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कैंसर के मरीजों की उम्र दोगुनी कर सकती है यह नई दवा, एडवांस्ड या मेटास्टैटिक स्टेज में बहुत असरदार, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

एडवांस्ड या मेटास्टैटिक पैंक्रियाटिक कैंसर के इलाज में एक नई एक्सपेरिमेंटल दवा, डाराक्सोनरासिब ने बेहद उम्मीद जगाने वाले नतीजे दिखाए हैं. इसमें कीमोथेरेपी के जैसा...

In a trial for pancreatic cancer, the new drug Daraxonrasib doubled the survival rate of cancer patients.
कैंसर के मरीजों की उम्र दोगुनी कर सकती है यह नई दवा (GETTY IMAGES)
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By ETV Bharat Health Team

Published : June 2, 2026 at 2:07 PM IST

5 Min Read
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पैंक्रियाटिक कैंसर का नाम सुनते ही कई लोगों के दिल में डर बैठ जाता है. ऐसा इसलिए है क्योंकि इस बीमारी का पता चलने में अक्सर काफी समय लग जाता है, और जब तक इसका पता चलता है, तब तक यह पूरे शरीर में फैल चुका होता है. इसी वजह से इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है. हर साल, लाखों लोग इस बीमारी का शिकार होते हैं. हालांकि, पूरी जानकारी की कमी और लक्षणों को नजरअंदाज करने की आदत के कारण अक्सर इलाज में देरी होती है.

बता दें, पैंक्रियास हमारे शरीर के सबसे जरूरी अंगों में से एक है. इसके मुख्य कामों जरूरी इंसुलिन बनाना और शरीर से नुकसानदायक चीजों को बाहर निकालना शामिल है. जो में हमारे जिंदा रहने के लिए बेहद जरूरी है. हालांकि, पैंक्रियाटिक कैंसर पैंक्रियाटिक सेल्स में अनकंट्रोल्ड और एबनॉर्मल बदलावों की वजह से होता है. यह कंडीशन तब होती है जब पैंक्रियास के सेल्स म्यूटेट होते हैं और तेजी से बढ़ते हैं और ट्यूमर बनाते हैं.

पैंक्रियाटिक कैंसर बहुत खतरनाक और जानलेवा होता है. इसका इलाज मुख्य रूप से कैंसर के स्टेज, ट्यूमर के साइज और मरीज की सेहत पर निर्भर करता है. लेकिन हाल ही में (मई-जून 2026) एक बड़ी मेडिकल रिसर्च ने मरीजों और डॉक्टरों के लिए उम्मीद की एक नई किरण जगाई है. इसे मेडिकल दुनिया में 'ऐतिहासिक टर्निंग पॉइंट' माना जा रहा है. आइए जानते हैं इस नई रिसर्च और दवा के बारे में...

हाल ही में, अमेरिकन सोसाइटी ऑफ क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी (ASCO 2026) की एक बैठक में डाराक्सोमेरासिब (जिसे RMC-6236 भी कहा जाता है) नाम की एक नई दवा के क्लिनिकल ट्रायल के नतीजे पेश किए गए. इस दवा को Revolution Medicines नाम की एक कंपनी ने बनाया है. शोधकर्ताओं ने बताया कि यह दवा उन जानलेवा कैंसरों के इलाज के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है जो RAS जीन म्यूटेशन के कारण होते हैं. इस नई टारगेटेड दवा ने कैंसर के इलाज में एक नई और बड़ी उम्मीद जगाई है.

रिसर्चर्स ने आगे बताया कि RASolute 302 Phase III ट्रायल में, जो एडवांस्ड या मेटास्टैटिक पैंक्रियाटिक कैंसर के मरीजों पर किया गया था, यह देखा गया कि स्टैंडर्ड कीमोथेरेपी लेने वाले मरीजों का औसत सर्वाइवल 6.7 महीने था, जबकि डाराक्सोनरासिब लेने वाले मरीजों का औसत सर्वाइवल 13.2 महीने था. डाराक्सोनरासिब एक ओरल दवा है जो 'RAS(ON)' प्रोटीन को ब्लॉक करके काम करती है, जो पैंक्रियाटिक कैंसर में ट्यूमर के बढ़ने को बढ़ावा देते हैं.

क्लिनिकल ट्रायल में हिस्सा लेने वाले 500 लोगों में लगभग एक-तिहाई मरीजों में, ट्यूमर का साइज 30 परसेंट या उससे ज्यादा कम हो गया. कुछ मरीजों में, कैंसर जो लिवर तक फैल गया था, 50 परसेंट तक कम हो गया. इस दवा ने ट्रेडिशनल कीमोथेरेपी के मुकाबले बेहतर टॉलरेबिलिटी दिखाई, और गंभीर साइड इफेक्ट के कम मामले देखे गए.

दूसरे शब्दों में, इस नई दवा ने कैंसर के मरीजों की उम्र काफी बढ़ा दी है, और इसके साइड इफेक्ट कीमोथेरेपी के मुकाबले काफी कम और ज्यादा सहने लायक पाए गए हैं. इसका मतलब है कि यह मॉडर्न तरीका पारंपरिक कीमोथेरेपी से बिल्कुल अलग है. जहां कीमोथेरेपी पूरे शरीर में हेल्दी और कैंसर वाले सेल्स पर असर डालती है, वहीं ये 'स्मार्ट' दवाएं सीधे और सही तरीके से सिर्फ उन खास जेनेटिक म्यूटेशन को टारगेट करती हैं जो कैंसर पैदा करने के लिए जिम्मेदार हैं. इसका सीधा मतलब यह है कि मरीजों को बहुत कम दर्दनाक साइड इफेक्ट झेलने पड़ते हैं.

पैंक्रियाटिक कैंसर के 90 फीसदी से ज्यादा मामलों में, एक म्यूटेटेड प्रोटीन (KRAS/RAS जीन से जुड़ा) ट्यूमर को तेजी से बढ़ने में मदद करता है. दशकों तक, साइंटिस्ट इस प्रोसेस को रोक नहीं पाए और इसे अनड्रगेबल मानते थे. मतलब इसका इलाज दवा से नहीं किया जा सकता है. यह नई दवा एक मॉलिक्यूलर ग्लू की तरह काम करती है, जो इस म्यूटेटेड प्रोटीन को असरदार तरीके से ब्लॉक करती है. इंटेंसिव इंट्रावीनस कीमोथेरेपीकी जरूरत के बजाय, यह एक सिंपल ओरल पिल है जिसे दिन में एक बार लिया जाता है. नतीजतन, मरीजो की जिंदगी की क्वालिटी में काफी सुधार देखा गया है.

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी हेल्थ जानकारी और सुझाव सिर्फ आपकी समझ के लिए हैं. यह जानकारी साइंटिफिक रिसर्च, स्टडीज और मेडिकल और हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह के आधार पर दी जा रही है. हालांकि, इन टिप्स को फॉलो करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लेना सबसे अच्छा है.

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