'मैं वापस आऊंगा' स्टार वेदांग रैना-शरवरी वाघ ने रणवीर सिंह की दमदार एक्टिंग के बारे में कही बड़ी बात, जानें
धुरंधर बॉलवीुड की दूसरी सबसे कमाऊ फिल्म साबित हुई है और लिस्ट में शाहरुख-सलमान भी पीछे हैं.

By ETV Bharat Entertainment Team
Published : June 16, 2026 at 5:04 PM IST
हैदराबाद: अभिनेता रणवीर सिंह एक बार फिर अपने किरदारों में पूरी तरह ढल जाने की क्षमता को लेकर चर्चा में हैं. अभिनेता वेदांग रैना और शरवरी वाघ ने उनकी बहुमुखी प्रतिभा और किरदारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की खुलकर तारीफ की है.
यह सराहना ऐसे समय में आई है, जब रणवीर धुरंधर फ्रेंचाइजी में अपने लुक और दमदार परफॉर्मेंस को लेकर लगातार तारीफें बटोर रहे हैं. अपने शारीरिक हावभाव, बोलने के अंदाज और व्यक्तित्व को पूरी तरह बदल लेने की उनकी क्षमता इस किरदार की सबसे बड़ी खासियत बन गई है. कई लोग उनकी हालिया परफॉर्मेंस को किरदार में पूरी तरह डूब जाने का बेहतरीन उदाहरण मान रहे हैं.
जब शरवरी और वेदांग से पूछा गया कि कौन सा अभिनेता किसी भी किरदार में पूरी तरह ढल सकता है, तो दोनों ने एकमत होकर रणवीर सिंह का नाम लिया. शरवरी ने कहा, “मुझे लगता है कि रणवीर खुद को पूरी तरह बदल लेते हैं. उनके लुक से लेकर बोलने के तरीके तक सब कुछ बदल जाता है. कई किरदारों में तो उन्हें पहचानना भी मुश्किल हो जाता है। मुझे यही सबसे खास लगता है.”
वहीं वेदांग ने भी उनकी तारीफ करते हुए कहा, “उन्होंने साबित किया है कि वह बेहद वर्सेटाइल अभिनेता हैं. भारतीय सिनेमा के सबसे बदलाव करने वाले कलाकारों में रणवीर की पहचान समय के साथ और मजबूत हुई है. चाहे लुक हो, एक्सेंट, बॉडी लैंग्वेज या स्क्रीन प्रेजेंस, उन्होंने बार-बार दिखाया है कि वह हर किरदार में खुद को पूरी तरह ढाल सकते हैं.
अपनी परफॉर्मेंस के लिए मिली सराहना के अलावा रणवीर ने एक बड़ी व्यावसायिक उपलब्धि भी हासिल की है. धुरंधर: द रिवेंज की सफलता के साथ वह हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के ₹1000 करोड़ नेट फ्रेंचाइजी क्लब के संस्थापक बन गए हैं, जिससे देश के सबसे बड़े सितारों में उनकी जगह और मजबूत हुई है. बॉक्स ऑफिस पर सफलता और दमदार अभिनय के इस मेल ने उन्हें ऐसे अभिनेता के रूप में स्थापित किया है , जो बड़े पैमाने की लोकप्रियता और शानदार अभिनय, दोनों को साथ लेकर चलते हैं.
शरवरी और वेदांग की यह ताजा तारीफ भी रणवीर की उस खास क्षमता को और मजबूत करती है, जिसके चलते उनका हर किरदार एक-दूसरे से अलग और यादगार नजर आता है। यही बात उन्हें भारतीय सिनेमा में सबसे अलग बनाती है.

