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अभिजीत दिपके को हुआ टाइफाइड, वीडियो जारी कर दी जानकारी, Typhoid होने पर शरीर में दिखाई देने लगते हैं ये गंभीर लक्षण

कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो मैसेज के जरिए बताया है कि उन्हें टाइफाइड हो गया है...

Abhijit Dipke contracts typhoid; shares the news via a video and describes symptoms, including fever.
अभिजीत दिपके ((प्रतीकात्मक फोटो- cockroachjantaparty.org and @abhijeet_dipke))
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By ETV Bharat Health Team

Published : July 25, 2026 at 4:25 PM IST

6 Min Read
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'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के फाउंडर और प्रेसिडेंट अभिजीत दिपके ने खुद सोशल मीडिया पर एक वीडियो मैसेज के जरिए कन्फर्म किया है कि उन्हें टाइफाइड हो गया है. उन्होंने बताया कि वह पिछले कुछ दिनों से बीमार थे और टेस्ट रिजल्ट के बाद उन्हें टाइफाइड होने का पता चला है. अभी दिपके का मेडिकल ट्रीटमेंट चल रहा है जिसमें इंट्रावीनस (IV) दवा दी जा रही है. इस वीडियो मैसेज के जरिए अभिजीत दिपके ने यह भी बताया कि टाइफॉइड की वजह से उन्हें बुखार के साथ-साथ शरीर में कई और लक्षण भी महसूस हो रहे हैं. इस रिपोर्ट में जानिए कि टाइफॉइड क्या है, साथ ही इसके लक्षण और इलाज के बारे में भी जानें...

टाइफाइड क्या है?
टाइफाइड एक गंभीर जानलेवा बैक्टीरियल इन्फेक्शन है जो 'साल्मोनेला टाइफी' (Salmonella typhi) नाम के बैक्टीरिया से होता है. यह आमतौर पर दूषित भोजन या पानी से फैलता है। एक बार जब साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया शरीर में पहुंच जाते हैं, तो वे अपनी संख्या बढ़ाते हैं और खून के बहाव (ब्लडस्ट्रीम) में फैल जाते हैं. टाइफाइड बुखार को एंटरिक फीवर भी कहा जाता है. इसमें तेज बुखार होता है जो हफ्तों तक रह सकता है, साथ ही पेट दर्द, दस्त और उल्टी जैसी समस्याएं भी होती हैं. इलाज न कराने पर यह गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है.

टाइफाइड कैसे फैलता है?
माई क्लीवलैंड क्लिनिक अनुसार, टाइफाइड बुखार मुख्य रूप से गंदे पानी, गंदे खाने और इन्फेक्टेड व्यक्ति के मल के संपर्क में आने से फैलता है. यह साल्मोनेला टाइफी (S. टाइफी) बैक्टीरिया की वजह से होता है. ये बैक्टीरिया इन्फेक्टेड व्यक्ति की आंतों में रहते हैं. ये बिना कोई लक्षण दिखाए गॉलब्लैडर में भी रह सकते हैं. इसका मतलब है कि बेहतर महसूस करने के बाद भी इन्फेक्टेड व्यक्ति दूसरों को इन्फेक्शन फैला सकते हैं.

टाइफाइड बुखार आमतौर पर S. टाइफी से दूषित खाने या पानी से फैलता है. ऐसा तब हो सकता है जब...

  • टाइफाइड से पीड़ित व्यक्ति बिना हाथ धोए आपके खाने या पीने की चीजों को छूता है.
  • खराब पानी (जिसमें मल या पेशाब के निशान हों) आपके पीने के पानी या खाने में मिल जाता है.
  • यह तब भी हो सकता है जब टाइफाइड वाला व्यक्ति टॉयलेट इस्तेमाल करने के बाद अपने हाथ नहीं धोता और फिर आस-पास की चीजों (जैसे फोन या दरवाजे का हैंडल) को छूता है. बैक्टीरिया इन सतहों पर रह सकते हैं, और उन्हें छूने वाले किसी भी व्यक्ति को इन्फेक्ट कर सकते हैं.

