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200 करोड़ मनी लॉन्ड्रिंग मामला: जैकलीन की सरकारी गवाह बनने की याचिका टली, ED ने मांगा समय

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने कोर्ट से जैकलीन फर्नांडिस की सरकारी गवाह बनने की अर्जी पर जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है.

Jacqueline Fernandez
जैकलीन फर्नांडिस (IANS)
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By ETV Bharat Entertainment Team

Published : April 20, 2026 at 3:57 PM IST

3 Min Read
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नई दिल्ली: बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस की हाई-प्रोफाइल 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सरकारी गवाह बनने की याचिका को अदालत ने टाल दिया है. यह मामला ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है. अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को जवाब दाखिल करने के लिए और समय दिया है.

. प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार, 20 अप्रैल को जैकलीन की उस याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिसमें उन्होंने ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सरकारी गवाह बनने की मांग की है.

एएनआई के अनुसार, एजेंसी ने जैकलीन के आवेदन को अस्पष्ट बताया और कहा कि अपना जवाब दाखिल करने से पहले उन्हें विवरण की जांच करने के लिए समय चाहिए. विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने इस मामले में आगे की सुनवाई के लिए 8 मई की तारीख तय की है. बता दें, यह मामला दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में गया है.

एक्ट्रेस जैकलीन की सरकारी गवाह बनने की अर्जी पर सुकेश चंद्रशेखर के वकील अनंत मलिक ने कहा, 'यह मंजूरी अर्जी पर विचार करने के लिए थी. आज, ईडी ने औपचारिक जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है. हालांकि, बहस के दौरान ईडी ने इस अर्जी को अस्पष्ट बताया है. फिर भी, इस मामले में औपचारिक जवाब का इंतजार है और अब अगली सुनवाई 8 मई को होगी. हम इसका पुरजोर विरोध करेंगे. हम इसका पूरी ताकत से विरोध करेंगे, क्योंकि यह कोई आम आरोपी नहीं है. मुझे यकीन है कि अदालत भी इस बात को समझेगी, और एजेंसियां ​​भी इस बात को समझेंगी. मेरी राय में, मेरे विचार से, इस अर्जी को खारिज कर दिया जाना चाहिए.'

कोर्ट ने इससे पहले 17 अप्रैल को एक्टर के वकील के एप्लीकेशन फाइल करने के बाद एजेंसी को नोटिस जारी किया था. एजेंसी ने फाइल की गई सप्लीमेंट्री चार्जशीट में जैकलीन का नाम पहली बार आरोपी के तौर पर आया था. पिछले साल 3 जुलाई को, दिल्ली हाई कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में एनफोर्समेंट केस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट (ECIR) को रद्द करने की उनकी पिटीशन खारिज कर दी थी.

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया था. दिल्ली पुलिस ने चंद्रशेखर के खिलाफ रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटरों शिविंदर सिंह और मालविंदर सिंह की पत्नियों से 200 करोड़ रुपये की ठगी करने के आरोप में मामला दर्ज किया था.

देशभर में कई अन्य मामलों में भी उनके खिलाफ जांच चल रही है. चंद्रशेखर और उनकी पत्नी लीना पॉलोस को दिल्ली पुलिस ने अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया था. पुलिस ने इस मामले में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) लगाया है.

पॉलोस और चंद्रशेखर पर आरोप है कि उन्होंने 'हवाला' मार्गों का इस्तेमाल किया और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर 'शेल कंपनियां' बनाईं, ताकि अपराध से कमाए गए पैसे को उनमें जमा किया जा सके.

(पीटीआई इनपुट के साथ)

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