इम्तियाज अली बर्थडे: 'जब वी मेट' से 'रॉकस्टार' तक, घर क्यों छोड़ जाता है डायरेक्टर का हीरो? जानें असल वजह
इम्तियाज ने साल 2005 में अपने फिल्म निर्देशन की शुरुआत रोमांटिक कॉमेडी फिल्म सोचा ना था से की थी.

By ETV Bharat Entertainment Team
Published : June 16, 2026 at 3:28 PM IST
हैदराबाद: इम्तियाज अली एक सॉफ्ट, इमोशनल, तड़पन और ट्रैवलिंग लव स्टोरी बनाने के लिए जाने जाते हैं. इम्तियाज की लव स्टोरी फिल्में अलग ही दुनिया की सैर कराती है. एक ऐसी दुनिया जहां उनके हर लीड हीरो-हीरोइन से लोग खुद को रिलेट करने लगते हैं. इम्तियाज की फिल्मों के हीरो की दास्तां भी बड़ी अजीब होती है. जिदंगी की उलझन, बरोजगारी की मार, प्यार में टूटा और डूबा इम्तियाज का लीड हीरो घर से बाहर की दुनिया में घूमता नजर आता है. ऐसे में हम जानेंगे उनके ऐसी फिल्मों के बनाने की क्या वजह है. आज 16 जून को शानदार फिल्मों का एक्सपीरियंस देने वाले इस डायरेक्टर का 55वां बर्थडे है. इस मौके पर जानेंगे कि इम्तियाज का हीरो आखिर घर की दुनिया से क्यों दूर भागता है और वह इस किरदार को इतनी तवज्जों क्यों देते हैं.
जब वी मेट
इम्तियाज ने साल 2005 में अपने फिल्म निर्देशन की शुरुआत रोमांटिक कॉमेडी फिल्म सोचा ना था से की थी. वहीं, साल 2007 में आई उनकी रोमांटिक कॉमेडी फिल्म जब वी मेट ने उन्हें रातों-रात इंडस्ट्री में चमका दिया था. जब वी मेट की लीड स्टारकास्ट शाहिद कपूर और करीना कपूर दोनों ही घर से भागे हुए थे. गीत के किरदार में करीना और आदित्य कश्यप के रोल में शाहिद कपूर ने दर्शकों का खूब दिल जीता था. इम्तियाज अली की फिल्मों में उनकी लीड स्टार का घर छोड़ना सिर्फ घर छोड़ना नहीं, बल्कि थकी हुई और उबाऊ जिंदगी से आजाद होना था. यही वजह है कि इम्तियाज अली का हीरो चार दिवारी तक सीमित नहीं है. कह सकते हैं कि यह उनकी फिल्मों का टाइप या सिग्नेचर स्टाइल है. फिल्म जब वी मेट में भी उनकी लीड स्टारकास्ट दुनिया से आजाद नजर आती है.
रॉकस्टार
इम्तियाज अली की बेस्ट फिल्मों में रॉकस्टार टॉप लिस्ट में आती है. रॉकस्टार में रणबीर कपूर को उन्होंने जनार्दन जाखड़ नाम का एक सीधा साधा लड़का पेश किया और जब उसका दिल टूटता है तो उसके अंदर का कलाकार जाग उठता है. ऐसे में जनार्दन का घर से निकलना और दर-दर भटकना ही उसे रॉकस्टार बनाता है. घर की सुख सुविधाओं से दूर होकर वह सूफी-संतों की बीच रहने लगता है. इम्तियाज की यह कहानी बताती है कि खुद को अंदर से जानने के लिए घर की चार दिवारी तोड़ना कितना जरूरी है.
हाईवे
इम्तियाज अली ने फिल्म हाईवे में आलिया भट्ट को भी खानाबदोश वाली जिंदगी का एहसास कराया. आलिया जो फिल्म में वीरा के रोल में दिखी खुले आसमान के नीचे अपनी जिंदगी को जीती है. वह अपनी शादी से पहले ही किडनैप हो जाती है, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि वह किडनैप होकर भी अपने आलीशान महल की जिंदगी से खुद को आजाद महसूस करती है. किडनैप होकर भी वह खुद को आजाद पाती है. वीरा घर में खुद को कैद मानती है और फिर किडनैप होने के बाद खुद को आजाद समझने की सोच में जिंदादिल लड़की बन जाती है.
तमाशा
रॉकस्टार के बाद इम्तियाज अली ने एक बार रणबीर कपूर को आजाद जिंदगी का एहसास दिलाया फिल्म तमाशा से. फिल्म में दीपिका पादुकोण भी थी. रणबीर के किरदार का नाम वेद है, जिसे बचपन से ही कहानियों का बड़ा शौक है. मगर सामाजिक दवाब उसे 9 टू 5 वाली जॉब का रोबोट बना देता है, लेकिन वेद जल्द ही इस दुनिया से निकल कोर्सिका नामक जगह चला जाता है, जहां उसे जिंदगी की असली आजादी का एहसास होता है.
इम्तियाज अली ने फिल्मों का ये टाइप क्यों चुना?
इम्तियाज अली अपने कई इंटरव्यू में इस बात का खुलासा कर चुके हैं. डायरेक्टर का कहना है कि असल लाइफ में उन्हें घूमना और नए-नए लोगों से मिलना बहुत पसंद है. उनका कहना है कि जब इंसान अपने कंफर्ट जोन से बाहर आता है, तभी कुछ लाइफ में कर पाता है और उसका असली इम्तिहान तभी शुरू होता है. डायरेक्टर की मानें तो अंजान रास्ते इंसान को उनकी असली ताकत और कमजोरियों का एहसास दिलाते हैं. इसलिए इम्तियाज अली का एक्टर घर को छोड़ता है, ताकि वह अपनी जिंदगी की असलियत को महसूस कर सके. यही वजह है कि उनकी फिल्में देखने के बाद लोग पहाड़ों की ओर रुख करने चले जाते हैं.

