Heat wave और तेज गर्मी से बढ़ सकता है हार्ट फेलियर होने का खतरा, जानिए दिल के मरीज कैसे रखें सेहत का ध्यान
हीटवेव और बहुत ज्यादा गर्मी से हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ सकता है, जानिए कि हार्ट पेशेंट अपनी सेहत का ख्याल कैसे रख सकते है...

Published : May 26, 2026 at 3:09 PM IST
|Updated : May 26, 2026 at 3:15 PM IST
गर्म मौसम दिल की बीमारी वाले लोगों के लिए खास खतरा बन सकता है, क्योंकि शरीर का कोर टेम्परेचर नॉर्मल लेवल पर बनाए रखने के लिए दिल को ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि गर्म मौसम में आपकी ब्लड वेसल फैल जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर कम हो सकता है. हालांकि, शरीर को ठंडा रखने के लिए, दिल को नॉर्मल से ज्यादा तेज स्पीड से खून पंप करना पड़ता है. ऐसे में, दिल के मरीजों के लिए यह ज्यादा प्रेशर स्ट्रोक, हार्ट फेलियर और दूसरी गंभीर दिक्कतों का एक बड़ा कारण हो सकता है. कई स्टडीज से पता चला है कि इससे दिल की बीमारी वाले लोगों में हेल्थ प्रॉब्लम्स और मौत का खतरा बढ़ जाता है. अधिक तापमान और हीटवेव कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम पर कैसे असर डालते हैं और उनसे कैसे बचा जा सकता है, जानिए यहां...
गर्मी दिल पर कैसे असर डालती है?
ब्रिटिश हार्ट फांडेशन के मुताबिक, गर्मियों के मौसम में, जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, शरीर को ठंडा रखने के लिए दिल को सामान्य से ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. इस बढ़े हुए दबाव का असर दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर, दोनों पर पड़ता है, जिससे दिल का दौरा, दिल की धड़कन का अनियमित होना (अरिदमिया), और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है. संक्षेप में कहें तो, शरीर के तापमान में जरा सी भी बढ़ोतरी होने पर दिल प्रति मिनट ज्यादा बार धड़कने लगता है, जिससे दिल पर सीधा दबाव पड़ता है. इसके अलावा, ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों के लिए ली जाने वाली दवाएं (जैसे कि बीटा-ब्लॉकर्स या ड्यूरेटिक्स) शरीर के तापमान को कंट्रोल करने और पसीना निकालने की शरीर के नेचुरल प्रोसेस में रुकावट डाल सकती हैं. ज्यादा पसीना आने से शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स (जैसे पोटैशियम और सोडियम) का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे दिल पर ज्यादा जोर पड़ता है. इसलिए आम दिनों के मुकाबले गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने के लिए हमारे दिल और कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है.
गर्मियों में ऐसे रखें अपने दिल का ख्याल
बुजुर्गों और बहुत छोटे बच्चों को अपने शरीर का तापमान कंट्रोल करने में ज्यादा मुश्किल होती है. इस वजह से उन्हें अत्यधिक गर्मी से प्रभावित होने का खतरा अधिक हो सकता है. ऐसे में, गर्मियों में अपने दिल को सुरक्षित रखने के लिए, इन टिप्स को जरूर फॉलो करें...
- खूब सारे लिक्विड पिएं: सही मात्रा में लिक्विड पीने से (जैसे पानी, नींबू पानी, ORS, या नारियल पानी) पसीने से निकले इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी पूरी होती है. यह डिहाइड्रेशन से बचाता है, ब्लड वॉल्यूम नॉर्मल रखता है, और आपको अचानक चक्कर आने या लो ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर दिक्कतों से बचाता है.
- अगर आपको लिक्विड कम लेने की सलाह दी गई है (जैसे, अगर आपको 'हार्ट फेलियर' की समस्या है), तो ठंडा रहने के दूसरे तरीकों के बारे में अपने डॉक्टर सलाह लें.
- अपने घर को ठंडा रखें: सीधी धूप पड़ने वाली खिड़कियों को शटर, ब्लाइंड्स या पर्दों से ढककर रखें, और यदि घर के बाहर का तापमान घर के अंदर के तापमान से कम है, तो खिड़कियां खोल दें. जिन लाइटों या बिजली के उपकरणों की आपको आवश्यकता नहीं है, उन्हें बंद कर रखें, क्योंकि वे आपके घर को और अधिक गर्म बना सकते हैं. बिना एयर कंडीशनर के घर को प्राकृतिक रूप से ठंडा रखने के लिए यह एक बेहतरीन और सबसे प्रभावी तरीका है.
- अगर आपको एनजाइना है, तो सावधानी बरतें: अगर आप अपने एनजाइना को कंट्रोल करने के लिए GTN स्प्रे का इस्तेमाल करते हैं, तो गर्म मौसम में ज्यादा सावधानी बरतें. GTN स्प्रे आपकी खून की नसों को तेजी से फैला सकता है, जिससे ब्लड प्रेशर अचानक कम हो सकता है और आपको बेहोशी जैसा महसूस हो सकता है.
- शराब के सेवन से बचें: शराब पीने से आपके शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) और बढ़ सकती है
- ठंडी चीजे खाएं: सलाद या फल जैसी ज्यादा पानी वाली चीजें आपको ठंडा रखने में मदद कर सकती हैं, और ये विटामिन और मिनरल के बेहतरीन स्रोत हैं.
- छांव में समय बिताएं: दिन के सबसे गर्म समय, सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच, धूप से दूर रहें. सनस्क्रीन लगाएं, टोपी पहनें और अपने साथ पानी रखें.
- एक्सरसाइज से बचें: ज्यादा तापमान में बहुत अधिक शारीरिक एक्सरसाइज करने से बचना ही सबसे अच्छा है. अगर आप एक्सरसाइज करते हैं, तो यह पक्का करें कि आपके शरीर में पानी की कमी न हो.
- हल्के कपड़े पहनें: लिनन या कॉटन जैसे नेचुरल फाइबर से बने ढीले-ढाले कपड़े आपको ठंडा रखने में मदद कर सकते हैं.
(डिस्क्लेमर: इस रिपोर्ट में दी गई सभी जानकारी रिसर्च और एक्सपर्ट की सलाह पर आधारित है. ETV भारत किसी भी तरह से इस जानकारी का समर्थन नहीं करता है. कृपया इस पर अमल करने से पहले किसी एक्सपर्ट से सलाह लें.)

