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भोजपुरी से साउथ की फिल्मों तक धमाल मचाने के बाद अब करेंगे बॉलीवुड में डेब्यू, जानें कौन हैं बिहार के पंकज केसरी

भोजपुरी सिनेमा से साउथ की फिल्मों तक अपना जलवा दिखाने वाले अभिनेता पंकज केसरी अब बॉलीवुड में डेब्यू कर रहे हैं. यहां देखें विशेष बातचीत.

Bhojpuri actor Pankaj Kesari
अभिनेता पंकज केसरी (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : June 23, 2026 at 4:24 PM IST

9 Min Read
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पटना: भोजपुरी सिनेमा से लेकर दक्षिण भारतीय फिल्मों तक अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराने वाले अभिनेता पंकज केसरी अब एक नई पारी की तैयारी में हैं. फिल्मों में बतौर हीरो और विलेन दर्शकों का मनोरंजन करने के बाद अब उनकी नजर समाज सेवा और राजनीति की ओर भी है. ईटीवी भारत से विशेष बातचीत में पंकज केसरी ने अपने संघर्ष, फिल्मी सफर, भोजपुरी सिनेमा की चुनौतियों से लेकर बॉलीवुड डेब्यू पर बात की.

पंकज केसरी के लिए आसान नहीं थी सफलता की राह: बिहार के आरा से ताल्लुक रखने वाले पंकज केसरी का कहना है कि सफलता की राह कभी आसान नहीं रही. संघर्ष, असफलता और चुनौतियां हर मोड़ पर मिलीं, लेकिन फिल्मों में कुछ अलग करने का जुनून हमेशा उनके साथ रहा. उन्होंने कहा कि आज लोग उन्हें सफल मानते हैं, लेकिन उनका मानना है कि संघर्ष अभी भी जारी है और सीखने की प्रक्रिया कभी खत्म नहीं होती.

पंकज केसरी से विशेष बातचीत (ETV Bharat)

पंकज केसरी का बॉलीवुड डेब्यू: साउथ की फिल्मों के साथ-साथ पंकज केसरी की नजर अब बॉलीवुड पर भी है. उन्होंने बताया कि दक्षिण भारतीय फिल्मों में उनके काम को देखकर उन्हें हिंदी फिल्मों के कई प्रस्ताव मिले. हालांकि उन्होंने हमेशा ऐसे किरदारों को प्राथमिकता दी जो कहानी में मजबूत भूमिका निभाते हों. इन दिनों वह ‘अगर मगर’ नाम की हॉरर-कॉमेडी फिल्म पर काम कर रहे हैं. इस फिल्म में श्रेयस तलपड़े, मिथुन चक्रवर्ती और संजय कपूर जैसे कलाकार भी नजर आएंगे. इसके अलावा कई अन्य हिंदी प्रोजेक्ट भी पाइपलाइन में हैं.

"अभी बॉलीवुड में ‘अगर मगर’ नाम की हॉरर-कॉमेडी फिल्म काम करने जा रहा हूं. ज्यादातर समय बाहर रहता हूं लेकिन आरा में मरी आत्मा है और पटना मातृभूमि. चाहे मैं दुनिया के किसी भी हिस्से में रहूं, इन दोनों शहरों से मेरा रिश्ता कभी नहीं टूट सकता. जब भी समय मिलता है, बिहार जरूर आता हूं और यहां के लोगों के बीच समय बिताता हूं."-पंकज केसरी, अभिनेता

पढ़ाई के साथ करते थे थिएटर: पंकज केसरी ने बताया कि अभिनय का बीज उनके भीतर स्कूल के दिनों में ही पड़ गया था. उस समय उनके पिता की पोस्टिंग पटना में थी और उन्हें थिएटर से जुड़ने का अवसर मिला. आगे की पढ़ाई के लिए वह मुंबई पहुंचे, जहां कंपनी सेक्रेटरी की पढ़ाई के साथ-साथ थिएटर में भी सक्रिय रहे. इसी दौरान एमटीवी के एक एंकरिंग शो के लिए ऑडिशन हुआ और उनका चयन हो गया. यहीं से मनोरंजन जगत में उनके करियर की शुरुआत हुई.