मानसून में टाइफाइड कैसे फैलता है
मानसून के मौसम में, टाइफाइड बैक्टीरिया से खराब खाने और पानी से तेजी से फैलता है. जब कोई व्यक्ति टाइफाइड से खराब खाना या पानी पीता है, तो बैक्टीरिया पाचन तंत्र पर हमला करते हैं. इस स्थिति में लगातार तेज बुखार और बहुत ज्यादा कमजोरी होती है. पाचन तंत्र में गंभीर सूजन से पेट में दर्द होता है. सही इलाज के लिए टाइफाइड का शुरुआती स्टेज में पता लगाना बहुत जरूरी है.

टाइफाइड बुखार के लक्षण
WHO के मुताबिक, टाइफाइड के लक्षण कुछ हफ्तों में दिख सकते हैं. इनमें शामिल हैं...

  • बुखार जो कई दिनों में धीरे-धीरे बढ़ता है
  • सिरदर्द
  • ठंड लगना
  • भूख न लगना
  • पेट (पेट) में दर्द
  • रैश, या हल्के गुलाबी धब्बे, जो आमतौर पर आपकी छाती या पेट पर होते हैं , ये गहरे रंग की स्किन पर देखना मुश्किल हो सकता है
  • खांसी
  • मांसपेशियों में दर्द
  • मतली, उल्टी
  • दस्त या कब्ज
  • बुखार अक्सर पहला लक्षण होता है. यह बिना इलाज के कई हफ्तों तक रह सकता है.

कॉम्प्लीकेशंस
अगर आपका एंटीबायोटिक्स से इलाज नहीं किया जाता है, तो टाइफाइड से ऑर्गन को गंभीर नुकसान हो सकता है। यह आमतौर पर लक्षण दिखने के एक या दो हफ्ते बाद होता है

कॉम्लीकेशंस में शामिल हैं..

  • ब्रोंकाइटिस, निमोनिया या सांस की दूसरी दिक्कतें
  • हड्डियों में सूजन (ऑस्टियोमाइलाइटिस)
  • दिल में सूजन
  • आपकी आंतों में छेद (परफोरेशन)
  • आपके दिमाग में और उसके आस-पास सूजन (एन्सेफेलाइटिस या मेनिनजाइटिस), जिससे कन्फ्यूजन, डिलिरियम और दौरे पड़ सकते हैं
  • अंदरूनी ब्लीडिंग
  • किडनी फेलियर
  • गालब्लैडर में सूजन या फटना
  • अगर आप प्रेग्नेंट हैं और आपको टाइफाइड है, तो इससे मिसकैरेज हो सकता है.

बैक्टीरियल इन्फेक्शन के इलाज के लिए पेनकिलर और पैरासिटामोल क्यों सही नहीं हैं
बैक्टीरियल इन्फेक्शन के शुरुआती इलाज के लिए पेनकिलर और पैरासिटामोल सही नहीं हैं क्योंकि इनमें एंटीबैक्टीरियल गुण नहीं होते. ये दवाएं शरीर में केमिकल सिग्नल को रोककर सिर्फ दर्द और बुखार जैसे लक्षणों को कम करती हैं, जिससे जीवित बैक्टीरिया को पनपने का मौका मिल जाता है. सही दवा के बिना सिर्फ इन पर निर्भर रहने से इन्फेक्शन और गंभीर हो सकता है.

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी हेल्थ जानकारी और सुझाव सिर्फ आपकी समझ के लिए हैं. यह जानकारी साइंटिफिक रिसर्च, स्टडीज और मेडिकल और हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह के आधार पर दी जा रही है. हालांकि, इन टिप्स को फॉलो करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लेना सबसे अच्छा है.)

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