Interview: ऋतिक-शाहरुख से सीखते हैं एक्टिंग, यश के साथ किया खतरनाक अंडरवॉटर सीन, जानिए कौन हैं कबीर पाहवा
बाल कलाकार कबीर पाहवा, जिन्होंने 'टॉक्सिक' में 'टिकट' का किरदार निभाया है. ने ईटीवी भारत के साथ अपने फिल्मी करियर पर खास बातचीत की है.

By Seema Sinha
Published : August 31, 2026 at 7:34 PM IST
नौ साल के बाल कलाकार कबीर पाहवा ने कन्नड़ सुपरस्टार यश की फिल्म 'टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स' में यश के किरदार 'टिकट' के बचपन का रोल निभाकर अपनी पहचान बनाई है. फिल्म में उनकी एक्टिंग को देख लोगों ने काफी सराहना की. इस दौरान कबीर ने अपने दो साल पुराने ऑडिशन के बारे में चर्चा दी और बताया कि कैसे उन्होंने इस भूमिका के लिए ऑडिशन दिया था और अपनी दमदार परफॉर्मेंस से निर्देशक गीतू मोहनदास और उनकी टीम को हैरान कर दिया था.
कबीर बताते हैं कि उस समय वह सिर्फ सात साल के थे. ऑडिशन के दौरान उन्हें हॉलीवुड की एक फिल्म का लंबा और भावुक सीन करने के लिए दिया गया था. यह सीन एक ऐसे बेटे पर आधारित था, जिसे युद्ध में अपने पिता के घायल होने और मौत की खबर फोन पर मिलती है.
कबीर पहवा ने कहा, "मुझे एक बेबस बेटे का रोल करना था और यह सुनकर रोना था कि मेरे 'पिता' मर रहे हैं. डायरेक्टर को मेरी परफॉर्मेंस बहुत पसंद आई और फिर मुझे टॉक्सिक का एक सीन दिया गया." गुरुग्राम के रहने वाले कबीर पाहवा इससे पहले 'शास्त्री विरुद्ध शास्त्री', 'ओपियम', 'राख' जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम कर चुके हैं. हालांकि, वह टॉक्सिक को अपने करियर का सबसे अहम प्रोजेक्ट मानते हैं.
पाहवा कहते हैं, "मेरी परफॉर्मेंस की तारीफ हो रही है. लोगों का रिस्पॉन्स वाकई बहुत अच्छा रहा है." 'टॉक्सिक' का ट्रेलर रिलीज होते ही उन पर लोगों का ध्यान गया था. वे कहते हैं, "कई लोगों ने मुझसे कहा कि मेरी परफॉर्मेंस देखकर उनके रोंगटे खड़े हो गए. कुछ लोगों ने कहा कि मैं बहुत नैचुरल लग रहा था, कुछ ने कहा कि मैं डरावना लग रहा था, लेकिन ज्यादातर लोगों को लगा कि मैंने अच्छा काम किया है." वे आगे कहते हैं, "मुझे कोई भी सीन करने में डर नहीं लगा, मैं बस दर्शकों की उम्मीदों पर खरा उतरना चाहता था."
चूंकि, टॉक्सिक को सेंसर बोर्ड से ए सर्टिफिकेट मिला है, इसलिए उन्होंने यह फिल्म नहीं देख पाए. लेकिन उनका कहना है कि डूबने वाला सीन उनका पसंदीदा है और उनके 'पसंदीदा' एक्टर यश ने इस सीन के दौरान उन्हें पूरा सपोर्ट किया और उनकी सुरक्षा का खास ध्यान रखा.
कबीर पाहवा ने मुश्किल फिल्मिंग प्रोसेस के दौरान गाइड करने और अपनी सुरक्षा पक्की करने का श्रेय स्टार यश और डायरेक्टर गीतू मोहनदास को दिया. कबीर पाहवा ने कहा, "गीतू मैम हर चीज में परफेक्शन चाहती हैं. मुझे अपना बेस्ट देना था. उनकी तरफ से यही निर्देश था कि सब कुछ परफेक्ट हो और मैं अपना बेस्ट दूं."
कबीर ने फिल्म में अपने सबसे अपने फेवरेट सीन के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा, "कार में डूबने वाला सीन मेरा फेवरेट सीन है. मैंने इसके लिए चार महीने तक स्विमिंग क्लास ली. पानी के अंदर शूटिंग करना मेरे लिए बहुत अच्छा एक्सपीरियंस था. मैंने अपना बेस्ट देने देने की कोशिश की."