BHOJPURI ACTOR PANKAJ KESARI
अभिनेता पंकज केसरी करेंगे बॉलीवुड में डेब्यू (सौ. पंकज केसरी द्वारा उपलब्ध करायी गई तस्वीर)

भोजपुरी फिल्मों में रहा जलवा: उन्होंने बताया कि उनकी पहली भोजपुरी फिल्म ‘माई का बेटवा’ थी, जिसे दर्शकों का भरपूर प्यार मिला. इसके बाद ‘बकलोल दूल्हा’ में वह अभिनेत्री रानी चटर्जी के साथ मुख्य भूमिका में नजर आए. फिर ‘विधाता’ जैसी फिल्म आई, जिसमें रवि किशन और दिनेश लाल यादव निरहुआ जैसे बड़े कलाकार उनके साथ थे. इसके बाद आई ‘प्रतिज्ञा’, जिसे भोजपुरी सिनेमा की बड़ी हिट फिल्मों में गिना जाता है. इसी फिल्म का चर्चित गीत ‘लॉलीपॉप लागेलू’ भी काफी लोकप्रिय हुआ.

भोजपुरी फिल्मों को लेकर मन में उठे सवाल: पंकज केसरी बताते हैं कि उस दौर में उनका करियर लगातार आगे बढ़ रहा था और उन्हें एक के बाद एक फिल्में मिल रही थी. हालांकि, सफलता के बीच उन्हें भोजपुरी सिनेमा की बदलती दिशा परेशान करने लगी. उन्होंने कहा कि शुरुआत में एक कलाकार के रूप में उन्हें जो भूमिका और संवाद दिए जाते थे, वह उन्हें निभाते थे. लेकिन समय के साथ भोजपुरी फिल्मों और गीतों में बढ़ती अश्लीलता को लेकर उनके मन में सवाल उठने लगे. उन्होंने बताया कि उनके पिता अक्सर इस विषय पर आपत्ति जताते थे.

महिलाओं का सम्मान सर्वोपरि: जब उन्होंने निर्देशकों से फिल्मों और गीतों में बढ़ती अश्लीलता को लेकर चर्चा की तो जवाब मिलता था कि दर्शक यही देखना चाहते हैं. अभिनेत्री को इस संवाद से दिक्कत ही नहीं है तो तुम्हें दिक्कत क्यों. पंकज कहते हैं कि वह उस संस्कृति से आते हैं जहां भाभी और महिलाओं का सम्मान सर्वोपरि माना जाता है. ऐसे में कुछ गीतों और संवादों से वह सहज महसूस नहीं करते थे.

BHOJPURI ACTOR PANKAJ KESARI
भोजपुरी सिनेमा से की शुरुआत (सौ. पंकज केसरी द्वारा उपलब्ध करायी गई तस्वीर)

नहीं मिल रही थी रचनात्मक संतुष्टि: उन्होंने बताया कि इसके बाद उन्होंने साफ-सुथरी और पारिवारिक फिल्मों की तरफ रुख किया, लेकिन ऐसी फिल्मों को वैसी व्यावसायिक सफलता नहीं मिली जैसी अपेक्षा थी. कुछ फिल्में बुरी तरह फ्लॉप हुई. करीब 50 भोजपुरी फिल्मों में काम करने के बाद उन्हें लगने लगा कि उन्हें वह रचनात्मक संतुष्टि नहीं मिल रही, जिसकी तलाश थी. इसी सोच ने उन्हें भोजपुरी सिनेमा से बाहर निकलकर दूसरे फिल्म उद्योगों में अवसर तलाशने के लिए प्रेरित किया.

कैसे हुई साउथ फिल्मों में एंट्री: साउथ फिल्म इंडस्ट्री में उनके प्रवेश की कहानी भी काफी रोचक है. पंकज केसरी ने बताया कि हैदराबाद में एक भोजपुरी फिल्म की शूटिंग के दौरान उनकी मुलाकात दक्षिण भारत के एक बड़े निर्देशक से हुई. निर्देशक ने उनसे अंग्रेजी में पूछा कि क्या वह तेलुगु फिल्मों में काम करना चाहेंगे. पंकज ने बिना देर किए हामी भर दी. पढ़े-लिखे होने के कारण अंग्रेजी अच्छे से आई थी और डायरेक्टर से संवाद काफी अच्छे हुए. हालांकि तेलुगू भाषा उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती थी, लेकिन निर्देशक ने उन्हें तेलुगु संवाद रोमन लिपि में लिखकर दे दिए और अगले दिन ऑडिशन के लिए बुलाया.

