आप भी तो नहीं ले रहे वेट लॉस वाली पिल्स या इंजेक्शन, एक्सपर्ट्स ने बताए कैसे शरीर को खोखला कर रहीं ये दवाएं
आजकल लोग जल्दी नतीजे पाने के लिए डॉक्टर से सलाह लिए बिना वेट लॉस पिल्स या इंजेक्शन का सहारा ले रहे हैं, जो खतरनाक है...

Published : December 13, 2025 at 1:45 PM IST
आजकल, बिजी और अनहेल्दी लाइफस्टाइल की वजह से बहुत से लोग मोटापे के शिकार हो रहे हैं. अगर एक बार वजन बढ़ जाए तो इसे कम करना बहुत चुनौती भरा हो जाता है. ऐसी स्थितियों में, बहुत से लोग सोशल मीडिया या दोस्तों से प्रभावित होकर, डॉक्टर से सलाह लिए बिना जल्दी नतीजों की उम्मीद में वजन कम करने वाली दवाइयों का सहारा लेने लगते हैं. लेकिन, कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि वजन कम करने के ये शॉर्टकट तरीके आपको जल्दी पतला तो दिखा सकते हैं, लेकिन ये आपके शरीर को अंदर से कमजोर भी कर सकते हैं. एक्सपर्ट्स ऐसे लोगों को चेतावनी देते हैं कि वे वजन कम करने वाली दवाइयां लेने से बचें या वे इन दवाइयों को सिर्फ अपने डॉक्टर की सलाह पर ही लें. आइए इस आर्टिकल में तेजी से वजन कम करने वाली दवाओं के साइड इफेक्ट्स के बारे में विस्तार से जानें..
तेजी से वजन कम करने वाली दवाएं कैसे काम करती हैं?
बाजार में मिलने वाली कुछ पॉपुलर वजन कम करने वाली दवाएं (जैसे GLP-1-बेस्ड इंजेक्शन या गोलियां) शरीर में उन हार्मोन्स को एक्टिवेट करती हैं जो भूख को कंट्रोल करते हैं और डाइजेशन को धीमा करते हैं. नतीजतन, कम खाने के बाद भी आपको जल्दी पेट भरा हुआ और संतुष्ट महसूस होता है, जिससे तेजी से वजन कम होता है. लेकिन, ये दवाएं आमतौर पर डॉक्टर सिर्फ डायबिटीज, मोटापा या दिल की बीमारी जैसी गंभीर बीमारियों वाले मरीजों को ही देते हैं. खतरा तब होता है जब कोई स्वस्थ या ज्यादा वजन वाला व्यक्ति तेजी से वजन कम करने के लिए इनका इस्तेमाल ज्यादा करना शुरू कर देता है.
तेजी से वजन कम करने वाली दवाओं के क्या साइड इफेक्ट हैं?
हावर्ड हेल्थ के अनुसार, इन दवाओं का सबसे बड़ा और चिंताजनक साइड इफेक्ट मांसपेशियों में कमजोरी है. जब आपका वजन तेजी से कम होता है, तो न सिर्फ शरीर की चर्बी कम होती है, बल्कि जरूरी मांसपेशियों के टिशू भी टूटने लगते हैं. मांसपेशियों के इस नुकसान से शरीर ढीला और लटका हुआ हो जाता है. कई मामलों में, इसे "ओजेम्पिक बट" कहा जाता है क्योंकि इसमें कूल्हों और जांघों की मांसपेशियों में कमी आती है. मांसपेशियों की कमजोरी से शरीर में कमजोरी महसूस होती है. थोड़ी सी भी मेहनत से थकान हो सकती है, और इससे बैलेंस भी बिगड़ सकता है.
एक्सपर्ट्स यह भी बताते हैं कि मांसपेशियों के कमजोर होने के अलावा, इन दवाओं के कई दूसरे आम साइड इफेक्ट भी हैं, जैसे मतली और उल्टी, कब्ज और पाचन संबंधी समस्याएं, चक्कर आना और बहुत ज्यादा थकाक और कमजोरी महसूस होना. इन दवाओं के लंबे समय तक इस्तेमाल से इम्यून सिस्टम कमजोर हो सकता है, बुढ़ापे में मांसपेशियों की ताकत, संतुलन और लचीलापन कम होने से एक्सरसाइज करने की क्षमता घट सकती है. जिससे संतुलन बनाना मुश्किल हो सकता है.
इन बातों का जरूर रखें ध्यान
- यह दवा ऑनलाइन या डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के बिना लेना सेहत के लिए बहुत बड़ा खतरा है. इसलिए, डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के बिना कोई भी वजन कम करने वाली दवा न लें. डॉक्टरी सलाह बहुत जरूरी है.
- अपनी रोजाना की डाइट में पर्याप्त प्रोटीन शामिल करें, जो मांसपेशियों को बनाए रखने में मदद करता है.
- हफ्ते में कम से कम 3 से 4 बार वेट ट्रेनिंग या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें.
- दवा को कभी भी वजन कम करने का फैशन या "शॉर्टकट" न समझें. सही डाइट और लाइफस्टाइल पर भरोसा करें.
- याद रखें, आपका असली लक्ष्य हेल्दी तरीके से वजन कम करना होना चाहिए. जल्दी वजन कम करने के लालच से बचें, क्योंकि यह आपकी पूरी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है.
(डिस्क्लेमर- इस रिपोर्ट में आपको दी गई सभी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और सलाह केवल आपकी सामान्य जानकारी के लिए है. हम यह जानकारी वैज्ञानिक अनुसंधान, अध्ययन, चिकित्सा और स्वास्थ्य पेशेवर सलाह के आधार पर प्रदान करते हैं. आपको इसके बारे में विस्तार से जानना चाहिए और इस विधि या प्रक्रिया को अपनाने से पहले अपने निजी चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए.)

