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सड़क पर दो लोग झगड़ें और 25 लोग देखने खड़े हो जाएं, तो समझ लीजिए रंगमंच जिंदा है : मकरंद देशपांडे

अभिनेता मकरंद देशपांडे ने कहा कि नाटक एक सजीव माध्यम है, जबकि अन्य माध्यमों में कहीं न कहीं निर्जीवता आ जाती है.

Makarand Deshpande and others launching Jayarangam brochure
जयरंगम का ब्रोशर लॉन्च करते मकरंद देशपांडे व अन्य (ETV Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : December 17, 2025 at 7:32 PM IST

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Updated : December 17, 2025 at 7:56 PM IST

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जयपुर: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ओटीटी और सिनेमा के दौर में भी रंगमंच की प्रासंगिकता पर सवाल उठाने वालों को जवाब देते हुए अभिनेता मकरंद देशपांडे ने कहा कि जब तक इंसान को इंसान में दिलचस्पी है, तब तक रंगमंच की मौत नहीं हो सकती. उन्होंने कहा कि अगर सड़क पर दो लोग आपस में बहस या झगड़ा कर रहे हों और उसे देखने के लिए 25 लोग अपने सारे काम छोड़कर खड़े हो जाएं, तब तक रंगमंच नहीं मर सकता.

राजस्थान के रंगमंच प्रेमियों के लिए कला, संस्कृति और संवाद का मंच 14वें जयरंगम के रूप में 18 से 21 दिसंबर तक जवाहर कला केंद्र में सजने जा रहा है. राजस्थान कला एवं संस्कृति विभाग, जवाहर कला केंद्र और थ्री एम डॉट बैंड्स थिएटर फैमिली सोसाइटी मिलकरये चार दिवसीय महोत्सव कर रही है. जिसमें कुल 11 नाट्य प्रस्तुतियां, म्यूजिकल परफॉर्मेंस, दास्तानगोई, एग्जीबिशन और हेरिटेज वॉक शामिल होंगी.

रंगमंच की प्रासंगिकता पर मकरंद देशपांडे ने दिया ये जवाब (ETV Bharat Jaipur)

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जयरंगम (जयपुर रंग महोत्सव) के आयोजन से पहले जयपुर पहुंचे मकरंद देशपांडे ने कहा कि किसी भी आयोजन की शुरुआत के लिए एक व्यक्ति का सपना जरूरी होता है और उसे साकार करने के लिए परिवार और मित्रों का साथ चाहिए. जयरंगम की नींव दीपक गेरा ने रखी थी. भले ही वो आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी विरासत को आगे बढ़ाने का काम पूरी टीम कर रही है. उन्होंने कहा कि हर आयोजन के सामने चुनौतियां आती हैं और उन्हीं चुनौतियों के बीच जयरंगम आज अपने 14वें सीजन तक पहुंचा है.

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देशपांडे ने रंगमंच और सिनेमा के संबंधों पर बात करते हुए कहा कि जब वो जयरंगम में मंच पर होते हैं, तभी सिनेमा जगत से उन्हें बुलावा आने लगता है. नए कलाकारों के संदर्भ में उन्होंने आईपीएल का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह सीनियर और इंटरनेशनल खिलाड़ियों के साथ खेलने से नए खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ता है, उसी तरह जयरंगम जैसे आयोजन नए कलाकारों को सीखने और आगे बढ़ने का अवसर देते हैं.

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उन्होंने कहा कि नाटक एक सजीव माध्यम है, जबकि अन्य माध्यमों में कहीं न कहीं निर्जीवता आ जाती है. यही कारण है कि आज भी वही नेता लोगों को पसंद आता है जो ठीक से संवाद कर पाता है और अपनी बात प्रभावी ढंग से रखता है. मकरंद देशपांडे ने कहा कि एआई के दौर में भी रंगमंच और अधिक जीवित रहेगा, क्योंकि जो संवाद एक सजीव व्यक्ति कर सकता है, वो न तो एआई कर सकता है और न ही कोई होलोग्राम.

Artist Nadia Freeman and Jahan Kapoor
अंतरराष्ट्रीय कलाकार नाडिया फ्रीमैन और अभिनेता जहान कपूर (Source - Jayarangam Organizing Committee)

वहीं जयरंगम की डायरेक्टर मन गेरा ने बताया कि इस वर्ष जयरंगम का विशेष फोकस महिलाओं पर है. सात नाटक महिला नाट्य निर्देशकों की ओर से पेश किए जाएंगे, जबकि स्पॉटलाइट सेगमेंट के तहत छह नाटकों में भी महिला निर्देशकों की रचनाएं शामिल होंगी. नौ नाटक राजस्थान में पहली बार मंचित किए जाएंगे. महोत्सव में भारत में पहली बार न्यूजीलैंड की नाट्य प्रस्तुति 'द गिरमिट' का मंचन होगा, जिसका निर्देशन समीना जेहरा ने किया है. इसमें अंतरराष्ट्रीय कलाकार नाडिया फ्रीमैन के साथ जयपुर के कलाकार मोहम्मद जमान मंच साझा करेंगे.

वहीं जयरंगम 2025 में फिल्म फेयर ओटीटी अवॉर्ड 2025 विजेता अभिनेता जहान कपूर सहित कई नामचीन कलाकार हिस्सा लेंगे. गुरुदत्त के जन्म शताब्दी वर्ष पर 'दास्तान ए गुरुदत्त' के माध्यम से उनके जीवन को अनोखे अंदाज में पेश किया जाएगा. साथ ही, पहली बार आयोजित हेरिटेज वॉक के जरिए जयपुर की सांस्कृतिक और स्थापत्य विरासत से भी रूबरू कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि जयरंगम 2025 रंगमंच को नए विचार, नई दृष्टि और वैश्विक संवाद से जोड़ने का सशक्त मंच बनेगा.

Last Updated : December 17, 2025 at 7:56 PM IST