पहली तेलुगु फिल्म की ‘कालीचरण’: पूरी रात संवादों की तैयारी करने के बाद उन्होंने ऑडिशन दिया और चयनित हो गए. उनकी पहली तेलुगु फिल्म ‘कालीचरण’ थी, जिसमें उन्हें मुख्य विलेन का किरदार मिला. फिल्म सफल रही और इसके बाद दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग में उनके लिए नए रास्ते खुलते चले गए. पंकज केसरी बताते हैं कि अब तक वह लगभग दो दर्जन दक्षिण भारतीय फिल्मों में काम कर चुके हैं. उनकी हालिया चर्चित फिल्मों में ‘उस्ताद भगत सिंह’ भी शामिल है, जिसमें सुपरस्टार पवन कल्याण मुख्य भूमिका में थे.

टॉलीवुड के बारे में क्या कहते हैं पंकज: उन्होंने कहा कि दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग में उन्हें काम की संतुष्टि मिली. वहां फिल्म निर्माण की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित है, बजट बेहतर है और कलाकारों को अपने किरदार पर काम करने का पर्याप्त अवसर मिलता है. हालांकि, इसके बावजूद उनके मन में भोजपुरी के लिए प्यार कभी कम नहीं हुआ. वह मानते हैं कि जो पहचान उन्हें मिली, उसकी शुरुआत भोजपुरी सिनेमा से हुई थी.

BHOJPURI ACTOR PANKAJ KESARI
टॉलीवुड में मिला विलेन का रोल (सौ. पंकज केसरी द्वारा उपलब्ध करायी गई तस्वीर)

डिजिटल प्लेटफॉर्म तक सिमटी भोजपुरी: पंकज केसरी का मानना है कि भोजपुरी भाषा और साहित्य बेहद समृद्ध है, लेकिन दुर्भाग्य से उसका पूरा लाभ नहीं उठाया जा रहा. उन्होंने कहा कि आज अच्छे साहित्य और लोकधुनों की जगह त्वरित लोकप्रियता वाले कंटेंट को अधिक महत्व दिया जा रहा है. यही वजह है कि भोजपुरी सिनेमा का दायरा पहले की तुलना में सीमित हुआ है और उसका बड़ा हिस्सा डिजिटल प्लेटफॉर्म तक सिमट गया है.

लोकगीतों का पुनर्सृजन कर रहें पंकज: वह इन दिनों भोजपुरी लोकगीतों को नए अंदाज में प्रस्तुत करने के अभियान में जुटे हैं. वह पुराने और विलुप्त होते जा रहे लोकगीतों का पुनर्सृजन कर रहे हैं ताकि नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ सके. उनका नया प्रोजेक्ट ‘यह हमारा गांव रे’ जुलाई में रिलीज होने वाला है. इस परियोजना से जुड़े उदित नारायण जैसे कई प्रतिष्ठित कलाकार भी इसमें अपनी आवाज और अभिनय का योगदान दे रहे हैं.

BHOJPURI ACTOR PANKAJ KESARI
भोजपुरी सिनेमा से साउथ की फिल्मों तक जलवा (सौ. पंकज केसरी द्वारा उपलब्ध करायी गई तस्वीर)

राजनीति में भी आना चाहते हैं अभिनेता: बातचीत के दौरान उन्होंने राजनीति में आने की इच्छा भी खुलकर जाहिर की. उन्होंने कहा कि एक बिहारी होने के नाते राजनीति में उनकी हमेशा रुचि रही है. अभी फिल्मी परियोजनाओं में व्यस्तता के कारण वह सक्रिय राजनीति में नहीं आ पाए हैं, लेकिन आने वाले समय में किसी राजनीतिक दल से जुड़कर समाज के लिए काम करना चाहते हैं. उनका मानना है कि देश और समाज को बेहतर बनाने के लिए केवल नेताओं या अधिकारियों पर निर्भर नहीं रहा जा सकता. जनता को भी अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक होना होगा.

राजनीति में जाने का क्या है उद्देश्य: पंकज केसरी कहते हैं कि यदि समाज ईमानदारी को सम्मान देना शुरू कर दे और भ्रष्टाचार को स्वीकार करना बंद कर दे, तो व्यवस्था अपने आप बेहतर हो जाएगी. उनका उद्देश्य राजनीति में जाकर केवल पद हासिल करना नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करना और सामाजिक जिम्मेदारी का भाव विकसित करना है. अभिनेता से समाजसेवी और संभवत भविष्य के राजनेता बनने की उनकी यह सोच बताती है कि पंकज केसरी की कहानी अभी खत्म नहीं हुई है, बल्कि एक नए अध्याय की शुरुआत होने वाली है.

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