यश के सपोर्ट के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, "फिल्म की शूटिंग के दौरान यश सर ने मुझे बहुत सहज महसूस कराया. उन्होंने स्योर किया कि मैं सुरक्षित रूप से पानी के अंदर जाऊं और मुझे कुछ न हो. मेरे लिए हीटर का इंतजाम किया गया था. दो स्पॉट बॉय और टीम के दूसरे सदस्य थे, जो मेरा ध्यान रख रहे थे. पानी के अंदर तैरना काफी चैलेंजिंग था. एक और चुनौती थी अपनी आंखें खुली रखना.'
कबीर ने साल 2023 में रिलीज हुई फैमिली ड्रामा फिल्म 'शास्त्री विरुद्ध शास्त्री' से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी. फिल्म में उन्होंने सात साल के यमन शास्त्री का किरदार निभाया था. यमन अपने दादा-दादी के साथ रहता है और उसके माता-पिता उससे मिलने वीकेंड पर आते हैं. कहानी में तब बदलाव आता है, जब यमन के पिता को अमेरिका में बसने का मौका मिलता है, लेकिन परेश रावल द्वारा निभाया गया 'गुरुजी' यमन को अपने से दूर भेजने के लिए तैयार नहीं होता.
कबीर बताते हैं, "मुझे इस फिल्म में काम करने का अनुभव बहुत पसंद आया. इसी के बाद मैंने तय किया कि मैं आगे भी अभिनय जारी रखना चाहता हूं." इसके बाद उन्होंने 'ओपियम' में काम किया, जो अभी रिलीज नहीं हुई है. यह पांच अलग-अलग कहानियों वाली एंथोलॉजी है, जिन्हें धर्म और आस्था की थीम जोड़ती है. इनमें से एक कहानी में कबीर ने मोहम्मद नाम के एक गरीब मुस्लिम बच्चे की भूमिका निभाई है, जो अपने हिंदू दोस्त के लिए गाय का गोबर ढूंढने की कोशिश करता है. इसके अलावा कबीर 2026 की क्राइम थ्रिलर वेब सीरीज राख में भी नजर आए हैं.
कबीर के मुताबिक, पिछले दो सालों में उनका ज्यादातर ध्यान टॉक्सिक पर ही रहा. वह कहते हैं, "मेरे कुछ प्रोजेक्ट्स शूट हो चुके थे और मैं उनके रिलीज होने का इंतजार कर रहा था. पिछले दो सालों में मैंने सिर्फ टॉक्सिक पर फोकस किया. इस फिल्म के लिए मैंने काफी काम किया."
अब कबीर अपनी हॉलीवुड शॉर्ट फिल्म 'हू आर यू, नानू?' को लेकर बेहद उत्साहित हैं. इस फिल्म की पूरी शूटिंग वाराणसी में हुई है. फिल्म की कहानी नौ साल की इशा के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने नाना के अंतिम संस्कार के बाद गंगा के किनारे पहुंचती है. वहां उसकी मुलाकात अपने नाना के सात साल के शरारती और जिंदादिल भूत से होती है. इसके बाद वह मौत के बाद की दुनिया की एक अनोखी यात्रा से गुजरती है.
कबीर फिल्म के बारे में बताते हैं, "यह बहुत अच्छी फिल्म है. इसमें मैं 91 साल के एक ऐसे दादा का सात साल का भूत बना हूं, जिनकी मौत हो चुकी है. मेरा किरदार अपनी पोती के साथ खूब मस्ती करता है और फिर शाम को गायब हो जाता है."
कबीर ने अपने भविष्य को लेकर भी काफी कुछ सोच रखा है. उनका कहना है कि वे जिंदगी भर एक्टर बने रहना चाहते हैं. वह कहते हैं, "मैंने अपना दिल एक्टिंग में लगा दिया है. किसी दूसरे प्रोफेशन में मेरी उतनी दिलचस्पी नहीं है. हो सकता है कि मेरा कोई दूसरा करियर भी हो, लेकिन मेरी पहली पसंद हमेशा एक्टिंग रहेगी."
कबीर ने अपनी लाइफ में दूसरा ऑप्शन भी रखा है. उन्होंने सोच रखा है कि अगर वह एक्टर नहीं बन पाए तो फिल्म मेकिंग या यूट्यूब की ओर जा सकते हैं. वह कहते हैं, "अगर मैं एक्टर नहीं बन पाया तो शायद अपना यूट्यूब चैनल शुरू करूं या फिल्ममेकर बन जाऊं. कौन जानता है? मैं किसी न किसी तरह फिल्म बनाने के काम से जुड़ा रहना चाहता हूं."

