लिए भारी पड़ सकता है. डेंटल कॉलेज एवं अस्पताल, शिमला के पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री विभाग की एक रिसर्च में बुजुर्गों की दंत सेहत की चिंताजनक तस्वीर सामने आई है. अध्ययन में शामिल 200 तिब्बती बुजुर्गों में 63.7 फीसदी में पायरिया और 78.4 फीसदी में दांतों की सड़न पाई गई है. रिसर्च में दांतों की सफाई की आदतों और समय पर इलाज न करवाने को भी महत्वपूर्ण कारणों के तौर पर सामने रखा गया है. डेंटल कॉलेज के पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विनय भारद्वाज ने बताया कि यह रिसर्च विभाग की पीजी छात्रा डॉ. रुचि वर्मा ने की थी. वर्ष 2021 से 2024 के बीच 200 तिब्बती वृद्ध रिफ्यूजी पर यह रिसर्च की गई थी. अध्ययन का उद्देश्य बुजुर्गों के दांतों और मसूड़ों की स्थिति के साथ उनकी दंत स्वास्थ्य से जुड़ी आदतों का आकलन करना था. इस रिसर्च के निष्कर्ष जुलाई 2026 में प्रकाशित किए गए

रिसर्च में क्या निकला?

डॉ. विनय ने बताया कि रिसर्च में 63.7 फीसदी बुजुर्गों में पायरिया पाया गया, जबकि 78.4 फीसदी में दांतों की सड़न दर्ज की गई. इसके अलावा कई बुजुर्गों में खराब, गायब और भरे हुए दांतों से जुड़ी समस्याएं भी सामने आईं. महिलाओं की तुलना में पुरुषों में दांतों से जुड़ी बीमारियों का प्रतिशत थोड़ा अधिक रहा. करीब 78.8 फीसदी महिलाओं और 80 फीसदी पुरुषों में दांतों से संबंधित बीमारी दर्ज की गई. रिसर्च में सामने आया कि कई बुजुर्ग दिन में केवल एक बार ब्रश करते हैं, जबकि कुछ लोग विभिन्न कारणों से नियमित रूप से ब्रश भी नहीं करते. दांतों की सफाई में यह लापरवाही समय के साथ सड़न और मसूड़ों की बीमारी का खतरा बढ़ा सकती है. आर्थिक परेशानी, दंत चिकित्सक के पास समय पर जांच के लिए नहीं जाना और दांतों की नियमित देखभाल नहीं करना भी समस्या को बढ़ाने वाले कारणों में शामिल हैं.

डॉक्टर ने बताया ब्रश करना क्यों है जरूरी (ETV BHARAT)

मुंह की सड़न और दर्द को न करें नजरअंदाज

दांत में कीड़ा लगना, लगातार दर्द, मसूड़ों से खून आना, सूजन या मुंह से बदबू जैसी समस्या को मामूली समझकर छोड़ना सही नहीं है. समय पर इलाज नहीं होने पर दांतों की सड़न बढ़ सकती है और दांत को बचाना मुश्किल हो सकता है. इसी तरह मसूड़ों की गंभीर बीमारी दांतों को कमजोर कर उनके गिरने का कारण बन सकती है. इसलिए शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर ही डेंटिस्ट से जांच करवाना जरूरी है. यह रिसर्च विशेष रूप से बुजुर्गों की दंत सेहत पर की गई थी.

दिन में दो बार करें ब्रश
दिन में दो बार करें ब्रश (ETV BHARAT)

कैसे और कब करें ब्रश?

डॉ. विनय भारद्वाज ने बताया, "दांतों की सफाई में नियमितता सबसे जरूरी है. कई लोग सुबह उठते ही ब्रश करते हैं, लेकिन रात को सोने से पहले ब्रश करना भी बेहद जरूरी है. ब्रश करीब दो मिनट तक करना चाहिए. खाने के बाद भी दांतों की सफाई पर ध्यान देना चाहिए. दातुन का इस्तेमाल करने वाले लोग भी इसे सही तरीके से और पर्याप्त समय तक करें."

डॉ. विनय भारद्वाज, पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री विभाग के विभागाध्यक्ष
डॉ. विनय भारद्वाज, पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री विभाग के विभागाध्यक्ष (ETV BHARAT)

डॉ. विनय के अनुसार, उम्र बढ़ने के साथ दांतों का कमजोर होना कोई सामान्य बात नहीं है. दिन में दो बार नियमित ब्रश करना, दांतों-मसूड़ों की सही सफाई, मीठी चीजों का सीमित सेवन और समय-समय पर डेंटिस्ट से जांच कराने से दांतों को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है. मसूड़ों में दर्द, सड़न या किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करें और तुरंत इलाज कराएं.

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