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क्या दिन में बहुत ज्यादा नींद आना हाई ब्लड प्रेशर का चेतावनी संकेत हो सकता है? जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट

दिन में बहुत ज्यादा नींद आना हाई ब्लड प्रेशर का संकेत हो सकता है, खासकर तब जब आपको रात में भी सोने में परेशानी होती...

Could excessive daytime sleepiness be a warning sign of high blood pressure?
क्या दिन में बहुत ज्यादा नींद आना हाई ब्लड प्रेशर का चेतावनी संकेत हो सकता है? (GETTY IMAGES)
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By ETV Bharat Health Team

Published : June 19, 2026 at 2:53 PM IST

5 Min Read
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दिन में बहुत ज्यादा नींद आना और रात में सोने में परेशानी होना, हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) के बढ़ते जोखिम के संकेत हो सकते हैं. इस समस्या से दिल की बीमारियों, जैसे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है. पेन स्टेट कॉलेज ऑफ मेडिसिन की एक नई स्टडी में पाया गया है कि जिन वयस्कों को दिन में बहुत ज्यादा नींद आती है, उनमें हाइपरटेंशन होने या भविष्य में इसके विकसित होने की संभावना ज्यादा होती है.

रिसर्चर्स ने 1,700 से ज्यादा ऐसे वयस्कों के डेटा का विश्लेषण किया, जिन्हें दिन में बहुत ज्यादा नींद आने की शिकायत थी और जिनकी रात भर नींद की जांच (पॉलीसोम्नोग्राफी) की गई थी. नतीजों से पता चला कि जिन लोगों को दिन में बहुत ज्यादा नींद आती थी, उनमें पहले से हाई ब्लड प्रेशर होने की संभावना 52 फीसदी ज्यादा थी और भविष्य में इसके होने का जोखिम 74 फीसदी ज्यादा था. इसके अलावा, जिन लोगों को रात में सोने में 30 मिनट या उससे ज्यादा समय लगता था और जिन्हें दिन में भी नींद आती थी, उनमें हाई ब्लड प्रेशर होने का रिस्क दोगुना था, जबकि बाद में इसके होने का रिस्क तीन गुना था.

पेन स्टेट कॉलेज ऑफ मेडिसिन (हर्शी, पेन्सिलवेनिया) में स्लीप रिसर्च एंड ट्रीटमेंट सेंटर के डायरेक्टर और मुख्य लेखक डॉ. एलेक्जेंड्रोस वगोंट्जस ने बताया कि जो वयस्क दिन में बहुत ज्यादा नींद महसूस करते हैं और जिन्हें देर से नींद आती है, वे दिल की बीमारियों के जोखिम वाले एक अलग ग्रुप में आते हैं. लेखकों का कहना है कि इन नतीजों से पता चलता है कि दिन में असामान्य रूप से नींद महसूस करने वाले मरीजों की जांच करते समय डॉक्टरों को सिर्फ 'स्लीप एपनिया' से आगे भी सोचना चाहिए.

ये नतीजे 17 जून को बाल्टीमोर में 'एसोसिएटेड प्रोफेशनल स्लीप सोसाइटीज' की एक मीटिंग में पेश किए गए थे. इन्हें 'स्लीप' जर्नल के एक स्पेशल इश्यू में भी छापा गया था.

हाई ब्लड प्रेशर को खतरनाक स्थिति क्यों माना जाता है?

मायो क्लिनिक के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) खतरनाक होता है क्योंकि यह आपके दिल पर ज्यादा जोर डालता है और धीरे-धीरे धमनियों को नुकसान पहुंचाता है. इसे अक्सर 'साइलेंट किलर' कहा जाता है क्योंकि इसके कोई लक्षण नहीं दिखते, लेकिन यह हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी फेलियर जैसी जानलेवा समस्याओं का खतरा काफी बढ़ा देता है. यह स्थिति आपकी सेहत के लिए कई तरह से खतरनाक है. जैसे कि...

  • हाई ब्लड प्रेशर धमनियों की दीवारों पर लगातार और बहुत ज्यादा दबाव डालता है, जिससे वे सख्त और कम लचीली हो जाती हैं और उन पर निशान पड़ जाते हैं. इससे फैटी प्लाक (एथेरोस्क्लेरोसिस) के जमा होने के लिए अनुकूल हालात बनते हैं, जिससे पूरे शरीर में जरूरी ब्लड फ्लो में रुकावट आती है.
  • दिल की मांसपेशियों पर लंबे समय तक तनाव (हाई BP या स्ट्रेस) रहने से वे मोटी और सख्त हो जाती हैं, जिससे दिल कमजोर हो जाता है और हार्ट फेलियर होता है. वहीं, कोरोनरी आर्टरीज में ब्लॉकेज (फैटया कोलेस्ट्रॉल का जमाव) होने से दिल को पर्याप्त खून नहीं मिल पाता, जिससे सीने में दर्द (एनजाइना) या दिल की धड़कन अनियमित हो जाती है.
  • हाई ब्लड प्रेशर की वजह से दिमाग की नसें कमजोर होकर फट सकती हैं या उनमें रुकावट आ सकती है, जिससे सीधे स्ट्रोक हो सकता है. लंबे समय तक तनाव रहने से वैस्कुलर डिमेंशिया और सोचने-समझने से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं.
  • हाई ब्लड प्रेशर किडनी के नाजुक फिल्टरिंग सिस्टम को खराब कर देता है, जिससे आगे चलकर किडनी हमेशा के लिए काम करना बंद कर सकती है (किडनी फेलियर).
  • हाई ब्लड प्रेशर आंखों की छोटी नसों पर दबाव डाल सकता है, जिससे हमेशा के लिए अंधापन हो सकता है और शरीर के दूसरे हिस्सों में खून का बहाव रुक सकता है.

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी हेल्थ जानकारी और सुझाव सिर्फ आपकी समझ के लिए हैं. यह जानकारी साइंटिफिक रिसर्च, स्टडीज और मेडिकल और हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह के आधार पर दी जा रही है. हालांकि, इन टिप्स को फॉलो करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लेना सबसे अच्छा है.

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